पिंपरी: पिंपरी-चिंचवड़ (Pimpri-Chinchwad) के भोसरी गांव और आसपास के इलाकों में पिछले चार दिनों से बिजली की समस्या (Power Problem) बढ़ गई है। पेशेवरों, गृहिणियों और छात्रों को अनावश्यक रूप से परेशान होना पड़ रहा है। बीजेपी (BJP) के पिंपरी-चिंचवड़ शहर अध्यक्ष और विधायक महेश लांडगे (MLA Mahesh Landge ) ने चेतावनी दी है कि महावितरण प्रशासन (Mahavitaran Administration) इस संबंध में तत्काल कार्रवाई करे, अन्यथा महावितरण कार्यालय (Mahavitaran Office) पर ताला (Lock) लगाया जाएगा।
इस संबंध में विधायक लांडगे ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर कहा है कि भोसरी में महापारेषण कंपनी के 220 केवी के हाई वोल्टेज सब स्टेशन का 100 एमवीए क्षमता का बिजली ट्रांसफार्मर फेल हो गया था। नतीजतन, भोसरी और आकुर्दी में घरेलू, वाणिज्यिक और औद्योगिक ग्राहकों सहित लगभग 60,000 उपभोक्ताओं की बिजली आपूर्ति बाधित हो गई है। कई हिस्सों में बिजली नहीं है। इस बारे में महावितरण प्रशासन से शिकायत करने के बाद भी समस्या का समाधान नहीं हो पा रहा है। शहर में बिजली की बढ़ती मांग के कारण लोड प्रबंधन संभव नहीं है और वैकल्पिक बिजली आपूर्ति उपलब्ध नहीं है। इसका खामियाजा आम नागरिकों को भुगतना पड़ रहा है।
भोसरी के गवलीमाथा इलाके में महाट्रांस के तीन बिजली ट्रांसफार्मर हैं। पिछले कई माह से बिजली का ट्रांसफार्मर बंद है। शेष दो ट्रांसफार्मर एमएसईडीसीएल की कुल 26 बिजली लाइनों को बिजली की आपूर्ति करते हैं। बुधवार सुबह एक और ट्रांसफार्मर खराब हो गया। इसके चलते एमएसईडीसीएल की 10 बिजली लाइनों की बिजली आपूर्ति ठप हो गई। इसके परिणामस्वरूप भोसरी एमआईडीसी एस ब्लॉक, टी ब्लॉक, भोसरी एमआईडीसी परिसर के साथ-साथ नेहरू नगर, यशवंत नगर, शांति नगर, भोसरी गांवठान, इंद्रायणी नगर, चक्रपाणि बसाहट, शास्त्री चौक, भोसरी क्षेत्र और अकुर्दी क्षेत्र की बिजली आपूर्ति काट दी गई। प्रशासन की लापरवाही से आम नागरिकों को बेवजह परेशानी उठानी पड़ रही है।
विधायक महेश लांडगे ने कहा कि पिंपरी-चिंचवड़ में बिजली की समस्या दिनों-दिन बढ़ती जा रही है। ऊर्जा मंत्रालय के साथ बार-बार अनुवर्ती कार्रवाई के बावजूद, एमएसईडीसीएल के संदर्भ में लंबित विकास कार्यों का समाधान नहीं किया जा रहा है। महाविकास आघाड़ी सरकार के तहत भोसरी और पिंपरी-चिंचवड़ में बिजली आपूर्ति के प्रस्तावित कार्य 2019 से ठप हैं। अधिकारियों का कहना है कि विभाग के पास पर्याप्त धन नहीं है। इसलिए पिंपरी-चिंचवडकर महाविकास आघाड़ी आगामी महानगरपालिका चुनावों में सबक सिखाएगा।