कोथरूड की 38 गुंठा मनपा जमीन आवंटन पर विवाद, विपक्ष के विरोध के बीच प्रस्ताव मंजूर
Pune Dynamic News: पुणे मनपा की कोथरूड स्थित 38 गुंठा जमीन वरिष्ठ नागरिक संस्था को देने पर हंगामा। बिना टेंडर आवंटन का विपक्ष ने किया विरोध, सत्तापक्ष ने बहुमत से पास कराया।
- Written By: रूपम सिंह
पुणे मनपा (सोर्स -सोशल मीडिया)
Pune Municipal Corporation: कोथरूड क्षेत्र में स्थित पुणे महानगरपालिका की 38 गुंठा मूल्यवान जमीन एक वरिष्ठ नागरिक संस्था को सामाजिक उपक्रमों के लिए देने के प्रस्ताव पर सोमवार को हुई जनरल बॉडी की बैठक में तीखी बहस देखने को मिली। विपक्षी नगरसेवकों ने बिना पारदर्शी प्रक्रिया और निविदा (टेंडर) जारी किए सार्वजनिक संपत्ति के आवंटन पर गंभीर सवाल उठाए, जबकि सत्ताधारी पक्ष ने इसे समाजहित में लिया गया निर्णय बताते हुए समर्थन किया।
बैठक के दौरान कांग्रेस के गटनेता अरविंद शिंदे, नगरसेवक प्रशांत जगताप और चंदूशेठ कदम ने प्रशासन को घेरते हुए कहा कि करोड़ों रुपये मूल्य की सार्वजनिक जमीन किसी संस्था को देने से पहले खुली और पारदर्शी प्रक्रिया अपनाई जानी चाहिए थी। उनका आरोप था कि बिना प्रतिस्पर्धी प्रक्रिया के भूमि आवंटन से मनपा की संपत्तियों के उपयोग को लेकर संदेह पैदा होता है और इससे भविष्य में गलत परंपरा स्थापित हो सकती है।
विपक्षी सदस्यों ने यह भी मांग की कि इस प्रकार के प्रस्तावों में सभी इच्छुक संस्थाओं को अवसर देने के लिए टेंडर प्रक्रिया अपनाई जाए, ताकि सार्वजनिक संपत्तियों का उपयोग अधिक पारदर्शी और जवाबदेह तरीके से हो सके। उन्होंने प्रशासन से भूमि आवंटन के मानदंड और चयन प्रक्रिया को सार्वजनिक करने की मांग भी की।
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वहीं, पुणे मनपा प्रशासन की ओर से उपायुक्त आशा राऊत ने स्पष्ट किया कि भूमि आवंटन का निर्णय महानगरपालिका के प्रचलित नियमों और निर्धारित प्रक्रियाओं के अनुसार लिया गया है। उन्होंने कहा कि वरिष्ठ नागरिकों के सामाजिक और कल्याणकारी उपक्रमों को बढ़ावा देने के उद्देश्य से यह प्रस्ताव तैयार किया गया है और इसमें किसी प्रकार की नियमों की अनदेखी नहीं की गई है।
सभागृह नेता गणेश बिडकर ने भी प्रस्ताव का समर्थन करते हुए कहा कि वरिष्ठ नागरिकों के लिए सामाजिक गतिविधियों, स्वास्थ्य संबंधी कार्यक्रमों और सामुदायिक उपक्रमों को प्रोत्साहन देने के लिए ऐसी संस्थाओं को सुविधाएं उपलब्ध कराना आवश्यक है। उन्होंने इसे समाजहित में लिया गया सकारात्मक निर्णय बताया।
लंबी चर्चा और विपक्ष के विरोध के बावजूद नगर सचिव योगिता भोसले ने प्रस्ताव पर मतदान कराया। सत्ताधारी पक्ष ने अपने संख्याबल के आधार पर बहुमत हासिल करते हुए प्रस्ताव को मंजूरी दिला दी। हालांकि, इस फैसले के बाद एक बार फिर मनपा की संपत्तियों के आवंटन की प्रक्रिया और उसकी पारदर्शिता को लेकर सवाल उठने लगे हैं। विपक्ष ने संकेत दिया है कि वह इस मुद्दे को आगे भी उठाता रहेगा।
