Muslim Social Boycott Oath (फोटो क्रेडिट-X)
Nalasopara Capital Mall Video: मुंबई से सटे नालासोपारा इलाके में फिल्म ‘द केरल स्टोरी 2’ की स्क्रीनिंग के बाद एक विवादित घटना सामने आई है, जिसने सोशल मीडिया पर बहस छेड़ दी है। नालासोपारा ईस्ट स्थित कैपिटल मॉल के पीवीआर (PVR) सिनेमा हॉल का एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें फिल्म देखने के बाद दर्शकों का एक समूह एक विशेष समुदाय के सामाजिक बहिष्कार की शपथ लेता दिखाई दे रहा है। इस घटना ने क्षेत्र में सांप्रदायिक संवेदनशीलता और कानून व्यवस्था को लेकर चिंताएं बढ़ा दी हैं।
सोशल मीडिया पर प्रसारित हो रहे इस वीडियो में देखा जा सकता है कि फिल्म खत्म होने के बाद कुछ लोग खड़े होकर जोर-शोर से नारे लगा रहे हैं और मुस्लिमों के ‘सामाजिक बहिष्कार‘ (Social Boycott) की शपथ ले रहे हैं। यह वीडियो 2026 में फिल्म की रिलीज के बाद की बताई जा रही है, जिसने देखते ही देखते इंटरनेट पर तूल पकड़ लिया है। स्थानीय प्रशासन और पुलिस अब इस वीडियो की सत्यता और इसमें शामिल लोगों की पहचान करने में जुट गई है।
राजधानी मुंबई के पड़ोसी इलाके नालासोपारा के कैपिटल मॉल में हुई इस घटना ने स्थानीय निवासियों के बीच हलचल पैदा कर दी है। चश्मदीदों के अनुसार, फिल्म ‘द केरल स्टोरी 2’ के समापन के बाद हॉल के भीतर ही कुछ लोगों ने उत्तेजक भाषण देना शुरू किया और फिर वहां मौजूद अन्य लोगों को भी शपथ लेने के लिए प्रेरित किया। वीडियो में शपथ लेने वाले लोग यह कहते सुने जा रहे हैं कि वे भविष्य में किसी भी प्रकार का सामाजिक या व्यावसायिक संबंध एक विशेष समुदाय के साथ नहीं रखेंगे।
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जैसे ही यह वीडियो एक्स (ट्विटर) और अन्य प्लेटफॉर्म्स पर वायरल हुआ, नेटिज़न्स ने इस पर मिली-जुली प्रतिक्रियाएं देना शुरू कर दिया। जहां कुछ लोग इसे फिल्म के प्रति एक स्वाभाविक प्रतिक्रिया मान रहे हैं, वहीं बड़ी संख्या में लोग इसे नफरत फैलाने वाला कृत्य करार दे रहे हैं। पालघर पुलिस और मीरा-भयंदर वसई-विरार (MBVV) पुलिस आयुक्तालय इस मामले की गंभीरता से जांच कर रहा है ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि इस तरह की घटनाओं से क्षेत्र की शांति भंग न हो।
इस घटना के बाद मुंबई और उसके आसपास के सिनेमाघरों में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर नई गाइडलाइन्स पर चर्चा शुरू हो गई है। पुलिस विभाग का कहना है कि किसी भी सार्वजनिक स्थान पर नफरत फैलाने वाले भाषण या बहिष्कार की शपथ लेना कानूनी रूप से अपराध की श्रेणी में आता है। प्रशासन ने लोगों से शांति बनाए रखने और सोशल मीडिया पर किसी भी भड़काऊ पोस्ट को साझा न करने की अपील की है। फिलहाल, पुलिस सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही है ताकि आयोजकों और मुख्य वक्ताओं के खिलाफ उचित कानूनी कार्रवाई की जा सके।