वसई-विरार में बच्चों को डायरिया से बचाने के लिए विशेष अभियान, 31 जुलाई तक चलेगी मुहिम

Vasai Virar Diarrhoea Control Campaign: मानसून के दौरान बच्चों में डायरिया और कुपोषण से होने वाली स्वास्थ्य समस्याओं को रोकने के लिए वसई-विरार महानगरपालिका ने विशेष अभियान शुरू किया है।
Vasai-Virar Municipal Corporation
वसई-विरार महानगरपालिका (सोर्स: सोशल मीडिया)
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Vasai Virar Diarrhoea Control Campaign News: मानसून में वसई-विरार क्षेत्र में दूषित पानी और जलजमाव के कारण बच्चों में डायरिया का खतरा मंडराने की गंभीर चुनौती से निपटने के लिए वसई-विरार शहर महानगरपालिका पूरी तरह अलर्ट मोड पर आ गई है।

बच्चों को इस बीमारी की चपेट में आने से बचाने के लिए मनपा के चिकित्सा स्वास्थ्य विभाग ने 16 जून से तीव्र दस्त नियंत्रण अभियान का बिगुल फूंक दिया है। यह विशेष अभियान आगामी 31 जुलाई, 2026 तक पूरी मुस्तैदी के साथ चलाया जाएगा।

5 वर्ष तक के बच्चों का स्वास्थ्य सबसे अधिक संवेदनशील

स्वास्थ्य विभाग के आला अधिकारियों के मुताबिक, बारिश के मौसम में 5 वर्ष तक के बच्चों का स्वास्थ्य सबसे अधिक संवेदनशील होता है। मनपा का मुख्य उद्देश्य शून्य से पांच वर्ष तक की आयु के बच्चों में दस्त और कुपोषण के कारण होने वाली बाल मृत्यु दर को शून्य स्तर पर लाना है। इसी जोखिम को कम करने और अभिभावकों को जागरूक करने के लिए प्रशासन ने इस बार माइक्रो-प्लानिंग के तहत काम शुरू किया है।

मानसून के दौरान अभिभावकों को अपने बच्चों के स्वास्थ्य को लेकर अतिरिक्त सतर्क रहने की आवश्यकता है। यदि बच्चे को दस्त की शिकायत होती है, तो घबराने की बिल्कुल जरूरत नहीं है। तुरंत अपने नजदीकी शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र से संपर्क करें और नगर पालिका के इस मुफ्त स्वास्थ्य अभियान का लाभ उठाकर अपने बच्चों को सुरक्षित रखें

- चिकित्सा स्वास्थ्य विभाग, वसई-विरार महानगरपालिका

आशा वर्कर्स ने संभाला मोर्चा, घर-घर दी जा रही दस्तक

इस मुहिम को जमीनी स्तर पर कामयाब बनाने के लिए मनपा क्षेत्र की आशा स्वयंसेविकाओं और स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं ने मोर्चा संभाल लिया है। मौसम की परवाह किए बिना ये कार्यकर्ता 5 वर्ष से कम उम्र के बच्चों वाले हर घर में पहुंच रही हैं।

स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं द्वारा प्रभावित और संवेदनशील परिवारों को मुफ्त में ओआरएस के पैकेट बांटे जा रहे हैं। यदि बच्चा दस्त से पीड़ित है, तो माताओं को घर पर ही ओआरएस घोल बनाने की विधि सिखाई जा रही है। साथ ही, बच्चों की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने के लिए गोलियों के महत्व को भी रेखांकित किया जा रहा है।

स्वास्थ्य विभाग ने माताओं को सलाह दी है कि दस्त के दौरान भी शिशुओं को स्तनपान कराना कतई बंद न करें। इसके अलावा, नागरिकों को 'हैंडवॉश' और आसपास की साफ-सफाई बनाए रखने के लिए जागरूक किया जा रहा है।

मुहिम को अधिक प्रभावी और सुलभ बनाने के लिए वसई-विरार मनपा के सभी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर विशेष ओआरएस और जिंक कॉर्नर की स्थापना की गई है। इन केंद्रों पर आने वाले हर मरीज और उनके अभिभावकों को मुफ्त उपचार, दवाइयां और उचित चिकित्सकीय मार्गदर्शन दिया जा रहा है।

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