आंबेगाव-शिरूर में तांडा बस्तियों के विकास को 8.85 करोड़ की मंजूरी, मूलभूत सुविधाओं को मिलेगा नया संबल

Pune Development Fund: आंबेगाव और शिरूर में वसंतराव नाईक योजना के तहत 8.85 करोड़ मंजूर। सड़कों, डिजिटल लाइब्रेरी और सोलर लाइट से तांडा बस्तियां होंगी चकाचक। विवेक वलसे पाटिल ने की गुणवत्ता की अपील।
8.85 crore approved for infrastructure in Ambegaon and Shirur's Tandabastis under Vasantrao Naik Scheme. Funds to provide solar lights, roads, and libraries in rural areas.
Ambegaon Shirur Infrastructure (सोर्स: सोशल मीडिया)
Published on
Updated on

Maharashtra Village Infrastructure: आंबेगाव और शिरूर तहसील में बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए वसंतराव नाईक तांडाबस्ती सुधार योजना के अंतर्गत 8 करोड़ 85 लाख रुपये की भारी-भरकम राशि मंजूर की गई है। इस महत्वपूर्ण वित्तीय स्वीकृति की जानकारी जिला परिषद के पूर्व उपाध्यक्ष और वर्तमान सदस्य विवेक वलसे पाटिल ने दी है।

इस निधि का मुख्य उद्देश्य दुर्गम और तांडा बस्तियों मंर रहने वाले नागरिकों को मुख्यधारा से जोड़ना और वहां मूलभूत नागरिक सुविधाएं उपलब्ध कराना है, जिससे क्षेत्र के सामाजिक और आर्थिक परिदृश्य में बड़ा सकारात्मक बदलाव आने की उम्मीद है। वर्ष 2025-26 के पंचवर्षीय व्यापक विकास आराखड़े के अनुसार, इस बजट को दोनों तहसीलों के बीच आवश्यकतानुसार विभाजित किया गया है। आंबेगाव तहसील में कुल 11 विकास कार्यों के लिए 2 करोड़ 55 लाख रुपये का प्रावधान किया गया है।

पिछड़ी बस्तियों में बुनियादी ढांचे को प्राथमिकता

यह निवेश दर्शाता है कि प्रशासन ग्रामीण और पिछड़ी बस्तियों के बुनियादी ढांचे के आधुनिकीकरण को प्राथमिकता दे रहा है। जिससे स्थानीय स्तर पर रोजगार और सुविधाओं के नए अवसर पैदा होंगे, योजना के तहत होने वाले कार्यों की सूची काफी विस्तृत है, जिसमें आधुनिक सुविधाओं पर विशेष जोर दिया गया है।

इन कार्यों में प्रमुख रूप से सोलर और एलईडी स्ट्रीट लाइट लगाना, स्वच्छ पेयजल की आपूर्ति सुनिश्चित करना, आंतरिक सड़कों का निर्माण, पेविंग ब्लॉक बिछाना और गटर निर्माण शामिल है।

इसके अलावा, सामाजिक विकास के लिए सार्वजनिक शौचालयों का निर्माण, समाज मंदिर, डिजिटल लाइब्रेरी, संत रामराव महाराज सभागार, श्मशान घाट का नवीनीकरण और युवाओं के स्वास्थ्य के लिए व्यायामशालाओं का निर्माण भी इस परियोजना का हिस्सा है।

ग्रामीणों को रखनी चाहिए स्वयं की निगरानी

विवेक वलसे पाटिल ने इन विकास कार्यों की घोषणा करते हुए ग्रामवासियों से एक महत्वपूर्ण अपील भी की है। उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार और प्रशासन विकास के लिए प्रतिबद्ध है, लेकिन इन कार्यों की गुणवत्ता बनाए रखने के लिए स्थानीय नागरिकों की जागरूकता अनिवार्य है। उन्होंने जोर देकर कहा कि ग्रामीण स्तर पर हो रहे निर्माण कायों में पारदर्शिता रहे और सरकारी फंड का सही उपयोग हो, इसके लिए ग्रामीणों को स्वयं निगरानी रखनी चाहिए। गुणवत्तापूर्ण कार्य ही लंबे समय तक तांडा बस्तियों के विकास की नींव बनेंगे।

Navbharat Live: Hindi News
navbharatlive.com