अशोक खरात केस में नया मोड़: चाकणकर के खिलाफ सुषमा अंधारे का बड़ा खुलासा, ‘गुरु-शिष्य’ के रिश्तों की होगी जांच
Rupali Chakankar SIT Summons: अशोक खरात मामले में रूपाली चाकणकर को SIT का समन्स। 'शिवनिका' संस्था के वित्तीय लेन-देन और खरात से संबंधों को लेकर होगी कड़ी पूछताछ।
- Written By: अनिल सिंह
Rupali Chakankar SIT Summons (फोटो क्रेडिट-X)
Ashok Kharat Shivnika Sanstha: महाराष्ट्र राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) की नेता रूपाली चाकणकर की मुश्किलें अशोक खरात मामले में बढ़ती नजर आ रही हैं। ताजा जानकारी के अनुसार, इस हाई-प्रोफाइल मामले की जांच कर रही विशेष जांच टीम (SIT) ने चाकणकर को समन्स जारी किया है। शिवसेना (UBT) की प्रवक्ता सुषमा अंधारे ने सोशल मीडिया पर इस खबर की पुष्टि करते हुए दावा किया है कि आखिरकार SIT ने चाकणकर को पूछताछ के लिए बुलाया है।
यह मामला ‘भोंदूबाबा’ अशोक खरात की संस्था ‘शिवनिका’ से जुड़ा है, जिसमें रूपाली चाकणकर निदेशक (Director) के पद पर कार्यरत थीं। पुलिस अब इस संस्था के माध्यम से किए गए संदिग्ध आर्थिक लेन-देन और कोष (Fund) के उपयोग की गहराई से जांच कर रही है।
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‘शिवनिका’ संस्था और आर्थिक लेन-देन का जाल
अशोक खरात ने ‘शिवनिका’ नामक संस्था के जरिए करोड़ों रुपये का हेरफेर किया था। चूंकि रूपाली चाकणकर इस संस्था के बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स में शामिल थीं, इसलिए SIT अब उन सभी वर्तमान और पूर्व सदस्यों से पूछताछ कर रही है जो खरात के वित्तीय निर्णयों का हिस्सा थे। जांच का मुख्य केंद्र यह है कि क्या संस्था के धन का उपयोग खरात के निजी दौरों, विलासितापूर्ण जीवन या अन्य गैर-कानूनी गतिविधियों के लिए किया गया था। चाकणकर को खरात का करीबी माना जाता रहा है, और अब यह संबंध उनके राजनीतिक करियर के लिए चुनौतीपूर्ण साबित हो रहा है।
पत्रकार को नोटिस और खरात का बचाव
रूपाली चाकणकर पर आरोप है कि उन्होंने पद का दुरुपयोग करते हुए अशोक खरात का बचाव किया था। अतीत में, जब एक स्थानीय पत्रकार ने बिना नाम लिए खरात के खिलाफ धोखाधड़ी की खबर प्रकाशित की थी, तब चाकणकर ने उस पत्रकार को कानूनी नोटिस भेजकर माफी मांगने का दबाव बनाया था। इतना ही नहीं, उन्होंने पुलिस से पत्रकार के खिलाफ कार्रवाई करने की भी सिफारिश की थी। SIT अब इस कोण से भी जांच कर रही है कि क्या खरात को राजनीतिक संरक्षण प्राप्त था, जिसके कारण वह इतने समय तक कानून की पकड़ से बाहर रहा।
अशोक खरात की पुलिस कस्टडी में बढ़ोत्तरी
इस बीच, अशोक खरात को आज कोर्ट में पेश किया गया जहाँ पुलिस ने उसकी हिरासत बढ़ाने की मांग की। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद, अदालत ने खरात को चार दिन की अतिरिक्त पुलिस कोठडी (1 अप्रैल 2026 तक) में भेज दिया है। पुलिस का तर्क है कि खरात के लैपटॉप और मोबाइल से कई महत्वपूर्ण डेटा रिकवर किए जाने बाकी हैं, जो रूपाली चाकणकर और अन्य रसूखदार लोगों की संलिप्तता पर और अधिक प्रकाश डाल सकते हैं।
