कमाई का नहीं दे पाए संतोषजनक हिसाब; नासिक के पूर्व CEO ने 10 साल में बनाई 1000 गुना संपत्ति
Nashik CBI Disproportionate Assets: सीबीआई ने देवलाली छावनी बोर्ड के पूर्व सीईओ अजय कुमार के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति का मामला दर्ज किया है। जांच में उनकी पत्नी और मां को भी सह-आरोपी बनाया गया है।
- Written By: अंकिता पटेल
नासिक, सीबीआई, देवलाली छावनी बोर्ड, भ्रष्टाचार (सोर्स -सोशल मीडिया)
Nashik CBI Disproportionate Assets Corruption Case: महज 10 साल की नौकरी में कि अधिकारी की संपत्ति हजारों रुपए से बढ़कर करोड़ों तक पहुंच ज तो सवाल उठना लाजिमी है। सीबीआई ने नासिक के देवलाली छावनी बोर्ड के पूर्व सीईओ और 2012 बैच के आईडीईएस अधिकारी अजय कुमार के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति का मामला दर्ज किया है।
CBI की जांच में बड़ा खुलासा
जांच एजेंसी का दावा है कि नौकरी शरू करने के समय उनकी घोषित संपत्ति महज 52 हजार रुपए के आसपास थी, लेकिन बाद के सालों में उनकी संपत्ति में कई करोड़ रुपए की बढ़ोतरी हुई।
सीबीआई की जांच में सिर्फ अधिकारी की संपत्ति ही नहीं, बल्कि उसके वित्तीय लेन-देन और परिवार की भूमिका भी जांच के दायरे में आई है। एजेंसी का आरोप है कि अजय कुमार अपनी आय के अनुरूप संपत्ति का संतोषजनक हिसाब नहीं दे सके, यही कारण है कि उनकी पत्नी और मां को भी मामले में सह-आरोपी बनाया गया है।
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5 करोड़ की संपत्ति, 5 करोड़ खर्च
- इस कार्रवाई के बाद प्रशासनिक हलकों में हलचल मच गई है और पूरे मामले को भ्रष्टाचार के बड़े मामलों में से एक माना जा रहा है। सीबीआई के अनुसार अजय कुमार की संपत्तियों की जांच 1 जनवरी 2014 से 13 जून 2024 तक की गई।
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- जांच की शुरुआत में उनकी कुल संपत्ति करीब 52,428 रुपए बताई गई थी। लेकिन दस सालों के भीतर उनकी संपत्ति बढ़कर 5 करोड़ 59 लाख 67 हजार रुपए तक पहुंच गई।
- इसी अवधि में उन्होंने 5 करोड़ 17 लाख 93 हजार रुपए खर्च भी किए। जांच एजेंसी का कहना है कि उनकी वैध आय के हिसाब से इतनी बड़ी संपति का कोई स्पष्ट आधार नहीं मिला।
- जांच में यह भी सामने आया कि उनकी कानूनी आय के अनुसार अधिकतम 13 लाख 64 हजार रुपए की बचत हो सकती थी। इसके बावजूद उनके पास करीब 5 करोड़ 72 लाख 79 हजार रुपए की कथित बेहिसाब संपत्ति पाई गई।
