Mira Bhayandar में BJP बनाम शिवसेना टकराव तेज, सरनाईक-मेहता विवाद सड़कों तक पहुंचा

Mira Bhayandar BJP vs Shivsena: मंत्री प्रताप सरनाईक और विधायक नरेंद्र मेहता के बीच विवाद अब बड़ा राजनीतिक संघर्ष बन गया है। सोशल मीडिया और सड़कों तक पहुंचे इस टकराव से माहौल तनावपूर्ण हो गया है।
Narendra Mehta Vs Pratap Sarnaik
प्रताप सरनाईक Vs नरेंद्र मेहता (सौ. डिजाइन फोटो )
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Mira Bhayandar BJP vs Shivsena Political Clash: महाराष्ट्र के मीरा-भाईंदर क्षेत्र में राजनीतिक तनाव अपने चरम पर पहुंच गया है।

परिवहन मंत्री प्रताप सरनाईक और भाजपा विधायक नरेंद्र मेहता के बीच शुरू हुआ विवाद अब तीखी राजनीतिक लड़ाई का रूप ले चुका है। बयानबाजी से शुरू हुआ यह टकराव अब सोशल मीडिया, पुलिस थानों और सड़कों तक फैल गया है, जिससे पूरे इलाके का माहौल गर्म हो गया है।

कैसे शुरू हुआ विवाद ?

विवाद की शुरुआत तब हुई जब विधायक नरेंद्र मेहता ने मंत्री प्रताप सरनाईक पर निशाना साधा। इसके जवाब में सरनाईक के बेटे और युवा सेना नेता पूर्वेश सरनाईक ने एक सार्वजनिक पत्र जारी कर मेहता पर पलटवार किया। इसके बाद दोनों पक्षों के बीच आरोप-प्रत्यारोप का सिलसिला तेज हो गया।

मामला उस वक्त और उग्र हो गया जब युवा सेना के एक पदाधिकारी ने मेहता का कथित पुराना वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया। भाजपा ने इसे राजनीतिक साजिश और मानहानि बताते हुए कड़ी आपत्ति जताई।

Mira Bhayandar BJP vs Shivsena विवाद बढ़ा 

आरोप है कि वीडियो के साथ आपत्तिजनक भाषा का इस्तेमाल कर मेहता की छवि खराब करने की कोशिश की गई। शुक्रवार को नरेंद्र मेहता के नेतृत्व में भाजपा कार्यकर्ताओं ने नवघर पुलिस स्टेशन पर जोरदार प्रदर्शन किया।

करीब चार घंटे तक चले इस विरोध में जमकर नारेबाजी हुई और शिवसेना (शिंदे गुट) के नेताओं पर कार्रवाई की मांग उठी। अंततः मेहता की शिकायत पर मानहानि का गैर-संज्ञेय मामला दर्ज हुआ। एक महिला भाजपा पदाधिकारी की शिकायत पर आईटी एक्ट के तहत केस दर्ज किया गया।

शिवसेना का पलटवार

विवाद यहीं नहीं थमा। शिवसेना (शिंदे गुट) की महिला पदाधिकारी निशा नार्वेकर ने एड राजदेव पाल के माध्यम से मेहता और उनके भाई के खिलाफ पुराने मामलों का हवाला देते हुए 20-25 गंभीर प्रकरणों की जांच की मांग और तड़ीपार की कार्रवाई तथा पुलिस अधिकारियों के साथ कथित अभद्र व्यवहार पर केस दर्ज करने के लिए शिवसेना कार्यकर्ताओं ने भी पुलिस थाने पर प्रदर्शन कर सख्त कार्रवाई की मांग की। सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि भाजपा और शिवसेना (शिंदे) राज्य में सहयोगी हैं। लेकिन मीरा-भाईंदर में दोनों के बीच खुला संघर्ष सामने आ गया है। नेताओं और कार्यकर्ताओं के बीच बढ़ती तल्खी ने न सिर्फ राजनीतिक माहौल को तनावपूर्ण बना दिया है, बल्कि आम जनता भी इस टकराव से हैरान और चिंतित है।

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