PM मोदी से मिलेंगे शरद पवार गुट के 8 सांसद, सुप्रिया सुले ने खोला राज! महाराष्ट्र की सियासत में हलचल तेज
Supriya Sule PM Modi Meeting: शिवसेना और एनसीपी के बाद अब शरद पवार गुट के 8 सांसद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात करेंगे। सुप्रिया सुले ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर मुलाकात की वजह बताई है।
- Written By: आकाश मसने
पीएम मोदी से चर्चा करते शरद पवार व सुप्रिया सुले (फाइल फोटो, सोर्स: सोशल मीडिया)
NCP Sharad Pawar MPs Meet PM Modi: एकनाथ शिंदे की शिवसेना और सुनेत्रा पवार की एनसीपी के सांसदों के बाद अब राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार) के 8 सांसद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात करने जा रहे हैं। इस खबर के सामने आते ही महाराष्ट्र के साथ-साथ दिल्ली के राजनीतिक गलियारों में भी हलचल काफी तेज हो गई है।
राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार) की कार्यकारी अध्यक्ष और लोकसभा सांसद सुप्रिया सुले ने मुंबई में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान इस मुलाकात की आधिकारिक पुष्टि की। उन्होंने बताया कि महाराष्ट्र से जुड़े गंभीर और संवेदनशील मुद्दों को लेकर उनकी पार्टी के 8 सांसद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के समक्ष अपनी बात रखेगा।
PM मोदी से मुलाकात का समय और मुख्य मुद्दे
मुंबई में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में सुप्रिया सुले ने प्रधानमंत्री से मुलाकात का कारण बताते हुए केंद्र सरकार के प्रस्तावित एफसीआरए संशोधन विधेयक को लेकर पार्टी की भूमिका भी स्पष्ट की। उन्होंने कहा कि मौजूदा स्वरूप में एफसीआरए विधेयक को उनकी पार्टी का विरोध जारी रहेगा। सुप्रिया ने कहा कि कुछ सांसदों की राय थी कि महाराष्ट्र के कई गंभीर मुद्दे हैं, लेकिन दुर्भाग्य से संसद का कामकाज नहीं चल रहा है। ऐसे में राज्य की समस्याओं को प्रधानमंत्री के सामने रखना जरूरी है।
सम्बंधित ख़बरें
लाल किले से गूंजेगी Gen Z की आवाज़? पीएम मोदी से अभिजीत दीपके की मांग- 15 अगस्त पर युवाओं के भविष्य पर हो बात
UP चुनाव से पहले दिल्ली में बड़ी हलचल! अचानक PM मोदी से मिलने पहुंचे CM योगी, क्या पक रही है कोई नई खिचड़ी?
गूंगी गुड़िया पर सुप्रिया सुले की पहली प्रतिक्रिया, ननद ने भाभी पर की गई कांग्रेस की टिप्पणी पर क्या कहा?
मोदी के हर फैसले में ट्रंप का दखल…अमेरिकी सीनेट के एक बिल से भारत में मचा हड़कंप! केजरीवाल ने पूछे तीखे सवाल
महाराष्ट्र में पानी की समस्या, किसानों की आत्महत्या, तेजी से हो रहे शहरीकरण से पैदा हो रही समस्याएं और सांसदों को मिलने वाली 5 करोड़ रुपये की विकास निधि के क्रियान्वयन में आने वाली दिक्कतें जैसे कई मुद्दे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि सांसदों को महाराष्ट्र सरकार से अपेक्षित सहयोग नहीं मिल रहा है। इन सभी मुद्दों को लेकर प्रधानमंत्री से मुलाकात करने के लिए 8 सांसदों ने समय मांगा था।
सोमवार सुबह 11 बजे हाेगी पीएम मोदी से मुलाकात
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार सुबह 11 बजे संसद स्थित अपने कार्यालय में शरद पवार गुट के सांसदों को मिलने का समय दिया है। सुले ने कहा कि एकनाथ शिंदे गुट के सांसदों को प्रधानमंत्री ने नाश्ते पर बुलाया था, लेकिन हमारे सांसदों को नाश्ते के लिए नहीं बुलाया गया।
FCRA विधेयक का विरोध करेगी शरद पवार की पार्टी
एफसीआरए संशोधन विधेयक को लेकर सुप्रिया सुले ने कहा कि मौजूदा स्वरूप में राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार) इसका विरोध करेगी। हालांकि, यदि विधेयक संसद में पेश किया जाता है और सरकार चर्चा के लिए तैयार होती है तथा इसे संयुक्त संसदीय समिति (JPC) के पास भेजा जाता है, तो उनकी पार्टी चर्चा के लिए तैयार है। उन्होंने कहा कि सरकार को एफसीआरए विधेयक वापस लेना चाहिए। यदि सरकार इसे वापस नहीं लेती है तो इसे जेपीसी के पास भेजा जाना चाहिए।
यह भी पढ़ें:- प्रशांत किशोर की एंट्री से पहले NCP में भगदड़! सुनेत्रा पवार संग बैठक के बाद पार्टी में अंदरूनी खटपट तेज
जंतर-मंतर और नीट मामले की जांच की मांग
सांसद सुप्रिया सुले ने जंतर-मंतर और नीट से जुड़े मुद्दों पर चर्चा का उल्लेख करते हुए कहा कि इन मामलों में एसआईटी गठित कर वास्तविक स्थिति सामने लानी चाहिए। उन्होंने कहा कि भारत सरकार और देश के प्रत्येक नागरिक को यह पता चलना चाहिए कि पैलेट गन का इस्तेमाल कैसे हुआ। सुले ने दावा किया कि उस दौरान संसद के अंदर आंसू गैस के गोले छोड़े जाने की आवाज सुनाई दे रही थी और संसद के दरवाजे बंद कर दिए गए थे।
परिसीमन विधेयक आया ही नहीं, टिप्पणी कैसे करें?
शरद पवार की बेटी सुप्रिया सुले ने परिसीमन विधेयक को लेकर कहा कि अभी तक ऐसा कोई विधेयक संसद में पेश ही नहीं हुआ है। जब विधेयक आया ही नहीं है तो उस पर टिप्पणी कैसे की जा सकती है? इन सभी विधेयकों को लेकर इंडिया गठबंधन की बैठक रोज सुबह 10 बजे कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के नेतृत्व में होती है। परिसीमन विधेयक संसद में आने के बाद कांग्रेस, समाजवादी पार्टी, शिवसेना, तृणमूल कांग्रेस समेत सहयोगी दलों के साथ चर्चा कर आगे की रणनीति तय की जाएगी।
