क्षत्रिय महासभा की कार्यकारिणी: जातिगत आरक्षण खत्म करने के साथ प्रतिभा पाटिल को भारत रत्न देने की मांग

Nagpur Akhil Bhartiya Kshatriya: नागपुर में क्षत्रिय महासभा की बड़ी बैठक में जातिगत आरक्षण खत्म करने, प्रतिभा पाटिल को भारत रत्न देने और हरिजन एक्ट में सुधार जैसी कई बड़ी मांगें उठाई गईं।
Nagpur: A major demand was raised at the Kshatriya Mahasabha meeting—that caste-based reservation be abolished and... former President Pratibha Patil...
अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा बैठक(सोर्स- नवभारत डिजाइन फोटो)
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 Akhil Bhartiya Kshatriya Mahasabha Meeting: नागपुर की संतरा नगरी में अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा की राष्ट्रीय प्रबंध कार्यकारिणी की एक बेहद अहम बैठक हुई। होटल तुली इंटरनेशनल में सजी इस बैठक में देश के कोने-कोने से जुटे क्षत्रिय समाज के दिग्गजों ने समाज और देश के विकास को लेकर लंबी चर्चा की। इस दौरान समाज की भलाई के लिए डेढ़ दर्जन से ज्यादा बड़े प्रस्ताव पास किए गए, जो आने वाले समय में एक बड़ा बदलाव ला सकते हैं।

इस खास कार्यक्रम की शुरुआत मुख्य अतिथि और महाराष्ट्र के पूर्व गृह राज्यमंत्री कृपा शंकर सिंह ने दीप जलाकर की। बैठक की अध्यक्षता पूर्व सांसद कुंवर हरिवंश सिंह ने की, जबकि मंच का संचालन वरिष्ठ राष्ट्रीय महामंत्री राघवेंद्र सिंह राजू ने संभाला। कार्यक्रम को सफल बनाने में राष्ट्रीय महामंत्री पंकज सिंह की भूमिका सबसे मुख्य रही, जिन्होंने इस पूरी बैठक का आयोजन किया था।

आरक्षण नीति में बदलाव और प्रतिभा पाटिल को भारत रत्न देने की मांग

बैठक में सबसे बड़ा और गरमा-गरम मुद्दा आरक्षण नीति को लेकर उठा। महासभा ने साफ शब्दों में कहा कि देश में अब जाति के आधार पर मिलने वाला आरक्षण पूरी तरह खत्म होना चाहिए। इसकी जगह आर्थिक रूप से कमजोर और गरीब लोगों को आरक्षण और सरकारी मदद मिलनी चाहिए। इससे समाज के हर गरीब व्यक्ति को आगे बढ़ने का सही मौका मिल सकेगा।

इसके साथ ही राष्ट्रीय अध्यक्ष कुंवर हरिवंश सिंह ने एक और बड़ी मांग रखते हुए कहा कि देश की पूर्व राष्ट्रपति प्रतिभा ताई पाटिल को 'भारत रत्न' से सम्मानित किया जाना चाहिए। उनका कहना था कि ऐसा करने से न केवल उनके काम को सम्मान मिलेगा, बल्कि पूरे देश की महिलाओं के पास भी एक बहुत ही सकारात्मक और मजबूत संदेश जाएगा।

हरिजन एक्ट में सुधार और छत्तीसगढ़ कांड की सीबीआई जांच पर जोर

बैठक में कानून व्यवस्था और समाज के लोगों की सुरक्षा को लेकर भी कड़े प्रस्ताव पास किए गए। महासभा ने मांग की कि हरिजन एक्ट में जरूरी सुधार किए जाएं ताकि किसी भी बेकसूर इंसान की बिना वजह गिरफ्तारी न हो। इसके लिए किसी भी कार्रवाई से पहले नार्को, ब्रेन मैपिंग और पॉलीग्राफ टेस्ट को पूरी तरह अनिवार्य किया जाना चाहिए।

इसके अलावा, छत्तीसगढ़ के कोरिया में हुई दर्दनाक घटना, जहां 5 राजपूतों को जिंदा जला दिया गया था, उसकी सीबीआई जांच कराने की मांग जोर-शोर से उठी। महासभा ने कहा कि इस मामले के दोषियों और लापरवाह पुलिस-प्रशासन पर सख्त से सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। साथ ही दयाशंकर सिंह, स्वाति सिंह और आनंदपाल जैसे मामलों में क्षत्रिय समाज के लोगों पर दर्ज मुकदमे तुरंत वापस लिए जाने चाहिए।

शिवाजी भवन का निर्माण और धार्मिक स्थलों के विकास का रोडमैप

महासभा ने महाराष्ट्र सरकार से मांग की है कि छत्रपति शिवाजी भवन के लिए घोषित जमीन के आवंटन का काम जल्दी पूरा किया जाए ताकि निर्माण कार्य शुरू हो सके। वहीं, लखनऊ के शहीद पथ पर दयाशंकर सिंह के प्रयासों से महाराणा प्रताप शोध संस्थान और भवन का निर्माण जल्द शुरू होगा, जिसकी तारीखें भी बहुत जल्द तय कर दी जाएंगी।

धार्मिक आस्था से जुड़े मुद्दों पर बात करते हुए बैठक में मांग की गई कि श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट में क्षत्रिय समाज के एक प्रतिनिधि को भी शामिल किया जाए। इसके साथ ही अयोध्या के राम मंदिर दान में हुए कथित भ्रष्टाचार की सीबीआई और ईडी से जांच कराने और श्रीकृष्ण जन्मभूमि का निर्माण कार्य जल्द से जल्द शुरू करने का प्रस्ताव भी सर्वसम्मति से पास हुआ।

संगठन का विस्तार, इंटरनेशनल सम्मेलन और नागपुर के संतरों की सौगात

बैठक में संगठन को मजबूत करने के लिए महाराष्ट्र में तीन प्रभारियों—ओपी सिंह (मुंबई), पंकज सिंह (नागपुर) और इंजीनियर चंद्रशेखर सिंह की नियुक्ति की गई। राजस्थान की पुरानी कार्यकारिणी को भंग कर दिया गया है।

आगामी 7 अगस्त को दिल्ली के कॉन्स्टिट्यूशन क्लब में यूजीसी कानून को वापस लेने की मांग पर एक बड़ा 'मंथन महासम्मेलन' आयोजित करने का फैसला भी लिया गया है। आखिर में, इस कार्यक्रम में एक अनोखा आकर्षण भी देखने को मिला। यहाँ 'BCI ग्रीन वैली नागपुर ऑरेंजेस' की ग्रैंड लॉन्चिंग की गई, जिसके जरिए अब देश के किसी भी कोने में नागपुर के रसीले संतरों की होम डिलीवरी सीधे की जा सकेगी।

Demand raised at the Kshatriya Mahasabha meeting: Abolish caste-based reservation and confer the Bharat Ratna on former President Pratibha Patil.
अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा बैठक(सोर्स- नवभारत डिजाइन फोटो)

राज्य के राजस्व मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले ने इसकी लॉन्चिंग के बाद समुदाय को संबोधित किया और अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा की राष्ट्रीय प्रबंध कार्यकारिणी की मीटिंग के लिए नागपुर को चुनने के लिए आभार जताया। साथ ही साथ सभी आगंतुकों से नागपुर के प्रमुख धार्मिक, राजनैतिक व सामाजिक स्थलों को देखने की अपील की। इस मौके पर नागपुर के अपर पुलिस आयुक्त वसंत परदेशी और सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ वकील डॉ. ए. पी. सिंह विशेष रूप से मौजूद रहे, जिन्होंने समाज के लोगों से पिछड़े राजपूतों व क्षत्रियों के लिए भी पहल करने की अपील की, ताकि संगठन के मूल उद्देश्य की पूर्ति हो सके।

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