नारायणगांव एसटी डिपो की लापरवाही: बसें न मिलने से यात्रियों को सड़क पर गुजारनी पड़ रही रात
pune Bus Service Crisis: नारायणगांव डिपो की अनियमित बसों और बंद कंट्रोल रूम के कारण जुन्नर के ग्रामीण यात्री बेहाल हैं। तेंदुए के खतरे के बीच रात में बसें रद्द होने से यात्रियों में भारी आक्रोश है।
- Written By: रूपम सिंह
Narayangaon ST Depot प्रतीकात्मक तस्वीर (सोर्स: AI)
Narayangaon ST Depot News: महाराष्ट्र राज्य सड़क परिवहन महामंडल के नारायणगांव एसटी डिपो की कुप्रबंधन के कारण जुन्नर तहसील के ग्रामीण यात्री बेहाल हैं। म्हस्केवाडी, झापवाडी और साकोरी जैसे गांवों के लिए बसें समय पर नहीं पहुंच रही हैं, जिससे यात्रियों को बीच रास्ते में ही रात गुजारनी पड़ रही है। पिछले तीन वर्षों से बेल्हे नियंत्रण कक्ष बंद होने से कोई जानकारी नहीं मिल पाती। तेंदुए के खतरे के बीच यात्रियों को असुरक्षित छोड़ना प्रशासन की संवेदनहीनता को दर्शाता है। नागरिक अब इस कुप्रबंधन के खिलाफ आक्रोश व्यक्त कर रहे हैं।
नारायणगांव डिपो की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए ग्रामीणों ने बताया कि अब इस बात की कोई गारंटी नहीं रह गई है कि बसें गांव तक पहुंचेगी ही। कई बार बसें आधे रास्ते से ही वापस लौट जाती हैं या निर्धारित बस स्टैंड के स्थान पर जाने के बजाय यात्रियों को बीच सड़क पर छोड़ देते हैं। रात के समय सुनसान रास्तों पर बसें रद्द होने या समय पर न पहुंचने के कारण यात्रियों को भारी मानसिक और शारीरिक कष्ट सहना पड़ रहा है। प्रशासन की इस मनमानी से अब यात्रियों का भरोसा सार्वजनिक परिवहन से पूरी तरह उठने लगा है।
तीन वर्षों से ट्रैफिक कंट्रोल रूम बंद
पिछले तीन वर्षों से बेल्हे बस स्थानक का ट्रैफिक कंट्रोल रूम पूरी तरह बंद पड़ा है। ट्रैफिक कंट्रोल रूम के बंद होने के कारण यात्रियों की शिकायतें सुनने वाला या उन्हें सही जानकारी देने वाला कोई जिम्मेदार अधिकारी वहां मौजूद नहीं होता। यात्रियों को मार्गदर्शन न मिलने के कारण वे घंटों बस का इंतजार करते रहते हैं और अंत में उन्हें कोई सूचना नहीं दी जाती, सूचना के अभाव में यात्रियों की परेशानियां दिन-ब-दिन बढ़ती जा रही है, लेकिन डिपो प्रशासन ने इस समस्या की ओर अब तक आंखें मूंद रखी है।
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अचानक बस रद्द होने से यात्री हुए परेशान
हाल ही में एक अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण घटना सामने आई। जब पुणे नारायणगाव से झापवाड़ी जाने वाली बस को अचानक बिना किसी पूर्व सूचना के रद्द कर दिया गया। इसके चलते बेल्हे बस स्थानक पर उत्तरी सात महिला यात्रियों को रात के अंधेरे में घंटों असुरक्षित स्थिति में रुकना पड़ा। इन महिलाओं को भारी-भरकम किराया देकर निजी वाहन करना पड़ा ताकि वे अपने घर सुरक्षित पहुंच सकें।
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प्रशासन की हुई लापरवाही उजागर
उल्लेखनीय है कि जुन्नर तहसील के इलाकों में इन दिनों तेंदुए के हमलों की दहशत बनी हुई है। यात्रियों को सड़क पर बेसहारा छोड़ना प्रशासन की संवेदनहीनता और बड़ी लापरवाही को दर्शाता है। इस संबंध में जब डिपो प्रबंधक के कार्यालय से संपर्क करने का प्रयास किया गया, तो कोई भी जिम्मेदार व्यक्ति जानकारी देने के लिए उपलब्ध नहीं था।
यात्री प्रल्हाद देशमुख
भीषण गर्मी के इस मौसम में हमे बसों के लिए घटो स्टैंड पर खड़ा रहकर इंतजार करना पड़ता है। बसों की भारी अनियमितता के कारण हम कभी भी समय पर अपने घर नहीं पहुंच पाते। इस कुप्रबंधन की वजह से न केवल हमारा कीमती वक्त बर्बाद हो रहा है, बल्कि निजी वाहनों का सहारा लेने के कारण आर्थिक नुकसान भी झेलना पड़ रहा है। प्रशासन को हमारी इस परेशानी का जल्द समाधान करना चाहिए।
