पुणेकरों की बड़ी समस्या खत्म होगी! एकतानगर, विठ्ठलनगर, निंबजनगर को राहत
पुणे महानगरपालिका ने हाल ही में मुठा नदी के किनारे पर बसी नदी के पुनरुद्धार प्रोजेक्ट को तैयार किया है। इस परियोजना की शुरुआती लागत 300 करोड़ रुपये बतायी जा रही थी, जो बढ़कर 369 करोड़ हो गई।
- Written By: अपूर्वा नायक
पुणे महानगरपालिका (सौ. सोशल मीडिया )
Pune News In Hindi: पुणे महानगरपालिका ने मुठा नदी किनारे बाढ़ की समस्या से जूझ रहे एकता नगर, विठ्ठलनगर और निंबजनगर के नागरिकों को राहत देने के लिए एक महत्वाकांक्षी नदी पुनरुद्धार प्रोजेक्ट तैयार किया है। इस परियोजना पर लगभग 369 करोड़ रुपये का खर्च होने की उम्मीद है।
इस प्रस्ताव को पूर्वगणन समिति की बैठक में मंजूरी दी गई है। खड़कवासला डैम से मुठा नदी में छोड़े जाने वाले पानी के कारण हर साल इन इलाकों में बाढ़ जैसी स्थिति उत्पन्न हो गई थी। विशेष रूप से सिंहगढ़ रोड क्षेत्र के नागरिकों को इससे काफी नुकसान उठाना पड़ता है। परियोजना के पूरा होने से इन बस्तियों को बाढ़ के प्रकोप से बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है। महापालिका का नदी सुधार प्रोजेक्ट मुला, मुठा और मुला-मुठा नदियों के 44 किलोमीटर लंबे पट्टे को समेटे हुए है, इस परियोजना को 11 चरणों में विभाजित किया गया है। संगमवाड़ी से बंडगार्डन तक का काम अंतिम चरण में है।
परियोजना की विशेषता
नदी पुनरुद्धार परियोजना के तहत स्ट्रेच-6 (वडगाव खुर्द से राजाराम पुल) पर निम्न काम किए जाएंगे। दोनों किनारों पर तटबंध का निर्माण कर बाढ़ वहन क्षमता बढ़ाना, नागरिकों के लिए पथ-वे और घाट विकसित करना, नदी किनारों का सुशोभीकरण करना है। महपालिका का कहना है कि इन कामों से नदीकाठ की वस्तियों को बाढ़ से स्थायी सुरक्षा मिलेगी।
सम्बंधित ख़बरें
पुणे की क्लीनटेक कंपनी नोवॉर्बिस इटस ने रेनमैटर और रॉकस्टड से जुटाई ₹13.35 करोड़ की पूंजी
भाजपा ने ममता दीदी को पराजय की ‘झालमुड़ी’ खिलाई : एकनाथ शिंदे
हमें यह खुशी का दिन नहीं लग रहा… बारामती में नहीं मनेगा जीत का जश्न, क्यों भावुक हुए जय पवार?
मिसिंग लिंक पर पिंपरी मेयर की सेल्फी, कहां है पुलिस? जनता पूछ रही सवाल- VIP के लिए अलग नियम!
आपदा से बचाव की तैयारी
इस परियोजना की प्रारंभिक लागत 300 करोड़ रुपये आंकी गई थी। लेकिन विस्तृत पूर्वगणन पत्रक तैयार करने के बाद इसकी लागत बढ़कर 369 करोड़ रुपये हो गई है। महानगरपालिका के अनुसार, यह निवेश दीर्घकालीन दृष्टि से पुणे शहर को बाढ़ जैसी आपदाओं से बचाने और नागरिकों के लिए सुरक्षित वातावरण तैयार करने में महत्वपूर्ण साबित होगा।
ये भी पढ़ें :- Pune News: सुप्रिया सुले ने बोला सरकार पर हल्ला, जल जीवन मिशन का 70% काम अधूरा
बस्तियों में घुस गया था बारिश का पानी
- बंडगार्डन से मुंढवा तक का काम तेज गति से चल रहा है। अब मनपा ने सिंहगढ़ रोड पर वडगांव खुर्द से राजाराम पुल तक 4.1 किलोमीटर लंबे स्ट्रेच को विकसित करने का निर्णय लिया है। 24 और 25 जुलाई 2024 को हुई अतिवृष्टि के कारण श्रृंखला डैम में भारी मात्रा में पानी भर गया था।
डैम से बड़ी मात्रा में पानी छोड़े जाने से पुणे शहर, खासकर सिंहगढ़ रोड क्षेत्र के निचले इलाकों एकतानगर, विठ्ठलनगर और निंबजनगर में पानी भर गया था। - कई इमारतों और बस्तियों में जलभराव से जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया था। उस समय तत्कालीन मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने यहां का दौरा कर बाढ़ प्रभावितों को हर संभव सहायता का आश्वासन दिया था।
- इसके बावजूद 2025 में भी कुछ सोसायटियों में बाढ़ का पानी घुस गया जिससे नागरिकों में चिंता बढ़ गई। इसी अनुभव के आधार पर महापालिका ने सरकार से इस परियोजना के लिए आपदा प्रबंधन फंड से 300 करोड़ रुपये की मांग की है।
