मुंबई का शहरी विकास मॉडल बना मिसाल, MMRDA की कार्यप्रणाली अपनाने की तैयारी

मुंबई महानगर क्षेत्र विकास प्राधिकरण (MMRDA) का विकास मॉडल अब देशभर में चर्चा का विषय बन गया है। आंध्र प्रदेश के अधिकारियों ने मुंबई दौरा कर शहरी नियोजन और इंफ्रास्ट्रक्चर विकास की प्रक्रिया को समझा।
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एमएमआरडीए (सौ. सोशल मीडिया )
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MMRDA Model Study Andhra Pradesh: मुंबई महानगर क्षेत्र के इंफ्रास्ट्रक्चर विकास में अहम भूमिका निभाने वाले मुंबई महानगर क्षेत्र विकास प्राधिकरण (एमएमआरडीए) के मॉडल को अब अन्य राज्य भी अपनाने की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं।

इसी क्रम में आंध्र प्रदेश के 18 नवस्थापित शहरी विकास प्राधिकरणों के अधिकारियों के एक उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल ने एमएमआरडीए का दौरा कर यहां की कार्यप्रणाली का अध्ययन किया। इस प्रतिनिधिमंडल में संयुक्त कलेक्टर स्तर के अधिकारी और विभिन्न प्राधिकरणों के उपाध्यक्ष शामिल थे।

यह दौरा आंध्र प्रदेश के नगर प्रशासन एवं शहरी विकास विभाग (MA&UD) के क्षमता-विकास कार्यक्रम का हिस्सा था, जिसका उद्देश्य अधिकारियों को शहरी नियोजन, परियोजना वित्त, भूमि प्रबंधन और बड़े पैमाने पर बुनियादी ढांचा विकास की सर्वोत्तम प्रक्रियाओं से परिचित कराना है।

MMRDA के महानगर आयुक्त ने किया संबोधन

MMRDA के महानगर आयुक्त डॉ. संजय मुखर्जी ने प्रतिनिधिमंडल को संबोधित करते हुए विकास मॉडल के प्रमुख पहलुओं पर प्रकाश डाला। उन्होंने मजबूत भूमि अभिलेख प्रणाली, विकास नियंत्रण नियम (DCR), डेटा-आधारित निर्णय प्रक्रिया, एसेट मैपिंग और सशक्त वित्तीय ढांचे के महत्व को रेखांकित किया। साथ ही, सार्वजनिक-निजी भागीदारी (PPP), भूमि मूल्यवर्धन और डिस्काउंटेड कैश फ्लो आधारित परियोजना नियोजन जैसे विषयों पर विस्तृत जानकारी दी गई। दौरे के दौरान एमएमआरडीए द्वारा लगभग 6,000 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र में किए जा रहे एकीकृत क्षेत्रीय नियोजन, विस्तृत मेट्रो नेटवर्क और 200 किलोमीटर से अधिक लंबाई के टनल प्रोजेक्ट्स को प्रस्तुत किया गया। भूमि उपयोग और परिवहन के समन्वय, अंतिम माइल कनेक्टिविटी और टिकाऊ विकास मॉडल पर विशेष जोर दिया गया।

भविष्य के शहर

बैठक में यह निष्कर्ष निकला कि भविष्य के शहरों के विकास के लिए सुव्यवस्थित योजना, मजबूत बुनियादी ढांचा, समावेशी आवास, डिजिटल प्रशासन और प्रभावी क्रियान्वयन आवश्यक हैं। प्रतिनिधिमंडल ने एमएमआरडीए के मॉडल की सराहना करते हुए इसे देशभर में शहरी विकास के लिए मार्गदर्शक बताया।

एमएमआरडीए आयुक्त डॉ. संजय मुखर्जी ने कहा कि एमएमआरडीए का कार्य मॉडल अब एक व्यापक और समन्वित विकास मॉडल के रूप में विकसित हो चुका है। मुंबई महानगर क्षेत्र में हमारा अनुभव यह दिखाता है कि सही योजना, नवाचारपूर्ण वित्तीय तरीके और मजबूत प्रशासन के माध्यम से बड़े पैमाने पर शहरी विकास संभव है। भूमि आधारित वित्तीय मॉडल से लेकर जटिल बुनियादी ढांचा परियोजनाओं, विशेषकर बड़े टनल प्रोजेक्ट्स तक, हम एक ऐसा मॉडल विकसित कर रहे हैं। जिसे अन्य जगहों पर भी अपनाया जा सकता है। विभिन्न राज्यों और वैश्विक संस्थाओं से मिल रहा सकारात्मक प्रतिसाद इसका प्रमाण है।

मुंबई से नवभारत लाइव के लिए सूर्यप्रकाश मिश्र की रिपोर्ट

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