नासिक में बारिश ने दशहरे का रंग किया फीका, फूल किसानों पर टूटा कहर, लाखों का नुकसान

Nashik News: नासिक में दशहरे से पहले हुई बारिश ने फूल किसानों की मेहनत पर पानी फेर दिया। खेतों में खिले फूल बर्बाद हो गए। किसानों को लाखों का नुकसान हुआ है।
फूल किसानों पर संकट (pic credit; social media)
फूल किसानों पर संकट (pic credit; social media)
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Heavy Rain in Nashik: महाराष्ट्र के नासिक में भारी बारिश ने दशहरा पर्व की रौनक को फीका कर दिया है। इस त्योहार पर हर साल गेंदे के फूलों की भारी मांग रहती है, लेकिन इस बार बारिश के कारण फूलों की आपूर्ति में भारी कमी आई। बारिश की वजह से फूल उत्पादकों की लागत भी नहीं निकल पाई है। खेतों में खिले फूल भीगकर खराब हो गए, जिससे किसानों और व्यापारियों को बड़ा नुकसान हुआ।

स्थानीय मंडियों में गेंदे के फूल सीमित मात्रा में ही पहुंचे। किसानों ने बताया कि बारिश की वजह से फूल गिर गए और गीले होने के कारण उन्हें तोड़ने में भी दिक्कत हुई।

एक किसान गोकुल ने समाचार एजेंसी आईएएनएस से बातचीत में कहा, “बारिश ने फूल खराब कर दिए। मंडी तक माल नहीं पहुंच सका और जो पहुंचा, उसकी क्वालिटी अच्छी नहीं थी। खर्च भी नहीं निकल पाया। इसके चलते फूलों की कीमतें दोगुनी हो गईं, लेकिन ग्राहक महंगे दामों के कारण कम खरीदारी कर रहे हैं।”

एक अन्य किसान चंपतराय ने बताया, “अत्यधिक बारिश ने फूलों को बहुत नुकसान पहुंचाया। मांग कम होने से हमें आर्थिक नुकसान झेलना पड़ रहा है।” उन्होंने सरकार से मांग की कि फूल उत्पादक किसानों के लिए विशेष सहायता योजना शुरू कीजाए ताकि प्राकृतिक आपदाओं से होने वाले नुकसान से बचा जा सके।

एक ग्राहक ने भी अपनी बात रखी। उसने कहा, “दशहरे की वजह से फूलों की मांग बढ़ी है, लेकिन कीमतें इतनी ज्यादा हैं कि पहले की तुलना में अब कम कीमत वाले फूल भी महंगे लग रहे हैं।” मंडी में व्यापारियों ने भी शिकायत की कि खराब क्वालिटी और कम आपूर्ति के कारण अपेक्षित मुनाफा नहीं मिल रहा।

किसानों का कहना है कि अगर मौसम साफ रहता तो दशहरा सीजन में अच्छा मुनाफा हो सकता था। बारिश ने उनकी उम्मीदों पर पानी फेर दिया। अब किसान और व्यापारी बदलते मौसम और प्राकृतिक आपदाओं से निपटने के लिए ठोस कदम उठाने की मांग कर रहे हैं। स्थानीय प्रशासन ने किसानों की समस्याओं पर विचार करने का आश्वासन दिया है।

(News Source-आईएएनएस)

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