मुंबई लोकल में हैवानियत: दिव्यांग कोच में घुसकर दबंगों ने विकलांग को पीटा, चलती ट्रेन से फेंकने की कोशिश

Mumbai Local Train Attack: मुंबई की कर्जत फास्ट लोकल में दिव्यांग यात्री पर 5-6 लोगों ने बर्बर हमला किया। पीड़ित को चलती ट्रेन से फेंकने की कोशिश की गई। सुरक्षा पर उठे सवाल।
Karjat Fast Local Disabled Passenger
Karjat Fast Local Disabled Passenger (फोटो क्रेडिट-X)
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Karjat Fast Local Disabled Passenger: मुंबई की लाइफलाइन कही जाने वाली लोकल ट्रेनों से एक ऐसी रूह कंपा देने वाली घटना सामने आई है, जिसने यात्रियों की सुरक्षा और मानवीय संवेदनाओं पर गहरे सवाल खड़े कर दिए हैं। छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनस (CSMT) से रवाना हुई कर्जत फास्ट लोकल के दिव्यांग डिब्बे में एक दिव्यांग व्यक्ति पर 5-6 लोगों के समूह द्वारा बर्बर हमले का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। यह घटना न केवल शारीरिक हिंसा का प्रमाण है, बल्कि सार्वजनिक परिवहन में आरक्षित श्रेणियों की सुरक्षा व्यवस्था की पोल भी खोलती है।

27 मार्च शुक्रवार दोपहर 2:45 बजे की इस ट्रेन में जो कुछ हुआ, उसने डिब्बे में मौजूद अन्य यात्रियों को भी दहशत में डाल दिया। भायखला स्टेशन से चढ़े कुछ दबंगों ने नियम ताक पर रखकर दिव्यांग कोच में प्रवेश किया और एक पोलियो ग्रस्त व्यक्ति को अपनी हैवानियत का निशाना बनाया। घटना के दौरान हमलावरों ने जिस तरह की क्रूरता दिखाई, उससे एक बड़ा हादसा हो सकता था।

भायखला से घुसे दबंग, कुर्ला तक मचाया तांडव

जानकारी के मुताबिक, पीड़ित व्यक्ति दोनों पैरों से दिव्यांग (पोलियो प्रभावित) है और वह छठे कोच (दिव्यांग आरक्षित) में सफर कर रहा था। भायखला स्टेशन पर 5-6 हट्टे-कट्टे युवक इस डिब्बे में घुस आए। दादर और कुर्ला स्टेशन के बीच इन लोगों ने मामूली बात पर दिव्यांग व्यक्ति के साथ गाली-गलौज शुरू की और देखते ही देखते उसे नीचे गिराकर बेरहमी से पीटना शुरू कर दिया। प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि हमलावर उसे घसीटते हुए दरवाजे तक ले गए, जिससे ऐसा प्रतीत हो रहा था कि वे उसे चलती ट्रेन से बाहर फेंकने की कोशिश कर रहे थे।

कुर्ला में फरार हुए आरोपी, सुरक्षा पर उठे गंभीर सवाल

हैरानी की बात यह है कि पूरी वारदात के दौरान लोकल ट्रेन में कोई भी सुरक्षाकर्मी मौजूद नहीं था। आरोपी कुर्ला स्टेशन पर बेखौफ होकर उतर गए, जबकि लहूलुहान पीड़ित घाटकोपर स्टेशन पर उतरा। हालांकि, डर के मारे या किसी अन्य कारण से पीड़ित ने अभी तक औपचारिक शिकायत (FIR) दर्ज नहीं कराई है। इस घटना ने रेलवे सुरक्षा बल (RPF) और राजकीय रेलवे पुलिस (GRP) की कार्यप्रणाली पर सवालिया निशान लगा दिए हैं। सवाल यह है कि आरक्षित कोचों में अनाधिकृत यात्रियों का प्रवेश रोकने के लिए तैनात दस्ता कहाँ था?

सोशल मीडिया पर आक्रोश: कार्रवाई की मांग

इस घटना का वीडियो वायरल होने के बाद रेल यात्रियों और दिव्यांग संगठनों में भारी आक्रोश है। लोग रेल मंत्रालय और मध्य रेलवे से मांग कर रहे हैं कि सीसीटीवी फुटेज के आधार पर हमलावरों की पहचान कर उनके खिलाफ हत्या के प्रयास का मामला दर्ज किया जाए। यात्रियों का कहना है कि यदि आरक्षित कोचों में भी दिव्यांग सुरक्षित नहीं हैं, तो रेलवे की सुरक्षा व्यवस्था का दावा खोखला है। प्रशासन से मांग की जा रही है कि दिव्यांग डिब्बों में सुरक्षा कर्मियों की गश्त बढ़ाई जाए ताकि भविष्य में ऐसी अमानवीय घटनाओं को रोका जा सके।

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