नासिक: पश्चिम एशिया युद्ध का सिंहस्थ के कामों पर असर; डामर की भारी किल्लत से सड़कों का निर्माण प्रभावित
Nashik Road Construction: पश्चिम एशिया युद्ध के चलते नासिक में डामर की किल्लत हो गई है, जिससे सिंहस्थ कुंभ मेले के तहत चल रहे ₹1230 करोड़ के सड़क निर्माण कार्य और मानसून पूर्व मरम्मत प्रभावित हुई है।
- Written By: रूपम सिंह
सिंहस्थ के कामों पर असर (फोटो सोर्स- सोशल मीडिया)
Simhastha Kumbh Mela Nashik Road Construction: पश्चिम एशिया में जारी युद्ध का असर अब नासिक के सड़क विकास कार्यों पर भी दिखाई देने लगा है। सिंहस्थ कुंभ मेले की तैयारी के तहत शहर में युद्धस्तर पर चल रहे सड़क निर्माण और मरम्मत कार्य डामर की भारी कमी से प्रभावित हो रहे हैं। इसके कारण कई स्थानों पर काम की गति धीमी पड़ गई है, जबकि मानसून आने में अब केवल कुछ ही दिन शेष हैं।
नासिक महानगरपालिका द्वारा सिंहस्थ की पृष्ठभूमि में करीब 1230 करोड़ रुपये की लागत से नासिक शहर की 28 प्रमुख सड़कों के विकास कार्य शुरू किए गए हैं। भविष्य में बार-बार सड़कें न खोदनी पड़ें, इसके लिए गैस पाइपलाइन, जलापूर्ति, ड्रेनेज और ऑप्टिकल फाइबर के लिए अलग यूटिलिटी डक्ट भी बनाए जा रहे हैं। हालांकि इन कार्यों के चलते शहर की कई सड़कें खोदी गई हैं, जिससे यातायात व्यवस्था बुरी तरह प्रभावित हो रही है।
डामर की कमी के कारण सड़कों का काम अधूरा
शहर में जगह-जगह खुदी सड़कें, उड़ती धूल और लगातार बढ़ते ट्रैफिक जाम के कारण नागरिकों में नाराजगी बढ़ने लगी है। डामर की कमी के चलते कई मार्गों पर काम अधूरा पड़ा है, जिससे महानगरपालिका के सामने मानसून से पहले सड़कों को सुरक्षित और यातायात योग्य बनाने की बड़ी चुनौती खड़ी हो गई है।
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इस स्थिति को गंभीरता से लेते हुए नासिक महानगरपालिका आयुक्त मनीषा खत्री ने संबंधित विभागों की समीक्षा बैठक लेकर सड़कों को जल्द पूर्ववत करने के निर्देश दिए हैं। इसके बाद प्रभारी शहर अभियंता रवींद्र धारणकर ने 18 ठेकेदारों की बैठक लेकर सड़क किनारे जमा मिट्टी हटाने, गड्ढे भरने और सड़क क्रॉसिंग को सुरक्षित बनाने के निर्देश दिए। प्रशासन अब मानसून से पहले अधूरे कार्य तेजी से पूरा करने की कोशिश में जुटा है।
