पुणे प्रशासन की सख्त चेतावनी: रेड व ऑरेंज अलर्ट के दौरान पर्यटन स्थलों से दूर रहें रीलबाज
Pune Monsoon Travel Advisory: पुणे जिला प्रशासन ने भारी बारिश के चलते पर्यटकों के लिए सख्त एडवाइजरी जारी की है। रेड और ऑरेंज अलर्ट के दौरान घाटों और खतरनाक किलों पर जाने से बचें।
- Written By: अंकिता पटेल
पुणे मानसून पर्यटन सुरक्षा नियम(सोर्स- नवभारत डिजाइन फोटो)
Pune Tourism Monsoon Safety Guidelines: मानसून की शुरुआत होते ही पुणे समेत पूरे महाराष्ट्र के पर्यटन स्थलों पर रौनक लौट आई है। लोनावला, मावल, मुलशी और पश्चिमी घाट के ऐतिहासिक किले, झरने और हरी-भरी घाटियां बड़ी संख्या में पर्यटकों और ट्रेकर्स को अपनी तरफ खींच रही हैं। हरियाली से ढके पहाड़ और कल-कल बहते झरनों का मनमोहक नजारा देखने के लिए लोग उमड़ रहे हैं। लेकिन इस प्राकृतिक सौंदर्य का आनंद लेते समय सुरक्षा को सबसे ऊपर रखना बेहद जरूरी है।
पश्चिमी घाट में लगातार हो रही भारी बारिश और बढ़ते हादसों के खतरे को देखते हुए पुणे जिला प्रशासन, पुलिस और वन विभाग ने बड़ा कदम उठाया है। प्रशासन ने साफ शब्दों में चेतावनी दी है कि जिन क्षेत्रों में मौसम विभाग द्वारा रेड या ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया हो, वहां जाने से पर्यटकों को पूरी तरह बचना चाहिए।
वीकेंड पर उमड़ रही भारी भीड़
मौसम सुहाना होते ही सिंहगढ़, राजगढ़, तोरणा, लोहगढ़ और विसापुर जैसे ऐतिहासिक किलों पर हर वीकेंड भारी भीड़ उमड़ रही है। हाल के दिनों में लोहगढ़ से जुड़े चर्चित ‘सिया-केतन’ मामले के बाद इस किले को देखने के लिए देश के विभिन्न राज्यों से पर्यटकों की संख्या में भारी इजाफा हुआ है।
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ऐसे में प्रशासन और ट्रेकिंग विशेषज्ञों ने ट्रेकर्स से विशेष सतर्कता बरतने की अपील की है। बारिश के दौरान किलों तक जाने वाले रास्ते, चट्टानें और सीढ़ियां काई जमने के कारण बेहद फिसलन भरी हो जाती हैं। ऐसी स्थिति में अच्छी पकड़ वाले ट्रेकिंग जूते पहनना अनिवार्य है।
पर्यटन क्षेत्रों में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात
पर्यटकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए पुणे जिला प्रशासन और पुलिस ने विस्तृत दिशानिर्देश जारी किए हैं। मावल, मुलशी, भोर, वेल्हे और जुन्नर जैसे दुर्गम तथा संवेदनशील पर्यटन क्षेत्रों में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है। इसके साथ ही पर्यटन विभाग, पुरातत्व विभाग और वन विभाग भी इन स्थलों पर कड़ी निगरानी रख रहे हैं।
वन क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले अत्यधिक जोखिम वाले और खतरनाक पर्यटन स्थलों पर पर्यटकों की आवाजाही को नियंत्रित करने तथा कुछ जगहों पर प्रवेश पूरी तरह प्रतिबंधित करने के निर्देश दिए गए हैं। सहायक वन संरक्षक (एसीएफ) विशाल चव्हाण ने बताया कि सभी क्षेत्रीय वन अधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्रों का मौका-मुआयन करने के निर्देश दिए गए हैं।
लापरवाही और रील बनाने का शौक पड़ेगा भारी
पुणे पर्यटन विभाग के उपनिदेशक भरत लांगी के अनुसार, मानसून में बड़ी संख्या में पर्यटक पहाड़ों, घाटों, झरनों, बांधों और ऐतिहासिक किलों का रुख करते हैं। लेकिन पर्यटकों को जोखिम भरे स्थानों पर सेल्फी लेने, सुरक्षा नियमों का उल्लंघन करने और मौसम की जानकारी लिए बिना ट्रेकिंग करने से बचना चाहिए।
किसी भी किले या पहाड़ी की चट्टानों के किनारे खड़े होकर सेल्फी लेने या सोशल मीडिया के लिए जोखिम भरी रील और वीडियो बनाने की कोशिश जानलेवा साबित हो सकती है। क्षेत्रीय वन अधिकारियों को पर्यटन स्थलों का बारीकी से निरीक्षण करने के निर्देश दिए गए हैं। वे मौसम, पानी के बहाव और समग्र सुरक्षा स्थिति का आकलन करने के बाद ही यह फैसला लेंगे कि पर्यटकों को प्रवेश देना है या पूरी तरह बंद करना है।
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मौसम देखकर ही घर से बाहर निकलें
बारिश के मौसम में अचानक बाढ़, लैंडस्लाइड, तेज जलधारा और फिसलन जैसी प्राकृतिक आपदाओं का खतरा काफी बढ़ जाता है। इसलिए पर्यटकों को सलाह दी गई है कि वे ट्रेकिंग पर निकलने से पहले मौसम विभाग का पूर्वानुमान जरूर देखें। बहते नालों, तालाबों या नदियों में पानी की गहराई और तेज बहाव का अनुमान लगाए बिना पानी में उतरना जानलेवा हो सकता है। सुरक्षा नियमों का पालन करके ही आप अपने मानसून ट्रिप को सुरक्षित और आनंददायक बना सकते हैं।
