
नाना पटोले और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (सोर्स: सोशल मीडिया)
पुणे: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को महाराष्ट्र दौरे के दौरान सिंधुदुर्ग जिले में छत्रपति शिवाजी महाराज की प्रतिमा ढहने को लेकर भारत के इस वीर सपूत के साथ ही, इस घटना से आहत लोगों से भी माफी मांगी। प्रधानमंत्री मोदी पिछले दिनों सिंधुदुर्ग में जो हुआ, आज मैं सिर झुकाकर मेरे आराध्य देव छत्रपति शिवाजी महाराज जी के चरणों में मस्तक रखकर माफी मांगता हूं। माफी वाले बयान के बाद महाराष्ट्र कांग्रेस के अध्यक्ष नाना पटोले ने पीएम मोदी पर निशाना साधा हैं।
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता नाना पटोले ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के बयान पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए शुक्रवार को कहा कि छत्रपति शिवाजी महाराज की प्रतिमा गिरने की घटना के लिए सिर्फ माफी मांगना पर्याप्त नहीं होगा क्योंकि इस घटना से ‘‘महाराष्ट्र के गौरव को ठेस पहुंची है।”
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मोदी ने पालघर में कहा कि ‘‘छत्रपति शिवाजी महाराज… मेरे लिए सिर्फ नाम नहीं हैं, हमारे लिए छत्रपति शिवाजी महाराज आराध्य देव हैं। पिछले दिनों सिंधुदुर्ग में जो हुआ, आज मैं सिर झुकाकर मेरे आराध्य देव छत्रपति शिवाजी महाराज जी के चरणों में मस्तक रखकर माफी मांगता हूं।” मोदी ने पिछले साल दिसंबर में सिंधुदुर्ग जिले में नौसेना दिवस समारोह के दौरान प्रतिमा का अनावरण किया था। प्रतिमा का उद्देश्य समुद्री रक्षा के प्रति छत्रपति शिवाजी महाराज की विरासत का सम्मान करना था।
पटोले ने भंडारा में संवाददाताओं से कहा कि ‘‘उन्हें (मोदी) माफी मांगने की जरूरत क्यों पड़ी? इसका मतलब है कि उन्होंने स्वीकार किया है कि उन्होंने गलती की थी। जब प्रतिमा बनकर तैयार हो गई थी, तो प्रधानमंत्री के तौर पर उन्हें या उनकी टीम को यह जांच करनी चाहिए थी कि प्रतिमा ठीक है या नहीं, नींव मजबूत है या नहीं और सांस्कृतिक निदेशक से प्रमाण पत्र मांगा गया था या नहीं।”
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महाराष्ट्र कांग्रेस के प्रमुख नाना पटोले ने कहा कि ‘‘केवल माफी मांगकर इस मुद्दे का समाधान नहीं किया जा सकता। चाहे वह प्रधानमंत्री हो, मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे हो या उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और अजित पवार हो, उन्होंने महाराष्ट्र के गौरव को ठेस पहुंचाई है। उन्हें सत्ता से हट जाना चाहिए, नहीं तो राज्य की जनता उन्हें सत्ता से बाहर कर देगी।”
(एजेंसी इनपुट के साथ)






