राकांपा में विलय की अटकलें तेज, सुनेत्रा पवार के नेतृत्व पर नेताओं की सहमति
NCP Faction Unity Discussion News: अजित पवार के निधन के बाद राकांपा के दोनों गुटों के संभावित विलय को लेकर सियासी हलचल तेज हो गई है। नेताओं ने सुनेत्रा पवार के नेतृत्व में एकजुट होने की बात कही है।
- Written By: अपूर्वा नायक
Sunetra Pawar (फोटो क्रेडिट-X)
NCP Merger Sunetra Pawar Leadership Update: उपमुख्यमंत्री अजित पवार के निधन के बाद राकांपा के दोनों गुटों के संभावित विलय को लेकर सियासत तेज हो गई है।
इस बीच एनसीपी नेता और विधायक सुनील शेलके ने बड़ा बयान देते हुए कहा कि अगर दोनों गुट सुनेत्रा पवार के नेतृत्व में एकजुट होते हैं तो यह गर्व की बात होगी।
शेलके ने कहा कि अजित पवार के निधन के बाद दोनों गुटों के बीच बैठकों और चर्चाओं का दौर चला था। हालांकि उन्होंने स्पष्ट किया कि इस तरह की विस्तृत चर्चा उनके या अन्य नेताओं के साथ नहीं हुई थी। उन्होंने कहा कि अगर दोनों गुट एक साथ आते हैं और पार्टी सुनेत्रा पवार के नेतृत्व में मजबूत होती है तो अभी भी देर नहीं हुई है।
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शरद पवार हमारे आदर्श : बनसोडे
विधानसभा के उपाध्यक्ष अण्णा बनसोडे ने इस विषय पर महत्वपूर्ण बयान दिए हैं। बनसोडे ने कहा कि अगर दोनों राकां सुनेत्रा पवार के नेतृत्व में एकजुट हो जाती है तो महाराष्ट्र के प्रत्येक कार्यकर्ता और जनता के लिए यह खुशी की बात होगी।
पार्टी के जिलाध्यक्ष, प्रमुख कार्यकर्ता और विधायक भी यही चाहते हैं कि सुनेत्रा पवार के नेतृत्व में सभी एकजुट होकर काम करें। शरद पवार हमारे लिए आदर्श हैं और उनका लंबा अनुभव सभी को मान्य है लेकिन 1999 से अजित पवार के साथ काम कर रहे अण्णा बनसोडे का मानना है कि अब सुनेत्रा पवार ने राष्ट्रीय अध्यक्ष और उपमुख्यमंत्री की जिम्मेदारी संभाली है और इसे वे अच्छे तरीके से निभाएंगी।
जब शरद पवार के नेतृत्व पर सवाल उठे तो उन्होंने कहा कि उनका अनुभव बड़ा है। वे 1999 से उनके नेतृत्व में काम कर रहे है। उनके राष्ट्रीय महायुति में शामिल होने की कोई बाधा नहीं है। वे हमारे आदर्श हैं।
विकास कार्यों पर भी असर
अजित पवार के कार्यकाल में पुणे जिले में हर अधिवेशन में नए प्रोजेक्ट्स मिलते थे। मावल तहसील – को भी कई योजनाओं का लाभ मिला। संत तुकाराम महाराज के ‘पांढरा डोंगर’ क्षेत्र में 1,200 से 1,400 करोड़ के कॉरिडोर का सपना अभी अधूरा है जिसे आने वाले समय में पूरा किया जाना चाहिए। मुख्यमंत्री अजित मामले की सच्चाई जल्द सामने लाएंगे।
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भाजपा ने कभी दबाव नहीं डाला
दोनों गुटों के विलिनीकरण पर सुनील तटकरे ने कहा कि भाजपा द्वारा कभी दबाव नहीं डाला गया। जब भी एनडीए में शामिल होने का निर्णय लिया गया, प्रधानमंत्री मोदी, अमित शाह और देवेंद्र फडणवीस ने मार्गदर्शन किया।
