नासिक सिंहस्थ कुंभ (सोर्स: सोाशल मीडिया)
Nashik Simhastha Kumbh 2027 Preparation: सिंहस्थ कुंभ मेला 2027 की तैयारियों को लेकर नासिक-त्र्यंबकेश्वर कुंभ मेला प्राधिकरण ने अपनी सक्रियता बढ़ा दी है। बुधवार को प्राधिकरण ने टेंट सिटी और साधुग्राम में अस्थायी बुनियादी ढांचों को ‘मानसून सुरक्षित’ बनाने के लिए तकनीकी भागीदारों के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक की। कुंभ मेला आयुक्त शेखर सिंह की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में मानसून के दौरान होने वाली चुनौतियों पर विस्तार से चर्चा की गई।
टेंट सिटी के लिए कड़े सुरक्षा मानक मानसून की बारिश और तेज हवाओं से बचाव के लिए प्रशासन ने इस बार उच्च तकनीकी मानकों को अनिवार्य किया है। जल और अग्निरोधक तंबू, मजबूत एंकरिंग व्यवस्था और डबल रूफ का उपयोग किया जाएगा।
NTKMA recently held a follow-up meeting with tent vendors and technical stakeholders to firm up climate-resilient planning for the Tent City and Sadhugram infrastructure for Simhastha Kumbh Mela 2027. NTKMA Commissioner Shekhar Singh said the authority’s objective is to eliminate… pic.twitter.com/a50v3ibA4R — Nashik Timbakeshwar Kumbh Mela Authority (@NTKMA_official) February 12, 2026
शॉर्ट सर्किट से बचने के लिए फायर-रिटाडेंट केबल और बारिश से सुरक्षित इलेट्रिकल पैनल लगाए जाएंगे। जल भराव रोकने के लिए ऊंचाई वाली फ्लोरिंग और बेहतर जल निकासी व्यवस्था की जाएगी। सिंहस्थ कुंभ 2027 को आधुनिक बनाने के लिए नासिक स्मार्ट सिटी कार्यालय में आयोजित प्रस्तुतिकरण के दौरान 32 महत्वपूर्ण प्रस्तावों का चयन किया गया। इनमें एआई आधारित भीड़ प्रबंधन, डिजिटल मंदिर प्रबंधन, स्मार्ट पार्किंग और कचरा प्रबंधन जैसे विषय शामिल हैं। मुख्यमंत्री सचिवालय और महाराष्ट्र राज्य इनोवेशन सोसाइटी के अधिकारियों की उपस्थिति में हुए इस आयोजन में कुंभाॉन इनोवेशन फाउंडेशन’ ने तकनीकी सहयोग प्रदान किया।
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इस महत्वपूर्ण बैठक और प्रेजेंटेशन में कुंभ मेला प्राधिकरण के एडिशनल कमिश्नर सौरीश सहाय, मुख्यमंत्री सचिवालय के प्रशासनिक अधिकारी खुपस मापारी, महाराष्ट्र स्टेट इनोवेशन सोसाइटी के मैनेजर अमित कौठावड़े और नासिक पुलिस के डिप्टी कमिश्नर किरण चव्हाण सहित कई वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए। आयुक्त शेखर सिंह ने कहा कि श्रद्धालुओं की सुरक्षा और निर्वाध सेवा वितरण के लिए वैज्ञानिक दृष्टिकोण से नियोजन किया जा रहा है ताकि इस बार ‘डिजिटल और हरित कुंभ’ का संकल्प पूरा हो सके।