ठाणे-भिवंडी-कल्याण मेट्रो-5 कॉरिडोर के लिए 84.34 करोड़ का टेंडर जारी; 2026 के अंत तक शुरू होगी यात्री सेवा

Metro Line 5 Construction Update: ठाणे-भिवंडी-कल्याण मेट्रो-5 के काशेली डिपो में ट्रैक बिछाने के लिए ₹84.34 करोड़ का टेंडर जारी। साल 2026 के अंत तक यात्री सेवाएं शुरू करने का लक्ष्य है।
MMRDA invites ₹84.34 cr tender for track work at Kasheli Depot for Thane-Bhiwandi-Kalyan Metro Line 5. Passenger operations are targeted to start by end of 2026.
ठाणे-भिवंडी-कल्याण मेट्रो-5 (सोर्स - सोशल मिडिया)
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Thane Bhiwandi Kalyan Metro Line 5 Construction Update: बहुप्रतीक्षित मेट्रो लाइन-5 ठाणे-भिवंडी-कल्याण मेट्रो कॉरिडोर को गति देने के लिए एमएमआरडीए ने काशेली डिपो में ट्रैक बिछाने के कार्य को लेकर 84.34 करोड़ रुपए का टेंडर जारी किया है। परियोजना का पहला चरण अब मेट्रो रेल सुरक्षा आयुक्त के निरीक्षण के करीब पहुंच चुका है। अधिकारियों के अनुसार निर्माण और परीक्षण कार्य समय पर पूरा होने पर वर्ष 2026 के अंत तक यात्री सेवाएं शुरू करने का लक्ष्य रखा गया है।

एमएमआरडीए द्वारा जारी ई-निविदा के तहत काशेली डिपो में स्टैंडर्ड गेज ट्रैक के डिजाइन, विकास, आपूर्ति, स्थापना, परीक्षण और चालू करने का कार्य किया जाएगा। इसमें बैलास्टेड और बैलास्टलेस दोनों प्रकार के ट्रैक शामिल होंगे।

निविदा दस्तावेज के अनुसार चयनित ठेकेदार को मानसून अवधि सहित 20 महीनों के भीतर कार्य पूरा करना होगा। इसके लिए 42.17 लाख रुपए की निविदा सुरक्षा राशि निर्धारित की गई है। काशेली डिपो मेट्रो लाइन-5 का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। यह कॉरिडोर ठाणे, भिवंडी और कल्याण के बीच यात्रा को आसान बनाएगा। यह क्षेत्र के तेजी से विकसित हो रहे औद्योगिक और आवासीय क्षेत्रों को बेहतर सार्वजनिक परिवहन सुविधा उपलब्ध कराएगा।

बढ़कर 34.21 किलोमीटर की हुई मेट्रो लाइन-5

मेट्रो लाइन-5 की मूल लंबाई 22.38 किलोमीटर थी, लेकिन हाल ही में स्वीकृत 11.83 किलोमीटर लंबे मेट्रो लाइन-5ए विस्तार के बाद इसकी कुल लंबाई बढ़कर 34.21 किलोमीटर हो गई है। इस विस्तार में दुर्गाड़ी, खड़कपाड़ा, भोईरवाडी, शिवाजी पथ, शांति नगर, शिवाजी चौक और उल्हासनगर सहित सात एलिवेटेड स्टेशन शामिल होंगे। अधिकारियों के अनुसार मेट्रो लाइन-5 का पहला चरण अब मेट्रो रेल सुरक्षा आयुक्त के निरीक्षण के करीब पहुंच चुका है।

निरीक्षण पूरा होने के बाद वाणिज्यिक संचालन का रास्ता साफ होगा। परियोजना शुरू होने से ठाणे, भिवंडी, कल्याण, डोंबिवली और उल्हासनगर के बीच कनेक्टिविटी मजबूत होगी। सड़क और उपनगरीय रेल नेटवर्क पर भीड़ भी कम होगी। भिवंडी जैसे प्रमुख लॉजिस्टिक्स और औद्योगिक केंद्रों को आर्थिक गति मिलेगी।

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