सोलर प्रोजेक्ट (सौ. सोशल मीडिया )
Mumbai BMC Solar Panels: शहर को नेट-जीरो उत्सर्जन की दिशा में आगे बढ़ाने के लिए बीएमसी के पर्यावरण विभाग ने ठोस कदम उठाया है। योजना के तहत मुंबई फायर ब्रिगेड के 18 फायर स्टेशनों पर सोलर पैनल लगाए जाएंगे, जिससे इन भवनों की बिजली जरूरत का बड़ा हिस्सा सौर ऊर्जा से पूरा किया जा सकेगा।
इस परियोजना पर करीब 13.5 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे और इसके लिए जल्द ही टेंडर प्रक्रिया शुरू की जाएगी। बीएमसी प्रशासन ने सोलर पैनल लगाने के लिए सभी चयनित इमारतों में जगह चिन्हित कर ली है।
दस्तावेजों के अनुसार, जिन फायर स्टेशनों को इस योजना में शामिल किया गया है, उनमें कोलाबा, फोर्ट, मेमनवाड़ा, गोलिया, वलीं, दादर, मुलुंड, बांद्रा, नरिमन प्वाइंट, गावपाड़ा, बोरिवली, बांद्रा-कुर्ला कॉम्प्लेक्स, कुर्ला कमानी, गोरेगांव, दिंडोशी, दहिसर, मानखुर्द और कांदरपाड़ा फायर स्टेशन शामिल हैं।
बीएमसी के एक वरिष्ठ अधिकारी के मुताबिक, इन सभी इमारतों में उपलब्ध खुले स्थानों की तकनीकी जांच शुरू कर दी गई है। इसमें यह देखा जा रहा है कि दिन में कितनी देर और किस दिशा से सूरज की रोशनी पड़ती है, साथ ही छाया की स्थिति का भी विस्तृत अध्ययन किया जा रहा है।
शुरुआती चरण में बीएमसी ने चीन में बने फोल्डेबल सोलर पैनल इस्तेमाल करने की संभावना तलाशी थी, लेकिन परीक्षण में उनकी क्षमता अपेक्षा से कम पाई गई। इसके बाद प्रशासन ने फैसला लिया है कि इस परियोजना में भारतीय कंपनियों द्वारा निर्मित सोलर पैनल ही लगाए जाएंगे। इसी उद्देश्य से 13।5 करोड़ रुपये का टेंडर जारी किया जाएगा, जो अधिकारियों के अनुसार जल्द सार्वजनिक होगा।
बीएमसी का कहना है कि फायर स्टेशनों में बिजली की खपत काफी अधिक होती है, जिसका सीधा असर पर्यावरण पर पड़ता है। सोलर पैनल से उत्पादित बिजली के इस्तेमाल से करीब 10 प्रतिशत तक ऊर्जा बचत संभव होगी।
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एक अधिकारी ने बताया कि प्रत्येक सोलर पैनल लगभग 5 फीट लंबा और 3 फीट चौड़ा होगा, जिससे सीमित क्षमता की बिजली उत्पन्न की जा सकेगी। यह पहली बार है जब बीएमसी का पर्यावरण विभाग इस तरह की सौर ऊर्जा परियोजना को सीधे तौर पर लागू कर रहा है। इससे पहले निगम के अन्य विभागों में सोलर पैनल लगाए जा चुके हैं, लेकिन फायर स्टेशनों के लिए यह एक नई और अहम शुरुआत मानी जा रही है।