नसरापुर कांड: 3 साल की बच्ची से दरिंदगी मामले में 65 साल का भीमराव कांबले दोषी करार, 29 जून को सुनाई जाएगी सजा
Pune Nasrapur Case: पुणे की विशेष अदालत ने नसरापुर में मासूम से दुष्कर्म और हत्या मामले में भीमराव कांबले को दोषी ठहराया। अभियोजन पक्ष ने फांसी की मांग की है। कोर्ट 29 जून को फैसला सुनाएगी।
- Written By: आकाश मसने
नसरापुर कांड का आरोपी भीवराव कांबले (सोर्स: सोशल मीडिया)
Pune Nasrapur Case Verdict: महाराष्ट्र के पुणे जिले से दिल दहला देने वाले नसरापुर कांड में विशेष अदालत ने एक बड़ा फैसला सुनाया है। कोर्ट ने तीन साल की मासूम बच्ची के साथ बर्बरता, दुष्कर्म और फिर उसकी हत्या के मामले में 65 वर्षीय बुजुर्ग भीमराव कांबले को सभी आरोपों में दोषी करार दिया है। अदालत इस मामले में 29 जून को सजा सुनाएगी।
अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश (विशेष न्यायाधीश) एस. आर. सालुंखे ने आरोपी भीमराव कांबले को अपहरण, दुष्कर्म और हत्या के लिए दोषी ठहराया। विशेष लोक अभियोजक अजय मिसर ने बताया कि अभियोजन पक्ष ने अपहरण, छेड़छाड़, दुष्कर्म और हत्या के साथ-साथ यौन अपराधों से बच्चों का संरक्षण (पॉक्सो) अधिनियम की कई धाराओं के तहत लगाए गए सभी आरोपों को अदालत में साबित किया।
क्या थी बचाव पक्ष की दलील?
सुनवाई के बाद विशेष लोक अभियोजक अजय मिसर ने संवाददाताओं से कहा कि अदालत ने माना है कि अभियोजन पक्ष सभी आरोप साबित करने में पूरी तरह सफल रहा। आरोपी ने अपराध से इनकार करते हुए दावा किया था कि बच्ची को मवेशी का बच्चा दिखाते समय फिसल कर गिर जाने से चोटें आई थीं, लेकिन वैज्ञानिक साक्ष्यों ने उसके इस दावे को झूठा साबित कर दिया।
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रेयरेस्ट ऑफ रेयर केस केस के लिए सुप्रीम कोर्ट के फैसलाें का सहारा
अजय मिसर ने बताया कि अभियोजन पक्ष ने अदालत में इस क्रुरतम कृत्य को साबित करने के लिए सुप्रीम कोर्ट के 12 ऐतिहासिक फैसलों का सहारा लिया। कोर्ट के सामने यह दलील रखी गई कि यह मामला ‘रेयरेस्ट ऑफ रेयर केस’ (Rarest of Rare) की श्रेणी में आता है।
बच्ची के शरीर पर मिले 18 चोटों के निशान
मिसर ने कहा कि हमने अदालत के सामने पीड़िता की कम उम्र और उस पर 39 मिनट तक लगातार किए गए बर्बर हमले का विवरण रखा। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में बच्ची के शरीर पर 18 चोटों के निशान पाए गए थे। उन्होंने कहा कि ऐसे पुख्ता साक्ष्य मिले हैं जिनसे यह साबित हुआ कि आरोपी ने ही बच्ची के साथ यह हैवानियत की थी।
नसरापुर कांड में पुणे की विशेष अदालत ने सीसीटीवी फुटेज, डीएनए प्रोफाइलिंग, चिकित्सीय साक्ष्य, यौन क्षमता (पोटेंसी) परीक्षण और मानसिक स्थिति परीक्षण को पूरी तरह प्रमाणित मानते हुए सबूत के रूप में स्वीकार कर लिया।
दोषी भीमराव कांबले को फांसी की सजा देने की मांग
सरकारी अधिवक्ता ने अदालत से दोषी भीमराव कांबले के लिए केवल और केवल मृत्युदंड (फांसी) की मांग की है। उन्होंने दलील दी कि कांबले समाज के लिए एक गंभीर नासूर है और उसमें सुधार की कोई गुंजाइश नहीं है। उसका पुराना क्रिमिनल रिकॉर्ड बेहद डरावना रहा है। इससे पहले भी उसके खिलाफ एक 62 वर्षीय बुजुर्ग महिला, एक 17 वर्षीय किशोरी और मवेशी के साथ क्रूरता के मामले दर्ज हैं। वह समाज के लिए एक बड़ा खतरा है और यदि उसे छोड़ भी दिया जाए, तो उसे जीवित रहने का कोई अधिकार नहीं है।
नसरापुर दुष्कर्म और हत्या के मामले में दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने सजा पर अपना फैसला सुरक्षित रख लिया है और 29 जून को यह तय करेगी कि आरोपी को मृत्युदंड दिया जाए या आजीवन कारावास।
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क्या थी नसरापुर की खौफनाक घटना?
यह सनसनीखेज वारदात इसी साल 1 मई को दोपहर 3 से 4 बजे के बीच पुणे के नसरापुर गांव में हुई थी। दोषी भीमराव कांबले ने मासूम बच्ची को खाने की चीजें देने और बछड़ा दिखाने का लालच देकर अगवा किया था। वह उसे मवेशियों के बाड़े के पास एक सुनसान शेड में ले गया, जहां उसने बच्ची के साथ दुष्कर्म किया और पोल खुलने के डर से बच्ची का मुंह दबाकर व छाती पर वार कर उसे मार डाला था।
