Pune में मानसून की जोरदार दस्तक, 17 डैम ओवरफ्लो – किसानों के चेहरे खिले
इस साल महाराष्ट्र पर मौसम मेहरबान रहा है। जिसके चलते जिले के 26 डैमों में से 17 डैम ओवरफ्लो हो गए हैं, जबकि बाकी बचे 8 डैम फुल होने की कगार पर हैं। डैम ओवरफ्लो होने से ये पानी को रुख मोड़ना पड़ा।
- Written By: अपूर्वा नायक
खड़कवासला डैम (सौ. सोशल मीडिया )
Pune News In Hindi: इस साल मानसून ने पुणे जिले में जबरदस्त दस्तक दी है। लगातार बारिश के कारण जिले के 26 डैमों में से 17 डैम पूरी तरह भरकर ओवरफ्लो हो चुके हैं, जबकि 8 डैम अपनी क्षमता के करीब पहुंच गए हैं।
केवल एक डैम का जल स्तर 70 फीसदी है। जिले में 217.99 टीएमसी की उपयुक्त परियोजना गत क्षमता के मुकाबले 99।95 प्रतिशत भर चुका है। इसे लेकर ग्रामीण इलाकों के किसानों में खुशी का माहौल है। वहीं पुणे और पिंपरी-चिंचवड़ शहर की पेयजल समस्या भी हल हो गई है।
आमतौर पर साढ़े चार महीने के मानसून में पुणे जिले में औसतन 862 मिलीमीटर बारिश की उम्मीद रहती है। इस साल अब तक 745.2 मिमी बारिश दर्ज की गई है जो उम्मीद से कम है। इसके बावजूद डैमों में भरपूर पानी जमा हुआ है। मई मध्य से शुरू हुई जोरदार बारिश के कारण जून में ही कई डैम ओवरफ्लो करने लगे थे। जुलाई में पश्चिम पट्टे की धान की खेती से डैमों में बड़ी मात्रा में पानी की आवक हुई। वैसे अगस्त में इसमें थोड़ी कमी आई लेकिन सितंबर के पहले सप्ताह में हुई भारी बारिश से डैम फिर से पूरी तरह भर गया।
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कई नदियां भी उफान पर
डैमों से दाये, बाये कैनॉल, बिजली घरों के लिए बड़ी मात्रा में पानी छोड़ा गया। इसके चलते मुठा, पवना, भीमा, इंद्रायणी, – कुकडी, घोड़, नीरा समेत कई नदियां उफान पर आ – गई। वर्तमान में विसर्ग (पानी छोड़ने) की मात्रा कम की गई है लेकिन बारिश जारी रही तो नदियों में फिर से पानी बढ़ सकता है और पानी छोड़ने की मात्रा बढ़ाई जा सकती है।
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पिछले साल से दोगुना जल भंडारण
- पिछले साल इसी समय जिले के डैमों में केवल 132.40 टीएमसी (66%) पानी था। इस बार उसके मुकाबले दोगुना जल भंडारण होने से स्थिति में बड़ा सुधार आया है।
- मुठा घाटी के टेमघर, वरसगांव, पानशेत और खडकवासला डैमों में 79,94 टीएमसी पानी भरा है। नीरा घाटी के गुंजवणी, भाटघर, नीरा देवधर और वीर में 48.306 टीएमसी (99.45%) पानी है।
- कुकडी घाटी के पिपलगांव जोगे, माणिकडोह, येडगांव, वडज, डिंभे, चिल्हेवाड़ी और घोड़ में 67.93 टीएमसी पानी जमा हुआ है। उजनी में 53.57 टीएमसी और मुलशी में 19.87 टीएमसी पानी का भंडारण हुआ है।
