पुणे में गूंजा गणपति बप्पा मोरया: मयूर रथ से वृंदावन के प्रेम मंदिर पहुंचे दगडूशेठ हलवाई, जुटी भीड़

Pune Ganeshotsav Dagdusheth Ganpati: पुणे के श्रीमंत दगडूशेठ हलवाई गणपति की भव्य आगमन मिरवणुक 'मयूर रथ' पर निकाली गई। इस साल वृंदावन के प्रसिद्ध प्रेम मंदिर का भव्य देखावा (झांकी) तैयार किया गया है।
Grand arrival procession of Dagdusheth Halwai Ganpati on a peacock chariot in Pune
पुणे में मयूर रथ पर दगडूशेठ हलवाई गणपति की भव्य आगमन मिरवणुक(सोर्स: IANS)
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Ganeshotsav Mayur Rath: पुणे के विश्व प्रसिद्ध गणेशोत्सव का सबसे बड़ा और बहुप्रतीक्षित क्षण तब आया जब श्रीमंत दगडूशेठ हलवाई गणपति मुख्य मंदिर से भव्य 'मयूर रथ' (मयूर की आकृति से सजा रथ) पर सवार होकर अपनी भव्य आगमन मिरवणुक के लिए निकले। ताजा फूलों, मालाओं और कलात्मक मेहराबों से सजा मयूर रथ जैसे ही सड़कों पर आया, बप्पा की एक झलक पाने के लिए सड़कों के दोनों ओर हजारों श्रद्धालुओं का जनसैलाब उमड़ पड़ा। यह भव्य मिरवणुक इस वर्ष के सबसे बड़े आकर्षण, वृंदावन के प्रसिद्ध 'प्रेम मंदिर' की तर्ज पर बनाए गए पूर्ण-स्तरीय भव्य देखावे (झांकी) की ओर बढ़ी।

गुलाल की रंगत और ढोल-ताशों की गूंज से गुंजायमान हुआ पुणे

रथ के आगे बढ़ते ही पारंपरिक ढोल-ताशा पथकों (दलों) ने ऊर्जावान प्रस्तुतियों से पूरे माहौल को भक्तिमय बना दिया। हवा में उड़ते गुलाल के रंगों और "गणपति बप्पा मोरया" के गगनभेदी जयकारों से पूरा पुणे शहर गूंज उठा। कंधे से कंधा मिलाकर खड़े श्रद्धालु अपने मोबाइलों में इस दिव्य क्षण को कैद करते नजर आए। इस साल निर्मित 'प्रेम मंदिर' की हूबहू प्रतिकृति अपनी सूक्ष्म कलात्मकता के लिए शहरभर में चर्चा का विषय बनी हुई है, जिसे देखने के लिए दूर-दूर से श्रद्धालु पुणे पहुंचे हैं।

सुरक्षा व्यवस्था और भीड़ नियंत्रण के लिए कड़े प्रबंध

श्रद्धालुओं की भारी संख्या को देखते हुए पुलिस प्रशासन और स्वयंसेवकों की ओर से कड़े सुरक्षा इंतजाम किए गए हैं। घंटों कतार में खड़े रहने वाले भक्तों की सुविधा, भीड़ नियंत्रण और बैरिकेडिंग पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। पुलिसकर्मी और स्वयंसेवक पूरे मार्ग पर तैनात हैं ताकि यातायात और पैदल आवाजाही सुचारू रहे और हर भक्त को शांतिपूर्ण दर्शन का अवसर मिल सके।

Grand arrival procession of Dagdusheth Halwai Ganpati on a peacock chariot in Pune
पुणे गणेशोत्सव में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम: ड्रोन CCTV और सोशल मीडिया पर पुलिस की रहेगी पैनी नजर

परंपरा और आस्था का अनूठा संगम

दगडूशेठ गणपति के दर्शन करने पहुंचे श्रद्धालुओं में गजब का उत्साह देखा गया। कई लोग पहली बार इस भव्य आयोजन के साक्षी बनने पहुंचे थे, जबकि कई ऐसे श्रद्धालु थे जो हर साल बिना चूके इस परंपरा को निभाते हैं। पुणे का यह गणेशोत्सव केवल एक धार्मिक त्योहार नहीं, बल्कि शहर की आस्था और एक अटूट सांस्कृतिक परंपरा का प्रतीक बन चुका है। जैसे-जैसे मयूर रथ प्रेम मंदिर के समीप पहुंचा, भक्तों का उत्साह और चरम पर पहुंच गया।

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