- Hindi News »
- Maharashtra »
- Pune »
- Ajit Pawar Name In Maharashtra Irrigation Scam Know All About It
अजित पवार के साथ ही दफन हुआ 70,000 करोड़ का राज! क्या था सिंचाई घोटाला, जिससे जुड़ा था उनका नाम?
Ajit Pawar News: बारामती की मिट्टी से शुरू हुआ अजित पवार का सफर वहीं एक त्रासद मोड़ पर खत्म हुआ, जिससे सत्ता के गलियारों में एक गहरा शून्य पैदा हो गया है। हालांकि, कुछ ऐसे दाग हैं, जो अमिट रहेंगे।
- Written By: मनोज आर्या

अजित पवार की फाइल फोटो, (सोर्स- सोशल मीडिया)
Ajit Pawar Name in Irrigation Scam: महाराष्ट्र की राजनीति के ‘दादा’ कहे जाने वाले अजित पवार के विमान दुर्घटना में आकस्मिक निधन ने पूरे राज्य को स्तब्ध कर दिया है। बारामती की मिट्टी से शुरू हुआ उनका सफर वहीं एक त्रासद मोड़ पर खत्म हुआ, जिससे सत्ता के गलियारों में एक गहरा शून्य पैदा हो गया है। आज जब उनके प्रशासनिक कौशल और ‘लाडली बहन’ जैसी योजनाओं की चर्चा हो रही है, तब उनके करियर के साथ जुड़ा 70,000 करोड़ के सिंचाई घोटाले का वह अमिट दाग भी सुर्खियों में है।
हालांकि, जांच एजेंसियों ने क्लोजर रिपोर्ट पेश कर उन्हें राहत दी थी, लेकिन यह विवाद उनके राजनीतिक सफर का वह कड़वा सच रहा जिसने अंतिम समय तक उनका पीछा नहीं छोड़ा।
क्या था महाराष्ट्र सिचाई घोटाला?
यह घोटाला 1999 से 2009 के बीच का है, जब अजित पवार महाराष्ट्र के जल संसाधन मंत्री थे। आरोप लगा कि 70,000 करोड़ रुपये खर्च करने के बावजूद राज्य की सिंचाई क्षमता में मात्र 0.1% की वृद्धि हुई। परियोजनाओं की लागत को नियमों के खिलाफ जाकर कई गुना बढ़ाया गया और ठेकेदारों को अनुचित लाभ पहुंचाया गया। विदर्भ और कोंकण की कई महत्वपूर्ण सिंचाई परियोजनाएं भ्रष्टाचार और लेटलतीफी की भेंट चढ़ गईं, जिससे सीधे तौर पर राज्य के किसान प्रभावित हुए।
सम्बंधित ख़बरें
अजित पवार की बारामती सीट पर कब होगा मतदान? EC ने किया 6 राज्यों की 8 विधानसभा सीटों पर उपचुनाव का ऐलान
महाराष्ट्र उपचुनाव 2026: बारामती और राहुरी में 23 अप्रैल को मतदान, अजित पवार के गढ़ में क्या पलटेगा पासा?
माल लदान में पश्चिम रेलवे का ‘चौका’: लगातार चौथे साल 100 मिलियन टन का आंकड़ा पार, लॉजिस्टिक्स में बना अव्वल
‘काश ऐसा मुंबई में भी होता’, नॉर्वे में हिट एंड रन से बचाव के लिए बेघरों को बांटे गए ग्लोइंग ब्लैंकेट
कैसे खुली सिंचाई घोटाले की पोल?
इस घोटाले का खुलासा 2012 के आर्थिक सर्वेक्षण की रिपोर्ट से हुआ। इसके बाद विजय पांढरे जैसे वरिष्ठ अधिकारियों ने सरकारी व्यवस्था पर सवाल उठाए। मामला तब और गरमाया जब जनहित याचिकाएं (PIL) दायर हुईं और बॉम्बे हाईकोर्ट ने सख्त रुख अपनाया। मुख्यमंत्री पृथ्वीराज चव्हाण द्वारा श्वेत पत्र जारी करने के फैसले ने इस आग में घी का काम किया, जिससे तत्कालीन गठबंधन सरकार के भीतर भी दरारें आ गई थीं।
मोदी, शाह और फडणवीस का प्रहार
2014 के चुनावों में भाजपा के लिए यह सबसे बड़ा मुद्दा था। देवेंद्र फडणवीस ने ‘चक्की पीसिंग’ वाला तंज कसकर अजित पवार को घेरा, तो वहीं पीएम मोदी और अमित शाह ने रैलियों में इसे ’70 हजार करोड़ का महाघोटाला’ करार दिया। पीएम मोदी ने कई बार कहा था कि भ्रष्टाचारियों की जगह जेल में होगी। हालांकि, 2023 में जब अजित पवार भाजपा-नीत महायुति सरकार में शामिल हुए, तो विपक्ष ने इसे भाजपा की ‘वाशिंग मशीन’ राजनीति कहकर निशाना साधा।
यह भी पढ़ें:Ajit Pawar Plane Crash: अजित पवार नहीं, ये था डिप्टी सीएम का पूरा नाम; क्या जानते हैं आप?
अजित पवार की बड़ी राजनीतिक जीत
सालों की लंबी जांच और कानूनी खींचतान के बाद, भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) और अन्य जांच एजेंसियों ने अदालत में क्लोजर रिपोर्ट पेश की। एजेंसियों ने कहा कि उन्हें अजित पवार के खिलाफ ठोस सबूत नहीं मिले हैं। हालांकि, ED ने समय-समय पर सहकारी चीनी मिलों से जुड़े मामलों में संपत्ति जब्त कर दबाव बनाए रखा, लेकिन मुख्य सिंचाई घोटाले में क्लीन चिट मिलने को अजित पवार के लिए एक बड़ी राजनीतिक जीत के रूप में देखा गया।
Frequently Asked Questions
-
Que: महाराष्ट्र का सिंचाई घोटाला क्या है और इसमें कितना पैसा शामिल था?
Ans: यह घोटाला 1999 से 2009 के बीच महाराष्ट्र में सिंचाई परियोजनाओं के निर्माण से जुड़ा है। इसकी कुल राशि 70,000 करोड़ रुपये बताई गई थी।
-
Que: इस घोटाले में अजित पवार का नाम मुख्य रूप से क्यों आता है?
Ans: अजित पवार 1999 से 2009 तक महाराष्ट्र के जल संसाधन मंत्री थे। उन पर आरोप था कि उन्होंने नियमों को दरकिनार कर ठेकेदारों को लाभ पहुंचाया।
-
Que: विदर्भ सिंचाई विकास निगम की इस घोटाले में क्या भूमिका थी?
Ans: घोटाले का एक बड़ा हिस्सा विदर्भ क्षेत्र से जुड़ा था। VIDC के माध्यम से बांटी गई निविदाओं में भारी गड़बड़ी पाई गई थी। चितले समिति की रिपोर्ट में खुलासा हुआ था।
-
Que: क्या अजित पवार को इस मामले में 'क्लीन चिट' मिल गई थी?
Ans: 2019 में जब अजित पवार ने देवेंद्र फडणवीस के साथ मिलकर सरकार बनाई थी, उसके कुछ ही घंटों बाद ACB ने उन्हें सिंचाई घोटाले के 9 मामलों में 'क्लीन चिट' दे दी थी।
-
Que: इस घोटाले का आम जनता और किसानों पर क्या प्रभाव पड़ा?
Ans: इस घोटाले के कारण महाराष्ट्र की सिंचाई क्षमता में केवल 0.1% की ही वृद्धि हुई। इसका सीधा असर किसानों पर पड़ा क्योंकि बांध और नहरें अधूरी रह गईं।
Ajit pawar name in maharashtra irrigation scam know all about it
Get Latest Hindi News , Maharashtra News , Entertainment News , Election News , Business News , Tech , Auto , Career and Religion News only on Navbharatlive.com
लेटेस्ट न्यूज़
National Panday Day 2026: दिन भर में 12 घंटे सिर्फ खाना! जानें पांडा की वो 7 बातें जो आपको कर देंगी हैरान
Mar 16, 2026 | 04:08 AMAaj Ka Rashifal 16 March: सोमवार को सूर्य की तरह चमकेगा इन 2 राशियों का भाग्य! जानें अपना आज का राशिफल
Mar 16, 2026 | 12:05 AMपटना में NDA की बड़ी बैठक, सम्राट चौधरी के घर विधायकों को मिली ट्रेनिंग, क्या विपक्षी खेमे में होगी सेंधमारी?
Mar 15, 2026 | 10:12 PMकुत्ते के काटने के 4 महीने बाद डॉगी की तरह भौंकने लगा लड़का, लापरवाही ने उजाड़ दी परिवार की खुशियां- VIDEO
Mar 15, 2026 | 10:06 PMकेरलम चुनाव में तीन मोर्चों के बीच दिलचस्प मुकाबला, क्या स्थानीय निकाय चुनाव तय करेंगे सत्ता का समीकरण?
Mar 15, 2026 | 10:05 PM5 राज्यों में चुनाव की तारीखों का ऐलान, बंगाल में दो तो असम-केरल में एक चरण में वोटिंग; देखें पूरा शेड्यूल
Mar 15, 2026 | 10:01 PMOpinion Poll: तमिलनाडु में बड़ा उलटफेर, केरल में कांटे की लड़ाई; जानें ओपिनियन पोल का एक-एक आंकड़ा
Mar 15, 2026 | 09:54 PMवीडियो गैलरी

बाराबंकी में चंद्रशेखर आजाद और करणी सेना के बीच आर-पार, ‘चमड़ा उतारने’ वाले बयान से मचा हड़कंप!
Mar 15, 2026 | 02:22 PM
LPG की किल्लत पर मोदी सरकार पर बरसे अखिलेश यादव, बोले- रोजगार से लेकर महंगाई तक हर मामले में फेल रही BJP
Mar 15, 2026 | 02:08 PM
सोनम वांगचुक की रिहाई को लेकर केंद्र पर भड़के सौरभ भारद्वाज, मोदी सरकार पर लगाए गंभीर आरोप
Mar 15, 2026 | 01:56 PM
नवभारत ग्राउंड रिपोर्ट: नागपुर में ‘LPG गैस’ का विकल्प बना ‘इंडक्शन’! शॉर्टेज के दावों में बड़ा खुलासा- VIDEO
Mar 15, 2026 | 10:13 AM
‘गैस की कमी नहीं’ या ‘लाइनों में लाठीचार्ज’? हरदीप पुरी के दावे और विपक्ष के तीखे वार से सुलगी सियासत
Mar 14, 2026 | 02:01 PM
तरुण हत्याकांड से दहला दिल्ली: VHP-बजरंग दल का ‘प्रचंड’ प्रदर्शन, विनोद बंसल की पुलिस को दो टूक चेतावनी
Mar 14, 2026 | 01:44 PM














