road construction Sinnar (सोर्सः सोशल मीडिया)
Adwa Phata Road: सिन्नर शहर के आडवा फाटा से सांसद पुल (खासदार पूल) तक के महत्वपूर्ण मार्ग का कार्य लंबे समय से लंबित रहने के कारण भाजपा पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं का आक्रोश फूट पड़ा। युवा नेता उदय सांगळे के नेतृत्व में सोमवार, 23 फरवरी को प्रशासन के खिलाफ जोरदार विरोध प्रदर्शन किया गया। आंदोलनकारियों के तीखे सवालों और दबाव के बाद अधिकारियों ने 24 अप्रैल तक सड़क निर्माण पूरा करने का लिखित आश्वासन दिया, जिसके बाद आंदोलन स्थगित कर दिया गया।
दीपावली के समय से रुका हुआ कंक्रीटीकरण कार्य स्थानीय नागरिकों के लिए भारी परेशानी का कारण बना हुआ है। शहर में प्रवेश का मुख्य मार्ग होने के कारण यहां लगातार ट्रैफिक जाम, धूल की समस्या और व्यापारियों का आर्थिक नुकसान बढ़ता जा रहा है। इससे पहले बिजली के खंभे हटाने के लिए दिए गए 15 दिनों के आश्वासन के अधूरा रहने से जनता में गहरा असंतोष था।
आंदोलन के दौरान उदय सांगळे ने अधिकारियों से सीधे जवाब मांगा और देरी के लिए उन्हें जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने आरोप लगाया कि सड़क निर्माण शुरू करने से पहले बिजली संबंधी कार्य पूरे होने चाहिए थे, लेकिन प्रशासन के ढुलमुल रवैये के कारण नागरिकों को परेशानी झेलनी पड़ रही है। आंदोलन में शहर अध्यक्ष सजन सांगळे, पार्षद अनिल सरवार, आशा कर्पे, सविता कोठूरकर, दीपक श्रीमाली और योगेश सानप सहित कई पदाधिकारी शामिल हुए। मौके पर उपमुख्याधिकारी दीपक बंगाळ, अभियंता सौरभ गायकवाड और महावितरण के अधिकारी भी उपस्थित थे।
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आंदोलनकारियों की मांग पर महावितरण ने लिखित रूप में आश्वासन दिया है कि बिजली से संबंधित सभी कार्य 16 मार्च तक पूरे कर लिए जाएंगे। वहीं, नगर परिषद ने 24 अप्रैल तक सड़क निर्माण पूर्ण करने का वादा किया है। इसके साथ ही भैरवनाथ महाराज यात्रा से पूर्व कम से कम सोलिंग (सड़क की निचली परत) का काम पूरा करने की मांग भी मान ली गई है।
उदय सांगळे ने स्पष्ट चेतावनी दी कि यदि दिए गए आश्वासनों को समय सीमा के भीतर पूरा नहीं किया गया, तो इससे भी उग्र आंदोलन छेड़ा जाएगा। शहर अध्यक्ष सजन सांगळे और अनिल सरवार ने भी दो टूक कहा कि जब तक जनता की समस्या का समाधान नहीं होता, वे पीछे नहीं हटेंगे।