अल-नीनो के असर से जल संकट की आशंका, महाराष्ट्र सरकार ने पानी बचाने के लिए उठाए सख्त कदम

Mira Bhayandar Water Cut: संभावित जल संकट और कम बारिश की आशंका को देखते हुए महाराष्ट्र सरकार ने 20 प्रतिशत जल कटौती लागू की है।इसका असर मीरा-भाईंदर में दिखेगा, जहां हर महीने 6 दिन जलापूर्ति बंद रहेगी।
Mira Bhayandar Water Cut News
Mira Bhayandar Water Cut Update (फोटो क्रेडिट-X)
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Mira Bhayandar Water Cut News: राज्य में संभावित जल संकट को देखते हुए महाराष्ट्र सरकार ने पेवजल उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए सख्त कदम उठाने शुरू कर दिए हैं।

जल संसाधन विभाग के अनुसार, अल-नीनो की स्थिति और वर्षा में कमी की आशंका को ध्यान में रखते हुए राज्य के सभी जलाशयों, बांधों एवं अन्य जल स्रोतों में उपलब्ध जल भंडार का नियोजन करने तथा अवैध जल निकासी पर रोक लगाने के निर्देश जारी किए गए हैं।

सरकार ने स्पष्ट किया है कि इस वर्ष भी अल-नीनो का प्रभाव जारी रहने की संभावना है, जिसके कारण मानसून के दौरान सामान्य से कम वर्षा हो सकती है। ऐसी स्थिति में 31 अगस्त 2026 तक राज्य के नागरिकों को पर्याप्त पेयजल उपलब्ध कराने के लिए पानी के उपयोग पर नियंत्रण और उपलब्ध जल भंडार का सुनियोजित प्रबंधन आवश्यक है।

इसी उद्देश्य से जल संसाधन विभाग ने राज्यभर में 20 प्रतिशत जल कटौती लागू करने का निर्णय लिया है। इस निर्णय का सीधा असर मीरा भाईंदर शहर की जलापूर्ति व्यवस्था पर पड़ेगा।

अवैध जल निकासी पर रोक लगाने के निर्देश

स्टेम प्राधिकरण से मिलने वाली जलापूर्ति में कटौती करते हुए हर सप्ताह में एक दिन पानी की सप्लाई बंद रखी जाएगी, वहीं महाराष्ट्र औद्योगिक विकास निगम की ओर से मिलने वाली जलापूर्ति भी प्रत्येक 15 दिन में एक दिन बंद रहेगी नई व्यवस्था के तहत शहर में पहले और तीसरे सप्ताह एक-एक दिन तथा दूसरे और चौवें सप्ताह दो-दो दिन पानी की आपूर्ति बंद रहेगी।

मीरा भाईंदर में महीने में 6 दिन जलापूर्ति बंद

इस प्रकार मीरा-भाईंदर के नागरिकों को हर महीने कुल 6 दिन जलापूर्ति बंद रहने की स्थिति का सामना करना पड़ेगा, प्रशासन का कहना है कि यह कदम भविष्य में संभावित पेयजल संकट से बचने और उपलब्ध जल संसाधनों को लंबे समय तक सुरक्षित रखने के लिए उठाया गया है। जल संसाधन विभाग ने सभी स्थानीय निकायों को जल संरक्षण के उपायों को प्रभावी ढंग से लागू करने, जल चोरी और अवैध जल निकासी पर कड़ी निगरानी रखने तथा पेचजल को सर्वोच्च प्राथमिकता देने के निर्देश दिए हैं।