ओझर में उर्दू स्कूल के नए भवन पर विवाद, मैदान की कमी और नई शिक्षा नीति का दिया हवाला, नागरिकों ने जताई आपत्ति
Ozar Urdu School Controversy: ओझर के मारुति वेस क्षेत्र में उर्दू स्कूल के नए भवन के भूमिपूजन के बाद मैदान की कमी और नई शिक्षा नीति का हवाला देते हुए स्थानीय नागरिकों ने निर्माण पर आपत्ति जताई है।
- Written By: आंचल लोखंडे
school land dispute (सोर्सः सोशल मीडिया)
Nashik Education Issue: कस्बे के मारुति वेस क्षेत्र में स्थित जिला परिषद उर्दू स्कूल के नए भवन का भूमिपूजन विधायक दिलीप बनकर के हाथों संपन्न हुआ, लेकिन भूमिपूजन के तुरंत बाद ही इस निर्माण को लेकर स्थानीय स्तर पर विरोध के स्वर मुखर हो गए हैं। नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति के प्रावधानों के मद्देनजर स्थानीय नागरिकों ने स्कूल की मंजूरी और निर्माण अनुमति पर गंभीर सवाल उठाए हैं।
ऐतिहासिक पृष्ठभूमि और विवाद का कारण
लगभग 100 वर्ष पुरानी इस जिला परिषद स्कूल में पहले मराठी माध्यम की कक्षाएं चलती थीं, लेकिन बाद में यहां उर्दू माध्यम शुरू किया गया। स्कूल की पुरानी खपरैल वाली इमारत जर्जर होने के कारण उसे ढहा दिया गया था। इसके बाद विधायक निधि से नई इमारत के निर्माण को मंजूरी दी गई, जिसके तहत हाल ही में भूमिपूजन किया गया।
नई शिक्षा नीति और मैदान की अनिवार्यता
स्थानीय नागरिकों और जनप्रतिनिधियों का तर्क है कि नई शिक्षा नीति 2020 के अनुसार खेल अब केवल सह-पाठयक्रम का हिस्सा नहीं, बल्कि मुख्य पाठ्यक्रम का अंग है। ऐसे में प्रत्येक स्कूल के लिए खेल का मैदान अनिवार्य है। संबंधित स्थल पर मैदान के लिए पर्याप्त जगह न होने के कारण ग्रामीणों ने सवाल उठाया है कि विभाग ने नियमों की अनदेखी कर अनुमति कैसे दी।
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अस्पताल निर्माण की मांग
क्षेत्र की नगरसेविका रूपाली महाले और रोहित लभडे सहित कई ग्रामीणों ने विधायक दिलीप बनकर को ज्ञापन सौंपा है। इसमें मांग की गई है कि उर्दू स्कूल का निर्माण मराठी स्कूल के पास उपलब्ध खाली जमीन पर किया जाए और मारुति वेस की वर्तमान जगह पर एक सुसज्जित सरकारी अस्पताल बनाया जाए।
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हस्ताक्षर अभियान से बढ़ा दबाव
विरोध के तहत मारुति मंदिर परिसर में हस्ताक्षर अभियान चलाया गया, जिसमें बड़ी संख्या में नागरिकों ने भाग लिया। इसके अलावा नगर परिषद के मुख्याधिकारी किरण देशमुख की उपस्थिति में हुई बैठक में भी सरकारी अस्पताल की मांग प्रमुखता से उठाई गई। अब ओझरवासियों की नजर इस पर टिकी है कि प्रशासन नियमों के आधार पर स्कूल निर्माण जारी रखता है या जनभावनाओं को देखते हुए अस्पताल की मांग पर विचार करता है।
