‘अशोक खरात के पापों की सजा मुझे क्यों?’ जमानत याचिका पर सुनवाई के दौरान पत्नी कल्पना खरात के बयानों से सनसनी
Kalpana Kharat Bail Plea: अशोक खरात की पत्नी कल्पना खरात ने कोर्ट में पति पर लगाए गंभीर आरोप। कहा- 'पति के कर्मों की सजा मुझे क्यों मिले?' अग्रिम जमानत पर सुनवाई।
- Written By: अनिल सिंह
Kalpana Kharat Bail Plea Ashok Kharat (फोटो क्रेडिट-X)
Kalpana Kharat On Ashok Kharat Scam: नासिक के चर्चित घोटालेबाज अशोक खरात से जुड़े धोखाधड़ी और अवैध साहूकारी के मामले में एक नया और चौंकाने वाला मोड़ आ गया है। शिरडी पुलिस स्टेशन में दर्ज मामले में आरोपी और अशोक खरात की पत्नी कल्पना खरात ने अदालत में अपनी जमानत याचिका के दौरान खुद को पूरी तरह निर्दोष बताते हुए सारा ठीकरा अपने पति पर फोड़ दिया है। कल्पना खरात ने सीधे तौर पर सवाल उठाया कि उनके पति के कुकर्मों की सजा उन्हें क्यों दी जा रही है?
शिरडी के गोंडकर द्वारा दर्ज कराई गई शिकायत के अनुसार, अशोक खरात, उनकी पत्नी कल्पना और पांच अन्य पर जमीन के लेन-देन में धोखाधड़ी और अवैध रूप से ऊंची ब्याज दरों पर पैसे उधार देने का आरोप है। गिरफ्तारी से बचने के लिए फरार चल रही कल्पना खरात ने राहत अदालत (Relief Court) में अग्रिम जमानत याचिका दायर की थी, जिस पर सुनवाई के दौरान उनके वकील की दलीलों ने ‘वाल्या कोली’ (डाकू रत्नाकर, जो बाद में वाल्मीकि बने) की प्रसिद्ध कहानी की याद दिला दी।
‘पति ही संभालते थे बैंक खाते’
कल्पना खरात के वकील प्रशांत गिरी ने अदालत में दावा किया कि कल्पना किसी भी वित्तीय लेन-देन में शामिल नहीं थीं। वकील ने दलील दी, “कल्पना खरात के सभी बैंक खाते उनके पति कैप्टन अशोक खरात द्वारा संचालित किए जाते थे। केवल इसलिए कि उनके खाते से पैसे का लेनदेन हुआ, उन्हें अपराधी नहीं माना जा सकता। खुद वादी ने स्वीकार किया है कि कल्पना खरात किसी भी मीटिंग या प्रत्यक्ष लेन-देन के समय मौजूद नहीं थीं।”
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देरी से दर्ज एफआईआर पर सवाल
बचाव पक्ष ने अदालत का ध्यान इस ओर भी खींचा कि यह मामला कथित घटना के डेढ़ साल बाद दर्ज किया गया है। वकीलों का तर्क है कि जब अशोक खरात के खिलाफ अन्य घोटाले सामने आए, तब वादी ने अपनी जमीन वापस पाने के लालच में शिरडी पुलिस में यह शिकायत दर्ज कराई। उन्होंने यह भी कहा कि कल्पना खरात का कोई पुराना आपराधिक रिकॉर्ड नहीं है और वे ‘शिवसंकल्प हार्डवेयर’ नामक व्यवसाय के माध्यम से नियमित रूप से आयकर (Income Tax) का भुगतान करती हैं।
‘वाल्या कोली’ प्रसंग की चर्चा
अदालत के भीतर कल्पना खरात के इस रुख ने सभी को हैरान कर दिया है। जिस तरह वाल्या कोली की कहानी में उसके परिवार ने उसके पापों में हिस्सेदार बनने से इनकार कर दिया था, कुछ वैसा ही रुख यहाँ कल्पना खरात ने अपनाया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि न तो उन्होंने कभी ब्याज की मांग की और न ही वे किसी सौदे में गवाह थीं। इस मामले ने अशोक खरात की कानूनी मुश्किलों को और बढ़ा दिया है, क्योंकि अब उनके अपने ही परिवार के सदस्य उनके खिलाफ खड़े होते दिख रहे हैं।
