'मराठी नहीं आती तो लाइसेंस रद्द', प्रताप सरनाईक के फैसले के सपोर्ट में उतरे बॉलीवुड अभिनेता रितेश देशमुख

Riteish Deshmukh on Marathi Language Mandatory: रितेश देशमुख ने मराठी भाषा अनिवार्यता का समर्थन किया। विलासराव देशमुख की यादों को किया साझा। हड़ताल कर रहे चालकों को कड़ा संदेश दिया।
Riteish Deshmukh on Marathi Language Mandatory
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Riteish Deshmukh on Taxi Auto Strike: महाराष्ट्र में टैक्सी और ऑटो चालकों के लिए मराठी भाषा की अनिवार्यता को लेकर छिड़े विवाद के बीच, बॉलीवुड अभिनेता रितेश देशमुख ने परिवहन मंत्री प्रताप सरनाईक के फैसले का पुरजोर समर्थन किया है। राज्य परिवहन विभाग ने रितेश देशमुख और उनकी पत्नी जेनेलिया देशमुख को महाराष्ट्र राज्य सड़क परिवहन निगम (MSRTC) यानी एसटी बस (ST Bus) का आधिकारिक ब्रांड एंबेसडर नियुक्त किया है। इस मौके पर आयोजित कार्यक्रम में रितेश ने न केवल अपनी नई जिम्मेदारी पर खुशी जताई, बल्कि मराठी भाषा के मुद्दे पर भी बेबाक राय रखी।

रितेश देशमुख ने रिक्शा और टैक्सी चालकों की हड़ताल पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा, "महाराष्ट्र में मराठी भाषा अनिवार्य होनी चाहिए। जब हम किसी दूसरे राज्य में जाते हैं, तो हमें वहां की भाषा का सम्मान करना चाहिए और उसे बोलना चाहिए। महाराष्ट्र में भी यात्रियों की सुविधा के लिए मराठी अनिवार्य करना पूरी तरह सही निर्णय है।" उन्होंने स्पष्ट किया कि सार्वजनिक सेवाओं में स्थानीय भाषा का ज्ञान होना एक आवश्यकता है, न कि कोई विकल्प।

विलासराव देशमुख और एसटी बस का भावनात्मक रिश्ता

ब्रांड एंबेसडर नियुक्त होने के बाद रितेश अपने पिता और महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री स्वर्गीय विलासराव देशमुख की यादों में खो गए। उन्होंने बताया, "साहब (विलासराव जी) को एसटी बसों से गहरा लगाव था। उनके बचपन और जवानी का एक बड़ा हिस्सा इन बसों में सफर करते हुए बीता। बाभलगांव में आज भी उनकी एक तस्वीर है जिसमें वे बस की खिड़की वाली सीट पर बैठे नजर आते हैं। वे अक्सर हमें बस की घंटी वाली रस्सी खींचने और किराये के गणित के किस्से सुनाते थे।" रितेश ने गर्व के साथ कहा कि एसटी बसें उनके परिवार की विरासत का हिस्सा रही हैं।

प्रताप सरनाईक की 'इलेक्ट्रिक' दूरदृष्टि

रितेश ने परिवहन मंत्री प्रताप सरनाईक द्वारा विभाग में किए जा रहे बदलावों की भी सराहना की। उन्होंने कहा कि जल्द ही महाराष्ट्र के बेड़े में नई इलेक्ट्रिक बसें शामिल होंगी, जो पर्यावरण के लिए एक क्रांतिकारी कदम होगा। साथ ही, उन्होंने सड़क सुरक्षा पर जोर देते हुए 'ड्रिंक एंड ड्राइव' के खिलाफ कड़ा संदेश दिया। उन्होंने कहा, "हम शराब पीकर गाड़ी चलाने को हल्के में लेते हैं, जबकि यह अधिकांश सड़क दुर्घटनाओं का मुख्य कारण है। हमें नियमों का सख्ती से पालन करना होगा।"

जेनेलिया का मुंबई बस का अनुभव

रितेश देशमुख ने अपनी पत्नी जेनेलिया के बारे में बताते हुए कहा कि हालांकि उनका जन्म लातूर में नहीं हुआ, लेकिन उन्होंने मुंबई की बसों में काफी सफर किया है। अब दोनों मिलकर एसटी बस की छवि सुधारने और यात्रियों को सुरक्षित सफर के प्रति जागरूक करने के लिए काम करेंगे।

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