Vasai Virar Municipal में भ्रष्टाचार पर लगाम: 16 साल बाद बनी 4 विशेष समितियां, विकास कार्यों पर कड़ी निगरानी
Vasai Virar Municipal Corporation ने 16 साल में पहली बार 4 विशेष समितियों का गठन किया है। इनका उद्देश्य विकास कार्यों में पारदर्शिता बढ़ाना, टेंडर प्रक्रिया सुधारना और भ्रष्टाचार पर नियंत्रण लगाना है।
- Written By: अपूर्वा नायक
वसई विरार मनपा (सौ. सोशल मीडिया )
Vasai Virar Civic Committees: वसई-विरार शहर की बढ़ती समस्याओं और महापालिका के कामकाज में लग रहे अनियमितताओं के आरोपों पर नकेल कसने के लिए आयुक्त पृथ्वीराज बी।पी। ने एक बड़ा प्रशासनिक कदम उठाया है।
Vasai Virar Municipal के 16 साल में पहली बार, नियोजित विकास कार्यों को गति देने और तकनीकी बारीकियों को परखने के लिए चार विशेष समितियों का गठन किया गया है। तेजी से होते शहरीकरण के बीच अक्सर टेंडर प्रक्रिया और बजट को लेकर उठने वाले सवालों को ध्यान में रखते हुए यह फैसला लिया गया है।
आयुक्त का मानना है कि इन समितियों के जरिए न केवल भ्रष्टाचार पर अंकुश लगेगा, बल्कि शहर का कायाकल्प भी सुव्यवस्थित तरीके से हो सकेगा। प्रशासन ने विकास की राह आसान करने के लिए कामकाज को चार प्रमुख विभागों में बांटा है। मुंबई महानगर क्षेत्र (एमएमआर) का हिस्सा होने के कारण वसई-विरार पर आबादी का बोझ बढ़ रहा है।
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तकनीकी त्रुटियों की बारीकी से जांच करेगी समिति
- बजट समिति अध्यक्षताः महापालिका आयुक्त पृथ्वीराज बी।पी। स्वयं करेंगे। परियोजनाओं की लागत और तकनीकी व्यवहार्यता की जांच करना, अक्सर विकास कार्यों की कीमतें अचानक बढ़ जाती है, यह समिति ऐसी वृद्धि और तकनीकी त्रुटियों की बारीकी से जांच करेगी ताकि जनता के पैसे का दुरुपयोग न हो।
- निविदा समिति ठेकेदारों के चयन में पारदर्शिता लगानाः यह समिति टेंडर की शर्तों का सत्यापन करेगी और सही ठेकेदार का चुनाव सुनिश्चित करेगी। इससे टेंडर प्रक्रिया में होने वाली देरी भी कम होगी।
- महापालिका सौंदर्याकरण समिति अध्यक्षता: अतिरिक्त आयुक्त संजय हेरवाडे, शहर के प्रमुख चौकों, फ्लाईओवरों के नीचे खाली पड़ी जगहों, पाकों और डिवाइडरों का सौंदर्गीकरण करना। इस काम में आर्किटेक्ट्स, डेवलपर्स और सामाजिक संस्थाओं की भी मदद ली जाएगी।
- शहरी परिवहन सुधार समिति अध्यक्षताः अतिरिक्त आयुक्त दीपक सावंत। वसई-विरार की सबसे बड़ी समस्या ट्रैफिक जाम से मुक्ति दिलाना। यह समिति सार्वजनिक परिवहन को मजबूत करने, रेलवे स्टेशन तक जाने वाली सड़कों को बेहतर बनाने और फुटपाथों की प्लानिंग पर काम करेगी।
मुंबई महानगर क्षेत्र विकास का केंद्र है और वसई-विरार इसका अभिन्न हिस्सा है। निगम का काम सुचारू और पारदर्शी तरीके से होना जरूरी है। इसी उद्देश्य से हमने इन समितियों का गठन किया है ताकि हर प्रोजेक्ट की जवाबदेही तय हो सके।
– पृथ्वीराज बी पी, आयुक्त, वसई-विरार महापालिका
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सटीकता व पारदर्शिता पर जोर
वसई-विरार मनपा कई बड़ी परियोजनाएं चला रहा है, लेकिन हाल के दिनों में काम की गुणवत्ता और टेंडर प्रक्रिया में गड़बड़ी की कई शिकायतें सामने आई थीं। 16 साल पहले महापालिका की स्थापना के बाद से अब तक ऐसी कोई विशेष व्यवस्था नहीं थी। इन समितियों के गठन से सबसे बड़ा बदलाव निविदा प्रक्रिया में देखने को मिलेगा। अक्सर प्रभावशाली ठेकेदारों के कारण नियमों में ढील देने के आरोप लगते रहे है, लेकिन अब ‘निविदा समिति’ की कड़ी शर्तों और ‘बजट समिति’ की तकनीकी जांच के बाद ही किसी प्रोजेक्ट को हरी झंडी मिलेगी।
