वाढवण पोर्ट (सौ. सोशल मीडिया )
Vadhvan Port Project Approval: देश के लॉजिस्टिक्स सेक्टर को नई ऊंचाई देने वाले वाढवण पोर्ट परियोजना को केंद्र सरकार से बड़ी मंजूरी मिल गई है। इस महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट के लिए कुल 76220 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं।
इस परियोजना का विकास सागरमाला कार्यक्रम के तहत जवाहरलाल नेहरू पोर्ट अथॉरिटी को सौंपा गया है। पोर्ट को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय परिवहन नेटवर्क से जोड़ने के लिए नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया ने महत्वपूर्ण पहल की है। परियोजना के तहत एनएच -48 और दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे (एनई-4) से आधुनिक सड़क संपर्क विकसित किया जाएगा।
वर्तमान में परियोजना क्षेत्र में केवल दो लेन की सड़कें हैं, जो सीमित क्षमता वाली हैं और आबादी वाले क्षेत्रों से होकर गुजरती हैं, जिससे यातायात पर भारी दबाव रहता है। इस स्थिति को सुधारने के लिए एनएच-248 एस मार्ग पर 4 लेन का नियंत्रित प्रवेश वाला हाईवे बनाया जाएगा, जिसे भविष्य में 8 लेन तक विस्तारित किया जा सकेगा।
यह हाईवे वाढवण पोर्ट को एनएच-48 पर स्थित तवा गांव से सीधे जोड़ेगा, जिससे यातायात व्यवस्था में बड़ा सुधार होगा। पर्यावरणीय दृष्टि से भी परियोजना को आवश्यक मंजूरी मिल चुकी है। पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय ने 16 फरवरी 2024 को पर्यावरण और सीआरजेड क्लीयरेंस प्रदान की थी। इसके अलावा 20 मार्च 2026 को नागपुर स्थित क्षेत्रीय कार्यालय से 237।08 हेक्टेयर वन भूमि के लिए प्रथम चरण की स्वीकृति मिली है।
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इस परियोजना के तहत प्रतिपूरक वनीकरण, एनपीवी, वन्यजीव संरक्षण, मिट्टी और नमी संरक्षण तथा मैंग्रोव वृक्षारोपण के लिए लगभग 146.22 करोड़ रुपये वन विभाग को जमा किए जा रहे हैं। कुल मिलाकर परियोजना के लिए 606.54 हेक्टेयर भूमि की आवश्यकता है। भूमि और संपत्तियों के लिए 1916.23 करोड़ रुपये का मुआवजा ‘भूमि अधिग्रहण, पुनर्वास और पुनर्स्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता का अधिकार अधिनियम, 2013’ के तहत घोषित किया गया है, जिसका वितरण तेजी से जारी है। इस हाईवे परियोजना का ठेका जे कुमार इंफ्रा प्रोजेक्ट्स लिमिटेड को 2360 करोड़ रुपये में दिया गया है और 30 मार्च 2026 को इसके लिए फंड जारी कर दिया गया है।