Palghar News: कृषि अधिकारी से 55 लाख रुपए की ठगी, तनाव में कर ली आत्महत्या
पालघर जिले की जव्हार पंचायत समिति में कार्यरत कृषि अधिकारी प्रशांत पाटिल की फेसबुक पर एक महिला से हुई ऑनलाइन दोस्ती ने उन्हें 55 लाख रुपये की ठगी का साक्षी बना दिया।
- Written By: आंचल लोखंडे
कृषि अधिकारी से 55 लाख की ठगी (सौजन्यः सोशल मीडिया)
पालघर: एक ईमानदार सरकारी अधिकारी ने जब फेसबुक पर दोस्ती की थी, तब उन्होंने कभी सोचा भी नहीं होगा कि यही दोस्ती उनकी जान ले लेगा। लेकिन यही हुआ। पालघर जिले की जव्हार पंचायत समिति में कार्यरत कृषि अधिकारी प्रशांत पाटिल की फेसबुक पर एक महिला से हुई ऑनलाइन दोस्ती ने उन्हें 55 लाख रुपये की ठगी का साक्षी बना दिया। जब तक उन्हें हकीकत का अंदाज़ा हुआ, तब तक बहुत देर हो चुकी थी।
लगातार बढ़ते तनाव और आत्मग्लानि के कारण उन्होंने नासिक में अपने घर में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। यह घटना सिर्फ एक आत्महत्या नहीं, बल्कि डिजिटल दौर की सबसे कड़वी सच्चाई है। जहां एक क्लिक में शुरू हुई दोस्ती जानलेवा धोखा बन सकती है। प्रशांत पाटिल एक पढ़े-लिखे, व्यवहारकुशल और मेहनती अधिकारी माने जाते थे। कुछ महीने पहले उनकी फेसबुक पर एक महिला से पहचान हुई। बातचीत बढ़ी, विश्वास बना और फिर महिला ने उन्हें एक कथित व्यावसायिक योजना का प्रस्ताव दिया।
‘हापको ऑयल’
उसने ‘हापको ऑयल’ नामक एक तेल का उल्लेख करते हुए कहा कि यह उत्पाद थोक में सस्ते दामों में खरीदा जा सकता है और बाजार में ऊंचे दामों पर बेचकर मोटा मुनाफा कमाया जा सकता है। महिला ने योजना को इतना भरोसेमंद और आकर्षक बताया कि प्रशांत पाटिल को यकीन हो गया कि यह सौदा उनके जीवन का टर्निंग पॉइंट बन सकता है।
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55 लाख रुपये की चोट
प्रशांत पाटिल ने सबसे पहले अपनी जमा पूंजी इस योजना में लगा दी। इसके बाद उन्होंने घर के लगभग 30 तोला सोने के गहने बेच दिए। लेकिन इतने से भी बात नहीं बनी, तो उन्होंने अलग-अलग जगहों से कर्ज लेकर पूरे 55 लाख रुपये महिला को दे दिए। सिर्फ इस विश्वास में कि आने वाले समय में उन्हें जबरदस्त लाभ मिलेगा। लेकिन यह पूरा सपना एक सुनियोजित झांसा था। पैसे देने के बाद महिला का रवैया बदलने लगा। न तो कोई लाभ मिला और न ही दिए गए पैसे वापस आए। जब पाटिल को इस ठगी का अहसास हुआ, तो उनके पैरों तले जमीन खिसक गई।
ईमानदार इंसान के साथ धोखाधड़ी
रोज़ का तनाव, परिवार की चिंता, कर्ज की मार और आत्मग्लानि ये सब मिलकर उन्हें अंदर से खा गए। अपने साथ-साथ उन्होंने परिवार के भी कई सपने देखे थे। लेकिन अब उन सपनों के मलबे तले वे खुद दबते चले गए। इस मानसिक पीड़ा से उबर न पाने के कारण उन्होंने नासिक स्थित अपने घर में फांसी लगाकर जीवन लीला समाप्त कर ली।
परिवार टूटा, भरोसा टूटा
प्रशांत पाटिल की असमय और दर्दनाक मौत ने उनके परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया है। उनका एक बच्चा है, जो बार-बार पूछ रहा है कि “पापा कहां गए?” लेकिन किसी के पास जवाब नहीं। पत्नी की शिकायत के आधार पर नासिक साइबर पुलिस ने अज्ञात महिला के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया है। पुलिस अब महिला की तलाश कर रही है, और इस बात की भी जांच कर रही है कि कहीं यह किसी बड़े ऑनलाइन ठग गिरोह का हिस्सा तो नहीं।
