पैसों की जरूरत पड़ती है, सत्ता में…ओमराजे निंबालकर का शिंदे के साथ जाने का ऐलान, उद्धव का प्लान फेल!
Shiv Sena(UBT) Crisis: शिवसेना (यूबीटी) के सांसद ओमराजे निंबालकर के शिवसेना के एकनाथ शिंदे गुट के साथ जाने का एलान किया है। इसके साथ ही उद्धव ठाकरे के खिलाफ मानो ऑपरेशन टाइगर फिर से शुरू हो गया है।
- Written By: अर्पित शुक्ला
ओमराजे निंबालकर(Image- Social Media)
Maharashtra Shiv Sena(UBT) Crisis: महाराष्ट्र में सियासी सरगर्मी बढ़ी हुई है। शिवसेना (यूबीटी) के सांसद ओमराजे निंबालकर के शिवसेना के एकनाथ शिंदे गुट के साथ जाने का एलान किया है। इसके साथ ही उद्धव ठाकरे के खिलाफ मानो ऑपरेशन टाइगर फिर से शुरू हो गया है। इस मामले पर पर मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे की प्रतिक्रिया भी आई है। एकनाथ शिंदे ने कहा कि हम कोई ऑपरेशन अधूरा नहीं छोड़ते वहीं सीएम फडणवीस ने कहा कि ऑपरेशन सफल रहा है, पेशेंट की रिपोर्ट आ जाएगी।
बता दें कि रविवार को धराशिव सांसद ओमराजे निंबालकर ने अपने लोकसभा क्षेत्र के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं की बैठक आयोजित की। इस दौरान उन्होंने महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे की सराहना की और कहा कि उनके द्वारा लिए जाने वाले निर्णय को सभी कार्यकर्ताओं को स्वीकार करना चाहिए। इसी बीच उनकी आवाज से जुड़ा एक ऑडियो क्लिप सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। दावा किया जा रहा है कि यह क्लिप रविवार को हुई बैठक का है, हालांकि इसकी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
काम के लिए होती है धन की आवश्यकता
बैठक में कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए ओमराजे निंबालकर ने कहा कि जनहित के कार्यों को आगे बढ़ाने के लिए संसाधनों और धन की आवश्यकता होती है। इसके लिए सत्ता में मौजूद नेतृत्व के साथ तालमेल जरूरी है। निंबालकर ने कहा कि कुछ लोग यह प्रचार कर रहे हैं कि वह चुनाव नतीजों के बाद तुरंत सत्ता पक्ष के संपर्क में चले गए थे, जबकि ऐसा नहीं है।
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उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि ऐसा होता तो वह 22 में ही यह कदम उठा लेते। उन्होंने यह भी कहा कि उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने उनकी बातों को गंभीरता से लिया है और आम कार्यकर्ताओं को भी अपने कामकाज में कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। ऐसे में वह कुछ महत्वपूर्ण फैसले लेने वाले हैं, जिनका समर्थन कार्यकर्ताओं को करना चाहिए।
सत्ता के साथ रहने की जरूरत बताई
वायरल ऑडियो क्लिप में कथित तौर पर निंबालकर कहते सुनाई दे रहे हैं कि सत्ता में बैठे नेतृत्व को स्वीकार करना समय की जरूरत है। उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी एक भी नगर पालिका पर कब्जा नहीं कर सकी है, इसलिए जनता के काम कराने के लिए सत्ता का सहयोग लेना जरूरी है। विकास कार्यों और जनसमस्याओं के समाधान के लिए पर्याप्त फंड की जरूरत होती है और इसी को ध्यान में रखकर निर्णय लेना होगा।
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कुछ कार्यकर्ताओं ने उनकी छवि को लेकर चिंता जताई, जिस पर निंबालकर ने जवाब देते हुए कहा कि उनका उद्देश्य केवल अपनी छवि बनाना नहीं, बल्कि जनता की सेवा करना है। उन्होंने कहा कि चुनाव परिणामों के बाद उन्हें उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे से बातचीत करनी पड़ी और अब कार्यकर्ताओं को उनके निर्णय का समर्थन करना चाहिए।
