चंद्रपुर विवाद के बाद भी महाविकास आघाड़ी एकजुट, परभणी मेयर चुनाव में कांग्रेस-यूबीटी साथ
Chandrapur Municipal Elections में हुए राजनीतिक विवाद और नाराजगी के बावजूद कांग्रेस ने परभणी में उद्धव ठाकरे की यूबीटी को मेयर चुनाव में समर्थन देने का फैसला किया है।
- Written By: अपूर्वा नायक
उद्धव ठाकरे (सौ. सोशल मीडिया )
Parbhani Mayor Election Controversary: नवभारत न्यूज नेटवर्क के अनुसार परभणी नगर निगम के मेयर चुनाव में कांग्रेस ने राजनीतिक मतभेदों के बावजूद उद्धव ठाकरे की पार्टी शिवसेना (यूबीटी) को समर्थन देने का निर्णय लिया है।
गुरुवार को होने वाले मेयर चुनाव से पहले इस फैसले ने स्थानीय राजनीति में नई हलचल पैदा कर दी है। माना जा रहा है कि इस समर्थन से महाविकास आघाड़ी की एकजुटता का संदेश देने की कोशिश की गई है।
चंद्रपुर विवाद से बढ़ी थी नाराजगी
इससे पहले चंद्रपुर नगर निगम के मेयर चुनाव में यूबीटी पर भाजपा का समर्थन करने का आरोप लगा था, जिसके कारण कांग्रेस उम्मीदवार हार गया था। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल ने इस पर कड़ी नाराजगी जताई थी और कहा था कि सहयोगी दल होने के नाते यूबीटी को कांग्रेस का साथ देना चाहिए था। उन्होंने यह भी सवाल उठाया था कि अगर कांग्रेस भी परभणी में बदले की राजनीति करे तो स्थिति क्या होगी।
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नगरसेवकों का गणित और सत्ता समीकरण
परभणी नगर निगम में कुल 65 सदस्य हैं और बहुमत के लिए 33 नगरसेवकों की आवश्यकता है। यहां यूबीटी के 25 और कांग्रेस के 12 नगरसेवक हैं, जिससे दोनों दल मिलकर आसानी से बहुमत हासिल कर सकते हैं। भाजपा के 12, राष्ट्रवादी कांग्रेस के 11, जनसुराज्य शक्ति के 3, यशवंत सेना के 1 और एक अन्य नगरसेवक हैं। ऐसे में कांग्रेस के समर्थन के बिना यूबीटी के लिए मेयर बनाना मुश्किल माना जा रहा था।
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महाविकास आघाड़ी की एकता पर नजर
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि कांग्रेस का यह कदम महाविकास आघाड़ी की एकता बनाए रखने और भविष्य की रणनीति को मजबूत करने की दिशा में अहम माना जा रहा है। अब सभी की नजर गुरुवार को होने वाले मेयर चुनाव के नतीजों पर टिकी हुई है, जो स्थानीय राजनीति के नए समीकरण तय करेंगे।
