Mamata Banerjee And Devendra Fadnavis (फोटो क्रेडिट-इंस्टाग्राम)
Sukhen Mahato Pune Murder: महाराष्ट्र के पुणे में पश्चिम बंगाल के एक 24 वर्षीय प्रवासी मजदूर की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत ने अब एक बड़े राजनीतिक और भाषाई विवाद का रूप ले लिया है। पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने इस घटना को ‘हेट क्राइम‘ (नफरत के आधार पर किया गया अपराध) करार देते हुए महाराष्ट्र सरकार को कड़ी चेतावनी दी है। मुख्यमंत्री का आरोप है कि मजदूर सुखेन महतो को केवल इसलिए प्रताड़ित कर मार डाला गया क्योंकि वह ‘बंगाली भाषा’ बोल रहा था।
इस घटना के बाद दोनों राज्यों के बीच तनाव बढ़ गया है और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग तेज हो गई है।
पुरुलिया जिले के बंडवान निवासी सुखेन महतो साल 2021 से पुणे के कोरेगांव भीमा इलाके में एक कार पार्ट्स बनाने वाली कंपनी में काम कर रहा था। बुधवार दोपहर शिकारपुर पुलिस थाने के अंतर्गत सनतबाड़ी इलाके से उसका शव बरामद किया गया। सुखेन के बड़े भाई तुलसीराम महतो ने पुलिस में दर्ज कराई शिकायत में आरोप लगाया है कि सुखेन की भाषा और पहचान को लेकर कुछ स्थानीय लोगों ने उसे निशाना बनाया। तृणमूल कांग्रेस का दावा है कि बंगाली में बात करने के कारण हुए विवाद में उसे पीट-पीटकर मौत के घाट उतार दिया गया।
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मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर घटना का वीडियो साझा करते हुए गहरा दुख व्यक्त किया। उन्होंने लिखा, “मैं शब्दों से परे विचलित और क्रोधित हूँ। पुरुलिया का युवा सुखेन, जो अपने परिवार का इकलौता सहारा था, उसकी पुणे में बर्बर हत्या कर दी गई।” बनर्जी ने सीधे तौर पर इसे बाहरी लोगों के प्रति नफरत (Genophobia) का परिणाम बताया। उन्होंने चेतावनी भरे लहजे में कहा कि अगर आरोपियों को तुरंत गिरफ्तार कर कड़ी सजा नहीं दी गई, तो इसका परिणाम बुरा होगा।
यह घटना एक बार फिर दूसरे राज्यों में काम करने वाले प्रवासी मजदूरों की सुरक्षा की पोल खोलती है। सुखेन अपने परिवार का इकलौता कमाने वाला सदस्य था, जिसकी मौत से पुरुलिया में उसके घर पर मातम छाया हुआ है।
पुलिस की कार्रवाई: पुणे की शिकारपुर पुलिस ने हत्या का मामला दर्ज कर लिया है और पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है ताकि मौत की सही वजह साफ हो सके।
राजनीतिक घमासान: टीएमसी नेतृत्व इसे भाजपा शासित राज्यों (महाराष्ट्र में महायुति सरकार) में बंगालियों के प्रति बढ़ती असहनशीलता से जोड़ रहा है। वहीं, स्थानीय प्रशासन का कहना है कि वे मामले की सभी पहलुओं से जांच कर रहे हैं और भाषाई विवाद के एंगल की पुष्टि की जा रही है।