BJP की मंजूषा नागपुरे बनेंगी पुणे की नई मेयर, NCP ने निभाया अजित दादा का वादा, आठवले की पार्टी को क्या मिला?

PMC BJP Mayor: पुणे महानगरपालिका में मंजूषा नागपुरे निर्विरोध महापौर चुनी गई हैं। बीजेपी और एनसीपी के बीच हुए समझौते के बाद, अजित पवार के नेतृत्व वाली राष्ट्रवादी कांग्रेस ने अपना वादा निभाया है।
Pune Mayor Election Manjusha Nagpure and Parshuram Wadekar
पुणे मेयर पद की उम्मीदवार भाजपा की मंजूषा नागपुरे व उपमहापौर पद के उम्मीदवार परशुराम वाडेकर (सोर्स: सोशल मीडिया)
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Pune Mayor Manjusha Nagpure: महाराष्ट्र की राजनीति के लिहाज से पुणे महानगरपालिका (PMC) से एक बड़ी खबर सामने आ रही है। भारतीय जनता पार्टी की वरिष्ठ नगरसेविका मंजूषा नागपुरे को पुणे को महापौर (Mayor) पद का उम्मीदवार बनाया है। खास बात यह है कि यह चुनाव निर्विरोध होना तय है। मंजूषा नागपुरे के साथ ही, उपमहापौर पद के लिए आरपीआई (RPI) के परशुराम वाडेकर के नाम की घोषणा की गई है।

NCP ने पूरा किया अजित पवार का वादा

इस चुनाव में मंजूषा नागपुरे का निर्विरोध चुना जाना पहले से ही तय माना जा रहा था, क्योंकि यह केवल एक औपचारिकता मात्र रह गई थी। सूत्रों के अनुसार, मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और तत्कालीन उपमुख्यमंत्री अजित पवार के बीच हुई चर्चा में यह तय हुआ था कि महापौर और उपमहापौर का चुनाव मैत्रीपूर्ण तरीके से लड़ा जाएगा और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) अपना उम्मीदवार नहीं उतारेगी। एनसीपी के पदाधिकारियों ने पुष्टि की है कि अजित दादा ने जो शब्द दिया था, उसे पार्टी ने पूरी तरह निभाया है।

मंजूषा नागपुरे का राजनीतिक सफर

मंजूषा नागपुरे पुणे मनपा के प्रभाग क्रमांक 35 (सनसिटी माणिक बाग) से बीजेपी की उम्मीदवार के रूप में निर्विरोध निर्वाचित हुई हैं। वह लगातार तीसरी बार नगरसेवक चुनी गई हैं। यह पहली बार है जब सिंहगढ़ रोड क्षेत्र को महापौर पद का सम्मान मिला है। पुणे के महापौर पद को इस बार सामान्य वर्ग की महिला के लिए आरक्षित किया गया था।

पुणे महानगरपालिका में बीजेपी का दबदबा

वर्तमान में पुणे महानगरपालिका में बीजेपी का एकतरफा नियंत्रण है। कुल 165 सीटों में से बीजेपी के 119 नगरसेवक चुनकर आए हैं,। बीजेपी ने इस चुनाव में बड़ी संख्या में महिलाओं को मौका दिया था, जिसमें से 50 से अधिक महिला नगरसेविकाएं चुनाव जीतकर सदन में पहुँची हैं। अन्य दलों की बात करें तो एनसीपी (अजित पवार गुट) के पास 27, कांग्रेस के पास 15 और शिवसेना (यूबीटी) के पास केवल 1 सीट है।

जश्न पर पाबंदी और शोक का माहौल

महापौर और उपमहापौर के नामों की घोषणा बीजेपी शहर अध्यक्ष धीरज घाटे द्वारा की गई। हालांकि, चुनाव जीतने के बावजूद बीजेपी ने अपने कार्यकर्ताओं और नगरसेवकों को सख्त निर्देश दिए हैं कि किसी भी प्रकार का जश्न न मनाया जाए। सदन के नेता गणेश बिडकर ने स्पष्ट किया है कि अजित पवार के निधन के कारण पार्टी ने यह बड़ा निर्णय लिया है कि कोई भी फटाके नहीं फोड़ेगा, गुलाल नहीं उड़ाएगा और न ही जीत के बैनर लगाए जाएंगे।

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