पुणे रिंग रोड और मुंबई-पुणे एक्सप्रेस-वे पर बनेंगे 8 हेलीपैड, एयर एंबुलेंस से मिलेगी राहत
Pune Ring Road और मुंबई-पुणे एक्सप्रेस-वे पर यात्रियों को बड़ी राहत मिलने जा रही है। आपातकाल में एयर एंबुलेंस सुविधा के लिए 8 हेलीपैड बनाए जाएंगे, जिससे ‘गोल्डन ऑवर’ में इलाज संभव होगा।
- Written By: अपूर्वा नायक
हैलीपैड (सौ. सोशल मीडिया )
Mumbai Pune Expressway Helipad Air Ambulance: पुणे रिंग रोड और मुंबई-पुणे एक्सप्रेस-वे पर सफर करने वाले यात्रियों के लिए राहत भरी खबर है।
किसी भी आपातकालीन स्थिति या भीषण दुर्घटना के दौरान घायलों को तत्काल चिकित्सा सहायता प्रदान करने के लिए प्रशासन ने एक बड़ा कदम उठाया है।
महाराष्ट्र राज्य सड़क विकास बोर्ड (एमएसआरडीसी) ने इन मार्गों पर कुल 8 हेलीपैड बनाने का निर्णय लिया है, जिससे ‘एयर एंबुलेंस’ की सुविधा उपलब्ध हो सकेगी।
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बचेगा ‘गोल्डन ऑवर’
सड़क विकास बोर्ड के अधीक्षक अभियंता राहुल वसईकर के अनुसार, पुणे रिंग रोड के पूर्व और पश्चिम मागों पर 3-3 हेलीपैड बनाए जाएंगे। वहीं, मुंबई-पुणे एक्सप्रेस-वे पर भी -2 हेलीपैड तैयार किए जा रहे हैं।
एक्सप्रेस-वे का होगा कायाकल्प और चौड़ीकरण
- वर्तमान में एक्सप्रेस-वे पर भारी ट्रैफिक के कारण एंबुलेंस को पहुंचने में समय लगता है। हेलीपैड बनने से गंभीर रूप से घायलों को सीधे अस्पताल ‘एयर लिफ्ट’ करना संभव होगा, जिससे कई जान बचाई जा सकेगी।
- बढ़ते ट्रैफिक दबाव को देखते हुए एक्सप्रेस-ये के पुनर्निर्माण के लिए 14,499 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। वर्तमान में यहां से रोजाना 80 हजार से अधिक वाहन गुजरते हैं। इस मार्ग को 8 से 10 लेन तक चौड़ा करने की योजना है, जिसके बाद इसकी क्षमता 1।65 लाख वाहनों तक बढ़ जाएगी। इसके लिए मौजूदा टनल के पास 6 नई टनल भी बनाई जाएंगी।
कन्सेशन पीरियड में की गई 10 साल की बढ़ोतरी
परियोजना की लागत वसूलने के लिए टोल वसूली की अवधि (कन्सेशन पीरियड) को 2035 से बढ़ाकर 2045 तक करने का निर्णय लिया गया है। वर्तमान में आईआरबी कंपनी के पास 2030 तक टोल वसूली का ठेका है।
ट्रक टर्मिनल
एक्सप्रेस-वे पर 500 और रिंग रोड पर 1,000 ट्रकों की क्षमता वाला टर्मिनल बनेगा।
रिंग रोड
दिसंबर 2027 तक 65 किमी का हिस्सा आम जनता के लिए खुलेगा। इससे मुंबई-सातारा की दूरी ढाई घंटे में तय होगी।
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मिसिंग लिंक
खोपोली से लोणावला के बीच ‘मिसिंग लिंक’ का काम अंतिम चरण में है, जो 1 मई को खुलेगा। शुरुआती 6 महीने इसमें केवल कारों को अनुमति होगी, भारी वाहनों पर रोक रहेगी।
