प्रशांत पवार और संजय राउत (सौजन्य-सोशल मीडिया)
Prashant Pawar NCP: नागपुर में पूर्व डीसीएम एवं राष्ट्रवादी प्रमुख अजित पवार की विमान दुर्घटना में मौत के बाद आशंकाएं व्यक्त की जा रही हैं। रोहित पवार ने मुंबई और दिल्ली में प्रेस-कॉन्फ्रेंस लेकर अनेक मुद्दों को रखा और जांच की मांग की है। इसी क्रम में शिवसेना यूबीटी के प्रवक्ता संजय राउत ने भी दुर्घटना को संदेहास्पद बताते हुए विदर्भ के एक ‘बड़े नेता’ के फोन व भूमिका पर सवाल उठाया है।
राउत के इस बयान के बाद राष्ट्रवादी पार्टी अजित पवार गुट के प्रदेश प्रवक्ता प्रशांत पवार भड़क उठे। उन्होंने संजय राउत को महाराष्ट्र का लफंगा कहते हुए चुनौती दी है वे विदर्भ के उस नेता का नाम सार्वजनिक करें और सबूत भी दें। पवार ने राउत को जोकर बताते हुए कहा कि इनका काम रोज सुबह-सुबह अनापशनाप बयान देकर मीडिया में चलने का है।
इनसे तो राज्य की जनता भी त्रस्त हो गई है। उन्होंने संजय राउत को सुबह की लंफगेगिरी बंद करने की सलाह तक दी। रोहित पवार द्वारा भी ‘विदर्भ के बड़े नेता’ की भूमिका की जांच की बात कही गई है, इस पर पवार ने कहा कि अगर रोहित कुएं में कूदेंगे तो क्या संजय राउत भी कूदेंगे।
पवार ने चंद्रपुर में शिवसेना यूबीटी के 6 नगरसेवकों के भाजपा के साथ चले जाने को लेकर भी संजय राउत को आड़े हाथ लिया। उन्होंने कहा कि उद्धव ठाकरे ने कहा था कि भले ही विपक्ष में बैठना पड़े लेकिन कभी भाजपा के साथ नहीं जाएंगे लेकिन चंद्रपुर में ये अपने नगरसेवक तक संभाल नहीं पाए।
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इनकी नेता सुषमा अंधारे कहती हैं कि इस संबंध में पार्टी प्रमुख उद्धव ठाकरे से चर्चा हुई और उसके बाद भाजपा के साथ जाने का निर्णय लिया गया। इनकी कथनी और करनी में अंतर है। उन्होंने राउत को चुनौती दी है कि दम है तो विदर्भ के नेता का नाम सार्वजनिक करें, अन्यथा विदर्भ में कदम नहीं रखने देंगे।