वसई के 66 अवैध स्कूलों में जारी हैं दाखिले, शिक्षा विभाग के आदेशों की खुली अवहेलना
Vasai 66 Illegal Schools Admissions: वसई तहसील के 66 अनधिकृत स्कूलों को शिक्षा विभाग ने चेतावनी के साथ अवैध घोषित किया था, लेकिन इसके बावजूद नए सत्र में दाखिले जारी हैं।
- Written By: अपूर्वा नायक
वसई अवैध स्कूल एडमिशन (सौ. सोशल मीडिया )
Vasai 66 Illegal Schools Admissions News: वसई-विरार और पूरे पालघर जिले में शिक्षा व्यवस्था और मासूम छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ का एक बड़ा खेल चल रहा है।
शिक्षा विभाग द्वारा वसई तहसील के 66 स्कूलों को अनधिकृत घोषित करने और अभिभावकों को नए शैक्षणिक सत्र 2026-27 में प्रवेश न लेने की सख्त हिदायत के बावजूद, ये स्कूल बंद होना तो दूर, धड़ल्ले से नए दाखिले समेट रहे हैं।
प्रशासन के आदेशों को ठेंगा दिखाते हुए इन स्कूलों ने शिक्षा विभाग की कार्रवाई की धज्जियां उड़ा दी हैं। हैरानी की बात यह है कि ये अनधिकृत स्कूल किसी सुरक्षित परिसर में नहीं, बल्कि अवैध और खतरनाक इमारतों में चलाए जा रहे हैं।
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नियमों के मुताबिक, पालकों को सचेत करने के लिए शिक्षा विभाग ने इन स्कूलों के बाहर ‘अवैध स्कूल’ होने का आधिकारिक नोटिस बोर्ड लगाया था, लेकिन स्कूल प्रबंधनों ने सरेआम दादागीरी दिखाते हुए उन सरकारी बोडों और होर्डिंग्स को ही वहां से गायब कर दिया।
15 जून से नया शैक्षणिक सत्र शुरू हो चुका है, और जानकारी के अभाव में हजारों सीधे-साधे अभिभावक अपने बच्चों का दाखिला इन फर्जी स्कूलों में करा रहे हैं, जिससे छात्रों का भविष्य गहरे अंधकार में लटक गया है।
विज्ञापन का मायाजालः चकाचौंध के पीछे छिपा है धोखा
- वसई-विरार महानगरपालिका के शिक्षा विभाग द्वारा क्षेत्र के अनधिकृत स्कूलों की काली सूची जारी किए जाने के बावजूद, धरातल पर स्थिति बेहद चिंताजनक बनी हुई है।
शहर के कोने-कोने में इन दिनों एडमिशन के बड़े-बड़े और आकर्षक होर्डिंग्स दिखाई दे रहे हैं। ये चमचमाते विज्ञापन और कुछ नहीं, बल्कि पालकों को फंसाने के लिए - अनवेरिफाइड और अनाधिकृत स्कूलों द्वारा बिछाया गया एक सोची-समझी साजिश का मायाजाल है।
- भारी-भरकम एडवरटाइजिंग के दम पर ये स्कृत हर साल सैकड़ों बच्चों के भविष्य का सौदा करते हैं। एडमिशन के समय बड़े-बड़े दावे किए जाते हैं, लेकिन हकीकत में इनके पास न तो सरकार की मान्यता है और न ही कोई वैध दस्तावेज शहर बड़े-बड़े और चमकीले होर्डिंग्स को देखकर भ्रमित न हो।
- विज्ञापन इस बात की गारंटी नहीं है कि स्कूल वैध है। किसी भी स्कूल में अपने बच्चे का दाखिला कराने से पहले, वसई-विरार माहानगरपालिका या शिक्षा विभाग द्वारा जारी की गई ‘अधिकृत मान्यता प्राप्त स्कूलों की सूची में उस स्कूल का नाम अनिवार्य रूप से वैरिफाई करें।
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हाई कोर्ट के आदेश के बाद भी नहीं ध्वस्त हुई अवैध स्कूलें
जो स्कूल बिना मानकों के अवैध निर्माण वाली चॉलों और इंडस्ट्रियल शेड में चल रहे हैं, उन्हें हाई कोर्ट के आदेश के बाद पिछले साल ही ध्वस्त कर दिया जाना चाहिए था। अगर आगे यहां कोई बड़ी आग या दुर्घटना होती है, तो इतनी बड़ी लापरवाही का जिम्मेदार कौन होगा? अधिकारियों को इन मामलों में तत्काल एफआईआर (एफआईआर) दर्ज करनी चाहिए थी, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। दरअसल, वीवीसीएमसी के अधिकार क्षेत्र में आने वाली ये अधिकांश अवैध इमारते रसूखदार राजनेताओं या उनके करीबी रिश्तेदारों की है, यही मुख्य वजह है कि महापालिका के अधिकारी कार्रवाई करने से हिचकिचा रहे है।
– राहुल सिंह, स्थानीय नागरिक, सामाजिक कार्यकर्ता
