Pandavdevi temple Maregaon (सोर्सः सोशल मीडिया)
Pandavdevi Temple Maregaon: तहसील के प्रसिद्ध पांडवदेवी मंदिर में महाशिवरात्रि के उपलक्ष्य में 14 फरवरी से यात्रा महोत्सव का आयोजन किया गया है। पांडवदेवी देवस्थान की ओर से प्रतिवर्ष की भांति इस वर्ष भी महाशिवरात्रि यात्रा उत्साहपूर्वक मनाने का निर्णय लिया गया है। ऐतिहासिक वैभव से समृद्ध और पांडवों के निवास से पवित्र माने जाने वाला यह मंदिर वणी-यवतमाल राज्य मार्ग पर जलका फाटा से दक्षिण दिशा में लगभग एक किलोमीटर की दूरी पर स्थित है।
मंदिर के गर्भगृह में भगवान शिव की पिंडी स्थापित है और यह भव्य, नक्काशीदार हेमाडपंथी शैली का मंदिर है। आकर्षक शिल्पकला के कारण विदर्भ ही नहीं, बल्कि अन्य राज्यों से भी श्रद्धालु महाशिवरात्रि के महीने में यहां दर्शन के लिए पहुंचते हैं। इससे मंदिर को विशिष्ट धार्मिक और ऐतिहासिक महत्व प्राप्त हुआ है।
मंदिर के चारों ओर विशाल वृक्ष हैं और समीप ही एक कल-कल बहता हुआ नाला है। थोड़ी दूरी पर एक प्राचीन कुआं भी स्थित है, जिससे पूरा परिसर हरियाली से आच्छादित और मनमोहक प्रतीत होता है। यह मंदिर पूर्वाभिमुख है तथा इसमें प्रवेश के लिए वरांडा, सभामंडप और गर्भगृह की संरचना है। इसके अलावा उत्तर और दक्षिण दिशा में भी दो प्रवेश मार्ग बनाए गए हैं।
स्थापत्य कला की दृष्टि से यह मंदिर अत्यंत उल्लेखनीय है। निर्माण में प्रयुक्त शिलाओं पर द्वारपाल, कुबेर, गजलक्ष्मी, मुष्टियुद्ध के दृश्य, स्त्री शिल्प, सिंह, शिव-पार्वती और गणेश आदि की उत्कृष्ट नक्काशी की गई है। इन शिल्पों से उस समय की सामाजिक स्थिति का भी आभास होता है। पौराणिक और ऐतिहासिक महत्व से युक्त यह मंदिर राष्ट्रकूट काल (ई. स. 757 से 954) में निर्मित एक प्राचीन धरोहर माना जाता है। हालांकि मंदिर परिसर में मूलभूत सुविधाओं का अभाव है। कुछ स्तंभ झुक चुके हैं और मंदिर धीरे-धीरे जीर्ण अवस्था की ओर बढ़ रहा है। ऐसे में जनप्रतिनिधियों का ध्यान इस ओर जाना आवश्यक है।
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यह हमारी ऐतिहासिक धरोहर है, जिसका संरक्षण करना हमारा कर्तव्य है। यदि शासन द्वारा यहां पर्यटन सुविधाएं विकसित की जाएं, तो यह स्थान एक प्रमुख ऐतिहासिक पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित हो सकता है। महाशिवरात्रि और गायगोधन के अवसर पर यहां भव्य यात्रा भरती है, जिसमें राज्य सहित पड़ोसी राज्यों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु दर्शन के लिए आते हैं। पंचक्रोशी क्षेत्र के भक्तों की भारी भीड़ उमड़ती है। प्रशासन की ओर से कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए विशेष इंतजाम किए जाते हैं।
(इनपुट: उमर शरीफ)