अतिवृष्टि राहत में बड़ा बदलाव: अब सभी पशुपालकों को मिलेगा मुआवजा, हटाई गई सीमाएं

Animal Compensation Policy: महाराष्ट्र सरकार ने अतिवृष्टि से हुए नुकसान की सहायता नियमों में बड़ा बदलाव किया है। अब सभी पशुपालक बिना किसी सीमा के मुआवजे के पात्र होंगे।
maharashtra-rain-relief-animal-compensation-rule-change-2026
Devendra Fadnavis statement (सोर्सः सोशल मीडिया)
Updated on

Maharashtra Rain Relief Compensation Rules 2026: महाराष्ट्र सरकार ने पिछले वर्ष जून से सितंबर के बीच हुई भारी बारिश से हुए नुकसान की भरपाई के लिए राहत नियमों में बड़ा बदलाव किया है।

देवेंद्र फडणवीस के नेतृत्व में सरकार ने पशुपालकों को राहत देने के लिए नई व्यवस्था लागू की है। नई घोषणा के अनुसार अब केवल लघु, सीमांत या भूमिहीन किसानों तक सीमित न रहकर सभी प्रभावित पशुपालक सहायता के पात्र होंगे। इससे पहले जो लोग योजना से वंचित रह गए थे, उन्हें भी अब लाभ मिल सकेगा।

मुआवजे की सीमा खत्म

सरकार ने मुआवजे से जुड़ी कई सीमाओं को खत्म कर दिया है। पहले मृत पशुओं की संख्या पर सीमा तय थी, लेकिन अब इस शर्त को हटाते हुए सभी मृत या लापता पशुओं के लिए मुआवजा देने का निर्णय लिया गया है।

दुधारू और कामकाजी पशुओं को राहत

पहले अधिकतम तीन बड़े दुधारू पशुओं तक ही सहायता मिलती थी, लेकिन अब यह सीमा समाप्त कर दी गई है। इसी तरह छोटे काम करने वाले पशुओं के लिए तय 6 की सीमा भी हटा दी गई है, जिससे अधिक पशुपालकों को लाभ मिलेगा।

छोटे पशु और कुक्कुट भी शामिल

सरकार ने छोटे दुधारू पशुओं के लिए 30 की सीमा और कुक्कुट (मुर्गी) के लिए 100 की सीमा भी समाप्त कर दी है। साथ ही 10 हजार रुपये की अधिकतम सीमा (कैप) भी हटा दी गई है, जिससे सभी मृत पक्षियों को मुआवजा मिलेगा।

गोठा नुकसान पर भी सहायता

इस नई नीति में पशु शेड (गोठा) को हुए नुकसान को भी शामिल किया गया है। इससे पशुपालकों को केवल पशुधन ही नहीं, बल्कि बुनियादी ढांचे के नुकसान की भी भरपाई मिल सकेगी।

किसानों को बड़ी राहत की उम्मीद

सरकार के इस फैसले से हजारों पशुपालकों और किसानों को राहत मिलने की उम्मीद है। यह कदम राज्य में आपदा प्रबंधन और कृषि क्षेत्र को मजबूत करने की दिशा में अहम माना जा रहा है।

Navbharat Live
navbharatlive.com