टिकट मिले या न मिले, मैदान नहीं छोड़ेंगे; Pimpri Chinchwad Election में कार्यकर्ताओं के बगावती तेवर
Pimpri Chinchwad Municipal Election से पहले टिकट को लेकर असंतोष बढ़ा। कई इच्छुकों ने साफ कहा—टिकट मिले या न मिले, चुनाव तो लड़ेंगे। इससे मुकाबला और रोचक होने वाला है।
- Written By: अपूर्वा नायक
पिंपरी-चिंचवड़ महानगरपालिका (सोर्स: सोशल मीडिया)
Pimpri Chinchwad Municipal Election: पिंपरी-चिंचवड महानगरपालिका चुनाव से पहले राजनीतिक दलों के भीतर असंतोष खुलकर सामने आने लगा है।
कई वार्डों में वर्षों से पार्टी के लिए काम कर रहे पदाधिकारी और कार्यकर्ता अब दो टूक कह रहे हैं कि टिकट चाहे मिले या न मिले, वे चुनाव जरूर लड़ेंगे। इस सख्त रुख के चलते भोसरी और आसपास के इलाकों में चुनावी सरगर्मी और तेज हो गई है।
पार्टी कार्यकर्ताओं का आरोप है कि लंबे समय तक निष्ठा निभाने के बावजूद अब बाहरी दलों से आए प्रभावशाली नेताओं को प्राथमिकता दी जा रही है। इससे जमीनी स्तर पर काम करने वाले नेताओं में नाराजगी बढ़ी है। हालांकि अभी तक किसी भी प्रमुख दल ने आधिकारिक उम्मीदवार सूची जारी नहीं की है, लेकिन कुछ दावेदारों को वरिष्ठ नेताओं से निजी तौर पर ‘ग्रीन सिग्नल’ मिल चुका है। इसके बाद कई संभावित उम्मीदवारों ने अपने-अपने वार्डों में प्रचार भी शुरू कर दिया है।
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एबी फॉर्म के लिए आखिरी कोशिशें
भोसरी क्षेत्र के कई वार्डों में अब भी टिकट को लेकर असमंजस बना हुआ है। यदि अंतिम समय में पुराने और वफादार कार्यकर्ताओं को मौका दिया गया, तो हाल में शामिल हुए नेताओं के लिए समीकरण बिगड़ सकते हैं। लगातार हो रहे दल-बदल के कारण हर दिन चुनावी गणित बदलता नजर आ रहा है।
नामांकन दाखिल करने की अंतिम तिथि 30 दिसंबर है।
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राजनीतिक जानकारों का कहना है कि अंतिम दिन बड़ी संख्या में उम्मीदवार पर्चे भर सकते हैं। साथ ही, पार्टी का आधिकारिक ‘एबी फॉर्म’ हासिल करने के लिए दावेदार आखिरी समय तक पूरी ताकत झोंकने वाले हैं। इसके बाद ही यह साफ होगा कि किन वार्डों में असली मुकाबला किसके बीच होगा।
