
शरद पवार व अजित पवार (डिजाइन फोटो)
Pune News In Hindi: राज्य में 29 महानगरपालिका के चुनाव खत्म होने के बाद शनिवार को डिप्टी सीएम अजीत पवार अपने चाचा शरद पवार से मिलने के लिए पहुंचे। पवार अपने गढ़ पुणे व पिंपरी चिंचवड़ में बीजेपी से मात खाने के बाद सदमे में हैं।
खास तौर से अजीत काफी गुस्से में हैं। सूत्रों के मुताबिक शरद पवार ने अजीत को समझाया है कि क्रोध में आकर सत्ता छोड़ने में समझदारी नहीं है। उन्होंने फिलहाल अपने भतीजे को बीजेपी की अगुवाई में बनी महायुति सरकार में बने रहने की सलाह दी है।
पुणे व पिंपरी चिंचवड में बीजेपी का मुकाबला करने के लिए चाचा भतीजे ने आपसी कटुता को दूर रखते हुए मिल कर चुनाव लड़ने का फैसला किया था। इसके बावजूद बीजेपी ने इन दोनों महानगरपालिका में जीत हासिल की है। अजीत अपना गढ़ बचाने में सफल न होने की वजह से बेहद निराश हैं।
बारामती में गोविंद बाग में शरद पवार के घर पर एक प्ग्रीकल्चर एग्जीबिशन के बैकग्राउंड में अजीत की राकां नेताओं के साथ मीटिंग हुई। इस मीटिंग में राकां शरद पवार गुट की सांसद सुप्रिया सुले, विधायक रोहित पवार, राकां शरद पवार ग्रुप के प्रदेश अध्यक्ष शशिकांत शिंदे व जयंत पाटिल मौजूद थे।
इस मीटिंग के बाद शशिकांत शिंदे ने साफ किया कि उनका गुट आने वाले दिनों में होने वाले पंचायत समिति और जिला परिषद चुनाव अजीत पवार गुट के साथ मिल कर लड़ेगा। हालांकि दोनों गुटों के विलय के बारे में अभी कोई फैसला नहीं लिया गया है।
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शरद पवार के साथ मुलाकात के बारे में अजीत ने कहा कि पारिवारिक मामलों को राजनीति से नहीं जोड़ा जाना चाहिए, एक परिवार के तौर पर हम एक हैं और खुशी और दुख में एक-दूसरे के साथ खड़े रहते हैं, राकां के दोनों गुट के साथ मिल कर चुनाव लड़ने के बारे में कहा कि मुझे शशिकांत शिंदे के बयान के बारे में पता नहीं है। लोकल बॉडी चुनावों में गठबंधन के बारे में फैसले लोकल पदाधिकारियों पर छोड़ दिए जाते हैं। अभी मैं महायुति में मिल कर काम कर रहा हूं।






