'उसे पिता कहने में शर्म आती है', नसरापुर हत्याकांड के आरोपी के परिवार ने की कड़ी से कड़ी सजा की मांग

Nasrapur Murder Case Accused Family Statement: नसरापुर हत्याकांड के आरोपी के परिवार ने उसे मौत की सजा देने की मांग की। बेटे ने कहा, उसे पिता कहने में शर्म आती है।
Nasrapur Murder Case Accused Family Statement
नसरापुर हत्याकांड के आरोपी के बेटे और पत्नी ने की मौत की सजा की मांग (फोटो क्रेडिट-X)
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Nasrapur Murder Case Death Penalty Demand: पुणे के नसरापुर (भोर) में एक मासूम बच्ची के साथ हुए जघन्य अपराध ने पूरे महाराष्ट्र में गुस्से की लहर पैदा कर दी है। इस मामले में सबसे चौंकाने वाला पक्ष आरोपी के परिवार का रुख है, जिन्होंने मीडिया के सामने आकर आरोपी को कड़ी से कड़ी सजा देने की वकालत की है। अदालत ने फिलहाल आरोपी को पांच दिन की पुलिस हिरासत में भेज दिया है।

जांच में यह भी सामने आया है कि यह आरोपी का पहला अपराध नहीं है। इससे पहले भी वह दो बार अपराधों में शामिल रहा था, लेकिन दोष सिद्ध न होने के कारण उसे बरी कर दिया गया था। अब आरोपी के परिजनों का कहना है कि उसे इस बार किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाना चाहिए।

"पिता मानना मेरी एकमात्र गलती"

आरोपी के बेटे ने मीडिया से बात करते हुए अपनी गहरी संवेदना व्यक्त की और कहा कि उसे उसे पिता कहने में शर्म महसूस होती है। उसने सरकार से मांग की कि उसे जल्द से जल्द मौत की सजा दी जाए, क्योंकि उसने जो अपराध किया है वह अक्षम्य है। बेटे के अनुसार, पीड़िता उसकी अपनी भतीजी जैसी थी और उस मासूम को न्याय मिलना अनिवार्य है।

आरोपी की पत्नी का दर्द और आक्रोश

नसरापुर हत्याकांड में आरोपी की पत्नी ने बेहद आक्रामक रुख अपनाते हुए कहा कि ऐसे व्यक्ति को जिंदा जला देना चाहिए। उन्होंने भावुक होते हुए कहा कि वह भी एक मां हैं और उनके ग्यारह पोते-पोतियां हैं, इसलिए वह पीड़िता की मां का दुख समझ सकती हैं। उन्होंने बताया कि इस घटना के बाद से उन्होंने अन्न का एक निवाला भी नहीं खाया है और वह अपने पति का चेहरा भी नहीं देखना चाहतीं।

  • आरोपी के बेटे ने कहा कि उसे पिता मानने में शर्म आती है।
  • सरकार को उसे जल्द से जल्द मौत की सजा देनी चाहिए।
  • आरोपी की पत्नी ने आक्रोश जताते हुए कहा कि उसे जिंदा जला देना चाहिए।
  • पत्नी ने कहा वह उसका चेहरा तक नहीं देखना चाहतीं।
  • यह आरोपी का तीसरा अपराध है।
  • इससे पहले दो मामलों में सबूतों के अभाव में उसे बरी कर दिया गया था।

10 वर्षों से टूटा हुआ रिश्ता

आरोपी के परिवार ने स्पष्ट किया कि पिछले एक दशक से उनका आरोपी के साथ कोई संबंध नहीं रहा है। पत्नी और बेटे एक साथ रहते हैं, जबकि आरोपी अलग रहता था। उन्होंने कई बार उसे सुधारने और घर बुलाने की कोशिश की, लेकिन वह हमेशा उन्हें टाल देता था और अपने गलत व्यवहार पर कायम रहा।

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