केरल जीतने के लिए पार्टियों ने उतारी टीम महाराष्ट्र! BJP से फडणवीस तो कांग्रेस से इस नेता ने संभाली कमान

Kerala Election 2026: केरल चुनाव में नागपुर के दिग्गजों का दबदबा! फडणवीस से लेकर विकास ठाकरे तक, जानें किसे मिली कहाँ की जिम्मेदारी और क्या है जमीनी माहौल।
Nagpur's top BJP and Congress leaders, including Devendra Fadnavis and Vikas Thakre, take charge of Kerala election campaigns. Check local impact and strategies.
परिणय फुके-देवेंद्र फडणवीस-प्रवीण दटके-विकास ठाकरे (सौजन्य-सोशल मीडिया)
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Kerala Assembly Election 2026: देश के 5 राज्यों में आगामी दिनों में विधानसभा चुनाव है। केरल में इसी महीने की 9 तारीख को वोटिंग होने वाली है। मु्ख्य राजनीतिक पार्टियां भाजपा व कांग्रेस का जोरदार प्रचार अभियान चल रहा है। राष्ट्रीय स्तर के नेताओं के साथ ही दोनों ही पार्टियों ने विविध राज्यों से अपने मंत्रियों, विधायकों व कद्दावर नेताओं को केरल में विविध विधानसभा सीटों पर चुनाव प्रचार की जिम्मेदारी सौंपी है।

नागपुर व विदर्भ के कई नेता इस अभियान में अपने उम्मीदवारों के लिए पूरी ताकत झोंक रहे हैं। कांग्रेस ने राष्ट्रीय सचिव प्रफुल्ल गुडधे को राष्ट्रीय महासचिव के.सी. वेणुगोपाल और राज्य प्रभारी रमेश चेन्नीथला के गृह जिले अलाप्पुझा (अलेप्पी) के चेरथला और अरूर विधानसभा क्षेत्रों की जिम्मेदारी सौंपी गई है।

उन्होंने बताया कि पूरे जिले में मतदाताओं का अच्छा प्रतिसाद मिल रहा है। राहुल गांधी की शनिवार को अलेप्पी में सभा होने जा रही है। इस सभा के आयोजन और प्रचार का समन्वय प्रफुल्ल गुडधे ने किया है।

ठाकरे संभाल रहे त्रिशूर

कांग्रेस शहर अध्यक्ष व विधायक विकास ठाकरे को कोच्चि से लगभग 50 किलोमीटर दूर त्रिशूर विधानसभा क्षेत्र में चुनावी रणनीति की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी दी गई है। इस सीट के चुनाव प्रबंधन की जिम्मेदारी वे संभाल रहे हैं। उन्होंने पूर्व विधायकों और पदाधिकारियों की बैठक लेकर बूथ स्तर की स्थिति की समीक्षा की।

उन्होंने बताया कि जब स्थानीय कार्यकर्ताओं को पता चला कि वे नागपुर से आए हैं, जहां नितिन गडकरी के खिलाफ चुनाव लड़ा गया था और जहां आरएसएस का मुख्यालय है, तो उनका उत्साह और बढ़ गया। पूर्व मंत्री सुनील केदार ने तिरुवनंतपुरम विधानसभा क्षेत्र में मुरलीधरन के चुनाव अभियान की जिम्मेदारी संभाली है।

उन्होंने बताया कि भाजपा अपने ही मुद्दों में उलझी हुई है और गैस, ईंधन संकट तथा अन्य राष्ट्रीय मुद्दों के कारण जनता वास्तविक स्थिति समझ चुकी है। इसलिए केरल में भाजपा का कोई खास प्रभाव नहीं पड़ेगा। कांग्रेस के राष्ट्रीय सचिव और गुजरात के सह-प्रभारी रामकिशन ओझा को केरल में ‘स्टेट प्रोग्राम इंचार्ज’ बनाया गया है। उन्होंने बड़े नेताओं की सभाओं, दौरों और अन्य कार्यक्रमों का समन्वय किया है।

भाजपा उम्मीदवारों के लिए ‘देवेंद्र’ सहित 87 नेता

भाजपा ने तो केरल में अपनी पूरी ताकत झोंक रखी है। महाराष्ट्र से 87 वरिष्ठ नेता केरल में डेरा डाले हुए हैं। स्वयं मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की धुआंधार सभाएं व प्रचार रैली हो रही है। विदर्भ के अनेक नेता अलग-अलग विस सीटों पर पार्टी उम्मीदवारों के लिए काम कर रहे हैं। नागपुर से भी अनेक विधायक व पदाधिकारियों को अलग-अलग सीटों की जिम्मेदारी सौंपी गई है।

चुनाव प्रचार में जुटे नेताओं ने बताया कि केरल में स्थानीय कार्यकर्ताओं के साथ जनसंपर्क अभियान और बड़ी सभाओं की शुरुआत कर दी है। विदर्भ के चुनावी प्रबंधन का अनुभव केरल में भाजपा के लिए उपयोगी साबित हो रहा है और कार्यकर्ताओं में खासा उत्साह देखने को मिल रहा है।

तिरुवनंतपुरम में जुटे हैं दटके

विधायक प्रवीण दटके तिरुवनंतपुरम जिले के कझकूटम विधानसभा क्षेत्र की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं। उन्होंने बताया कि भाजपा को उत्साहपूर्वक समर्थन हासिल हो रहा है। पूर्व विधायक अनिल सोले को नेयाट्टिनकारा विधानसभा क्षेत्र की जिम्मेदारी दी गई है तो पूर्व विधायक गिरीश व्यास नेमम विस सीट पर प्रचार में जुटे हुए हैं। विधायक परिणय फुके पुनजर विस क्षेत्र में डेरा डालकर संगठन और चुनाव प्रबंधन की माइक्रो प्लानिंग पर काम कर रहे हैं।

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