Sunscreen Guide: हर मौसम में सनस्क्रीन लगाना क्यों जरूरी है, जानें इससे जुड़े हर सवाल का जवाब
Sunscreen In Summer: सूरज की यूवी किरणों से बचने के लिए सनस्क्रीन लगाने की सलाह दी जाती है। इसे खरीदने से पहले SPF नंबर देखना जरूरी होता है। आइए जानते हैं सनस्क्रीन से जुड़ी हर बात।
- Written By: रीता राय सागर
सनस्क्रीन (साभार. पिंटरेस्ट)
Everything About Sunscreen: हम सभी अपने डेली स्किन केयर रूटीन में सनस्क्रीन को जरूर शामिल करते हैं। यह एक ऐसा प्रोडक्ट है, जो ना केवल स्किन को यूरत की रोशनी से प्रोटेक्ट करता है, बल्कि स्किन को टैनिंग, झुर्रियों, समय से पहले बुढ़ापा, सनबर्न और स्किन कैंसर से भी बचाता है।
लेकिन, सनस्क्रीन को लेकर कई सारी गलतफहमियां हैं जिन पर लोग विश्वास करके सनस्क्रीन सही तरह से इस्तेमाल नहीं करते हैं, जिसकी वजह से स्किन को नुकसान हो जाता है। सनस्क्रीन का इस्तेमाल हर मौसम में जरूरी होता है, फिर चाहे वो सर्दी हो, गर्मी हो या मानसून। डायरेक्ट सनलाइट के अलावा यह हमें हीट से भी प्रोटेक्शन देता है। फोन के ब्लू लाइट से भी सन्सक्रीन हमारे चेहरे को प्रोटेक्ट करता है।
सनस्क्रीन कैसे काम करती है
सनस्क्रीन आपकी त्वचा और धूप के बीच एक कवच की तरह काम करती है।
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फिजिकल सनस्क्रीन
इसमें जिंक ऑक्साइड या टाइटेनियम डाइऑक्साइड होता है। यह त्वचा की सतह पर बैठकर सूरज की किरणों को एक मिरर की तरह यानी रिफ्लेक्ट करके दूर करती है।
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केमिकल सनस्क्रीन
इसमें मौजूद chemicals त्वचा में अब्जॉर्ब होकर यूवी किरणों को सोख लेते हैं और उन्हें हीट में बदलकर शरीर से बाहर निकाल देते हैं।
सूरज की रोशनी से कैसे होता है नुकसान (Sun Damage)
यूवी किरणों के संपर्क में आना कुछ हद तक फायदेमंद होता है, क्योंकि इससे हमारी त्वचा को जरूरी विटामिन डी मिलता है। यह हड्डियों, ब्लड सेल्स और हमारे इम्यून सिस्टम के लिए फायदेमंद होता है, लेकिन जरूरत से ज्यादा सन एक्सपोजर समय से पहले बुढ़ापा ला सकता है और स्किन कैंसर का कारण बन सकता है।
सनस्क्रीन के इस्तेमाल का तरीका (Uses Of Sunscreen)
- एक वयस्क को अपने पूरे खुले शरीर के हिस्सों में सूरज से बचाव के लिए 6-8 चम्मच तक सनस्क्रीन का इस्तेमाल करना चाहिए।
- बाहर जाने से 30 मिनट पहले चेहरे, गर्दन और कान सहित शरीर के सभी खुले हिस्सों पर सनस्क्रीन लगानी चाहिए।
- इसे हर दो घंटे में रिअप्लाई करना चाहिए या अगर आपको बहुत पसीना आता है, आप पानी में रहे हैं, तो तौलिये से खुद को सुखाने के बाद इससे दोबारा लगाना चाहिए।
- इसके अलावा आपको ऐसे कपड़े पहनने चाहिए। जिससे सूरज की रोशनी अंदर न आ सके, साथ ही लंबी आस्तीन वाले कपड़े, धूप से बचाव वाली टोपी और धूप का चश्मा भी पहनना चाहिए।
सनस्क्रीन का मतलब क्या होता है
सनस्क्रीन की बोतलों पर दिखने वाला नंबर सन प्रोटेक्शन फैक्टर या SPF होता है। इसका मतलब है, नंबर जितना अधिक होगा, सुरक्षा उतनी ही अधिक होगी। एसपीएफ रेटिंग से यह पता चलता है कि आपकी सनस्क्रीन यूवीबी किरणों से कितनी सुरक्षा प्रदान करती है।
उदाहरण के लिए, एसपीएफ 30 वाली सनस्क्रीन को सही तरीके से लगाने का मतलब है कि आपकी त्वचा को लाल होने में बिना सनस्क्रीन लगाए की तुलना में 30 गुना अधिक समय लगेगा। एसपीएफ 30 त्वचा में लगभग 3% यूवीबी किरणों को प्रवेश करने देता है और एसपीएफ 50 लगभग 2% किरणों को। कम से कम 30 एसपीएफ वाले सनस्क्रीन का इस्तेमाल करना चाहिए।
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सही तरह से लेयरिंग भी जरूरी
किसी भी प्रोडक्ट का पूरी तरह से लाभ लेने के लिए यह बेहद जरूरी है कि उसे सही तरह से अप्लाई किया जाए। मसलन, अगर आप मेकअप भी कर रही हैं तो आपको प्रोडक्ट की सही तरह से लेयरिंग करनी चाहिए। मेकअप के दौरान आपको पहले सनस्क्रीन लगाना चाहिए। जब यह स्किन में अब्जॉर्ब हो जाए, तब आप फाउंडेशन अप्लाई करें। इसी तरह स्किन पर सबसे पहले मॉइश्चराइजर और फिर सनस्क्रीन का इस्तेमाल करें। इसके बाद ही किसी अन्य प्रोडक्ट को अपने चेहरे पर लगाएं।
