NCRB Report 2023: पुणे में बच्चों पर अपराध 68% बढ़े, महिलाओं और साइबर अपराध भी बढ़े
हाल ही में NCRB ने Crime In India 2023 रिपोर्ट पेश की है। जिसमें पुणे शहर में हुए अपराधों ने सभी को हैरान कर दिया है। Pune में 2023 के दौरान IPC के अंतर्गत 12,000 से ज्यादा मामले दर्ज हुए है।
- Written By: अपूर्वा नायक
क्राइम न्यूज (सौजन्यः सोशल मीडिया)
Pune News: राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो (एनसीआरबी) ने हाल ही में अपनी ‘क्राइम इन इंडिया 2023’ रिपोर्ट जारी की है। इसमें पुणे शहर की कानून-व्यवस्था और अपराध के रुझानों पर गंभीर प्रश्न खड़े किए गए हैं।
रिपोर्ट के मुताबिक पुणे में साल 2022 में बच्चों के खिलाफ अपराधों में 68.6% की वृद्धि दर्ज की गई। यही नहीं, महिलाओं के खिलाफ अपराध और साइबर अपराधों में भी बड़ी तेजी आई है। लेकिन पुणे पुलिस ने चार्जशीट दाखिल करने की दर में अच्छा प्रदर्शन किया है, लेकिन अपराधों की बढ़ती संख्या समाज और प्रशासन दोनों के लिए चिंता का विषय है।
आंकड़ों पर एक नजर
रिपोर्ट के अनुसार, पुणे में 2023 के दौरान IPC के तहत 12,542 मामले दर्ज किए गए। यह संख्या 2022 में दर्ज 11,074 मामलों की तुलना में लगभग 13.3% अधिक है। वहीं, स्पेशल एक्ट और लोकल लॉज से जुड़े मामलों में भी बढ़ोत्तरी हुई है। 2022 में जहां 3,099 मामले सामने आए थे, वहीं 2023 में यह संख्या बढ़कर 4,480 हो गई।
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रिपोर्ट के मुताबिक पुणे पुलिस ने चार्जशीट दाखिल करने की दर में अच्छा प्रदर्शन किया है। पुणे ने 2023 में चार्जशीट दाखिल करने के मामले में भी उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल की है। आईपीसी मामलों में 94%, वहीं स्पेशल एक्ट और लोकल लॉज के तहत 98।9% मामलों में पुलिस ने चार्जशीट दायर की, जिससे पुणे देश के प्रमुख महानगरों में तीसरे स्थान पर रहा।
सबसे गंभीर स्थिति बच्चों के खिलाफ अपराधों की रही, रिपोर्ट बताती है कि 2022 में जहां बच्चों से संबंधित अपराधों के 732 मामले दर्ज किए गए थे, वहीं 2023 में यह बढ़कर 1,234 तक पहुंच गए, यानी अपराधों में एक ही साल में 68.6% की वृद्धि हुई। इन मामलों में 4 हत्याएं, 7 आत्महत्या के लिए उकसाने के मामले, 7 परित्याग के मामले, 764 अपहरण और अगवा से जुड़े मामले तथा 432 मामले पोक्सो अधिनियम के तहत दर्ज हुए। इनमें से 329 मामले ऐसे थे जिनमें “लापता बच्चों को सीधे अपहरण की श्रेणी में शामिल किया गया।
यौन उत्पीड़न के 156 मामले
रिपोर्ट के अनुसार, 2022 में महिलाओं के खिलाफ 2।074 मामले दर्ज हुए थे, जबकि 2023 में यह बढ़कर 2,550 तक पहुंच गए। इनमें दहेज हत्या के 6, पति या परिजनों की प्रताड़ना के 609, बलात्कार के 196, यौन उत्पीड़न के 156, स्टॉकिंग के 176 और महिलाओं से छेड़छाड़ के 588 मामले दर्ज किए गए। इस श्रेणी में चार्जशीट दाखिल करने की दर 77.1% रही। यह दर बेहतर मानी जा सकती है।
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डिजिटल युग में साइबर अपराध का बढ़ता खतरा
डिजिटल युग में साइबर अपराध भी तेजी से बढ़ रहे हैं। एनसीआरबी के अनुसार, देशभर में 2023 में साइबर अपराध के कुल 86,420 मामले दर्ज हुए, जबकि 2022 में यह संख्या 65,893 थी। वहीं पुणे में 2021 में 225 साइबर अपराध दर्ज हुए थे, 2022 में यह बढ़कर 357 हुए और 2023 में यह आंकड़ा 487 मामलों तक पहुंच गया। सबसे अधिक यानी लगभग 69% मामले वित्तीय धोखाधड़ी से जुड़े थे। इसके अलावा पहचान चोरी, ब्लैकमेलिंग, साइबर स्टॉकिंग और अश्लील सामग्री प्रसारित करने जैसे अपराध भी सामने आए। पुणे पुलिस के पास 2023 में कुल 1,497 साइबर अपराध के मामले थे, जिनमें से केवल 43 मामलों में चार्जशीट दाखिल की जा सकी। एनसीआरबी की रिपोर्ट यह स्पष्ट करती है कि पुणे में अपराधों की प्रकृति बदल रही है।
