सिंहस्थ कुंभ 2027: साधुग्राम के लिए साधुओं ने मांगी 1000 एकड़ जमीन, प्रशासन 500 एकड़ पर अड़ा

Nashik News: सिंहस्थ कुंभ 2027 की तैयारी में साधु-संतों ने साधुग्राम के लिए 1000 एकड़ भूमि की मांग की है, जबकि प्रशासन केवल 500 एकड़ देने को तैयार है। इस खींचतान के बीच तैयारियां तेज की जा रही हैं।
सिंहस्थ कुंभ 2027 (pic credit; social media)
सिंहस्थ कुंभ 2027 (pic credit; social media)
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Simhastha Kumbh 2027: नासिक में होने वाले आगामी सिंहस्थ कुंभ मेले की तैयारियों ने अब जोर पकड़ लिया है, लेकिन साधुग्राम के लिए जमीन आवंटन को लेकर साधु-संतों और प्रशासन में खींचतान तेज हो गई है। साधुओं और महंतों ने साधुग्राम के लिए 1000 एकड़ जमीन की मांग रखी है, जबकि प्रशासन फिलहाल 500 एकड़ जमीन देने के पक्ष में है। इस नई मांग से प्रशासन की मुश्किलें बढ़ गई हैं।

हाल ही में जिला कलेक्टर जलज शर्मा, नगर आयुक्त मनीषा खत्री और कुंभ प्राधिकरण आयुक्त करिश्मा नायर ने साधुओं और महंतों से मुलाकात कर उनकी समस्याओं और अपेक्षाओं को सुना। बैठक के बाद अधिकारियों ने पंचवटी स्थित पंचमुखी हनुमान मंदिर, श्री दिगंबर अनी अखाड़ा, श्री लक्ष्मी नारायण मंदिर और तपोवन स्थित कपिल संगम सहित कई अखाड़ों का दौरा कर स्थिति का जायजा लिया।

जिलाधिकारी जलज शर्मा ने कहा कि कुंभ मेले में अब दो साल का समय है और इसी कारण विकास कार्यों को तेजी से पूरा करने पर जोर दिया जा रहा है। नगर निगम वर्तमान में 350 एकड़ भूमि पर साधुग्राम बसाने की योजना पर काम कर रहा है। इसमें से लगभग 700 एकड़ भूमि अस्थायी रूप से पट्टे पर ली जाएगी, जबकि शेष भूमि अन्य माध्यमों से उपलब्ध कराई जाएगी।

प्रशासन का अनुमान है कि इस बार करीब 4 लाख साधु-महंत कुंभ मेले में आएंगे। उनके आवास और बुनियादी सुविधाओं की व्यवस्था करना सबसे बड़ी चुनौती होगी। साधुओं ने अपनी मांग रखते हुए कहा कि 1000 एकड़ जमीन मिलने पर ही साधुग्राम को व्यवस्थित ढंग से विकसित किया जा सकता है।

साधु-संतों की ओर से तपोवन क्षेत्र में स्थायी पुलिस चौकी, पर्याप्त पेयजल, सड़कें और स्वच्छता संबंधी इंतजाम करने की भी मांग उठाई गई। प्रशासन ने भरोसा दिलाया कि किसानों की भूमि का अधिग्रहण केवल उनकी सहमति से होगा और उनका विश्वास जीतकर ही काम आगे बढ़ाया जाएगा।

प्रशासन ने यह भी घोषणा की कि साधुओं और महंतों की समस्याओं का समाधान करने के लिए तपोवन क्षेत्र में उप-कलेक्टर स्तर के अधिकारी की नियुक्ति की जाएगी। लक्ष्य यह है कि सिंहस्थ कुंभ इस बार पर्यावरण के अनुकूल, स्वच्छ और सुरक्षित आयोजन बन सके। अब सबकी निगाहें इस पर टिकी हैं कि साधुओं की 1000 एकड़ जमीन की मांग और प्रशासन के 500 एकड़ प्रस्ताव के बीच सहमति किस तरह बनती है।

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